जाति ने जिन्हें पीढ़ियों से अवसर और वर्चस्व दिया, वे आरक्षण आते ही कहते हैं - जाति नहीं, गरीबी देखो। विशेषाधिकार लेते वक्त जाति ठीक थी, हिस्सेदारी देते वक्त गरीबी याद आ गई?
माननीय राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह जी एवं शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर डी. एन. एन. एस. यादव जी द्वारा मुझ पर विश्वास करके मुझे प्रदेश सचिव का दायित्व देने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व एवं प्रदेश संगठन का हृदय से आभार एवं धन्यवाद।