राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी🔰🙏
आएगा हनुमान बदलेगा राजस्थान सरकार
@hanumanbeniwal77
नाम _ LUNSA SIYAG RLP
विधानसभा क्षेत्र शिव
जिला बाड़मेर
राजस्थान
RLP
अंता में प्रमोद भाया चुनाव जीतने का कारण यही हे ओर फिर जनता ही बोलती हे विकाश नहीं करवाया अगर यही तरीका था चुनाव जीतने का, तो फिर विकास के नाम पर किया गया वादों का ढोंग किसके लिए था?
जनता कह रही है—ये जीत नहीं, खरीदी हुई कुर्सी लगती है।
नोटों से मिली जीत कितने दिन चलेगी… ये जनता ही तय करेगी।”
#अंता_विधानसभा_उपचुनाव
@NareshMeena__@arvindchotia@ashokshera94
गिरल में कौनसी मांगो पर सहमति बनी कोई बताएगा क्या विस्तार है......??
जो पहले मांगे मान रहे वो ही या अलग
मजदूर को बैठे हुए को भी सैलेरी या .....??🤔🤔
#गिरल_मजदूर_आन्दोलन#गिरल_रोजगार_आंदोलन#गिरल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हनुमान बेनीवाल का समाज से बहिष्कार करने की बात पर.......
“लीद काढ़ दयान्गा हड़मान को समाज स्यु बहिष्कार करण आळा की, हड़मान क साग हाँ म्हे ” @hanumanbeniwal
हनुमान जी जिस पर भी आरोपी लगाते है पुरे तथ्यों के बाद ही लगाते है....
प्रेमचंद बैरवा के ज़मीन नहीं होने वाले बयान पर बोला कि उनको बोलो मुझे लीगल नोटिस भेजें, उसका जवाब मैं दूंगा.... @hanumanbeniwal
@hanumanbeniwal@BhajanlalBjp इनको क़ानून व्यवस्था और आमजन से कोई मतलब नहीं भाई साहब …
मूर्खाधिराज अभी आरएलपी कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ़्तार करने में बीजी है ।
जयपुर जिले के मनोहरपुर में भाजपा नेता रामवतार असवाल उर्फ पप्पू जी की क्रूरतापूर्वक हत्या हो जाना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp अपराध नियंत्रण के दावे करते नहीं थकते, लेकिन ज़मीन पर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद नज़र आ रहे हैं। सवाल यह है कि जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता तक सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करती होगी ?
दिवंगत रामवतार असवाल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
राज्य सरकार से मांग है कि इस हत्याकांड में संलिप्त सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी करके उन्हें कठोरतम सजा दिलवाए |
#जंगलराज_राजस्थान
@RajCMO@IgpJaipur
जयपुर जिले के मनोहरपुर में भाजपा नेता रामवतार असवाल उर्फ पप्पू जी की क्रूरतापूर्वक हत्या हो जाना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp अपराध नियंत्रण के दावे करते नहीं थकते, लेकिन ज़मीन पर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद नज़र आ रहे हैं। सवाल यह है कि जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता तक सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करती होगी ?
दिवंगत रामवतार असवाल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
राज्य सरकार से मांग है कि इस हत्याकांड में संलिप्त सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी करके उन्हें कठोरतम सजा दिलवाए |
#जंगलराज_राजस्थान
@RajCMO@IgpJaipur
27 मई की महारैली मे अपने ओजस्वी भजनो से मन मोहने वाले आदरणीय प्रकाशदास जी महाराज और अन्य संत कल शाम न्याय योद्धा हनुमान जी के आवास पर....❤️ @hanumanbeniwal
@hanumanbeniwal खनन माफिया इतने बेखौफ तभी होते हैं जब उन्हें सत्ता और सिस्टम का संरक्षण मिलने का भरोसा हो। वरना ग्रामीणों पर गोलियां चलाकर कोई यूं खुलेआम नहीं घूमता
@hanumanbeniwal संत समाज के सम्मान और भैराणा धाम की पवित्रता से कोई समझौता स्वीकार नहीं। सरकार को 27 मई के समझौते पर तत्काल अमल कर अपने वादे निभाने चाहिए, अन्यथा जनआंदोलन और तेज होगा।
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO
मूर्खाधिराज मंडली सुरक्षा रख अपने पास, जिसके एक छोटे से ट्वीट पर लाखों आ सकते है, तो करोड़ो भी आ सकते है, जिसके लिए हंसते हंसते जेल जा सकते है, तो करोड़ो लोग गोली भी खा सकते है 💥🫂
हमे इतना छेड़ो मत, हम याद ज्यादा रखते है 🫵💀
Z+ Security of Sher A Rajasthan🚨