आज स्वर्गीय मोती राम जी भंवरिया की शोक सभा में सम्मिलित होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल दें।
ॐ शांति।
राजस्थान प्रदेश सहित देश के अलग-अलग कोचिंग में आग लगने से ,पानी भरने से ,जुलूसने से ,बिल्डिंग गिरने से दर्जन से ज्यादा मामले हुए, लेकिन सरकार को जान की कोई परवाह नहीं रही।
जंगल राज
दौसा जिले के निवासी एवं संविदा नर्सिंग कार्मिक स्वर्गीय दीपक खारवाल को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज एसएमएस अस्पताल, जयपुर के बाहर उनके परिजन एवं नर्सिंग कर्मी शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। ऐसे संवेदनशील और दुःखद मामले में न्याय की मांग कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है।
एक परिवार अपने बेटे को खो चुका है, ऐसे समय में उन्हें संवेदना, संवाद और न्याय की आवश्यकता है, न कि बल प्रयोग की। लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
राज्य सरकार को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए तथा दिवंगत दीपक खारवाल के परिवार को न्याय एवं उचित सहायता प्रदान करनी चाहिए।
स्वर्गीय दीपक खारवाल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति। 🙏🏻
जनसंघर्ष की एक और जीत।
सत्य, संघर्ष और जनता की ताकत के आगे आखिरकार अन्याय को झुकना पड़ा।
डॉ. श्रवण चौधरी की रिहाई केवल एक व्यक्ति की रिहाई नहीं, बल्कि उन हज़ारों युवाओं, किसानों और आमजन की आवाज़ की जीत है जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जेल की सलाखें उनके कदमों को कुछ समय के लिए रोक सकती थीं, लेकिन उनके विचारों, संकल्प और जनसमर्थन को नहीं। जिस आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई, वह आज और अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच लौट रही है।
यह रिहाई बताती है कि लोकतंत्र में जनशक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। संघर्ष का रास्ता कठिन जरूर होता है, लेकिन जब उद्देश्य जनता के हित और न्याय की रक्षा हो, तब जीत अंततः सत्य की ही होती है।
स्वागत है डॉ. श्रवण चौधरी!
आपका संघर्ष, साहस और जनता के प्रति समर्पण हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है।
"जो सच के लिए लड़ते हैं,
उन्हें दीवारें रोक नहीं पातीं।
जो जनता के दिलों में बसते हैं,
उन्हें सलाखें झुका नहीं पातीं।"
संघर्ष जारी रहेगा,
जनता की आवाज़ बुलंद रहेगी। ✊🏻
— डॉ. श्रवण चौधरी
रिहाई नहीं, जनआवाज़ की जीत है।
#TeamDrShravanChoudhary #TeamHB
#DrShravanChoudhary #RLPOsian
ओसियां विधानसभा क्षेत्र के गोपासरिया गांव में विद्युत विभाग द्वारा पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर किसानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई बेहद निंदनीय है।
जब किसानों पर बिजली बिल का कोई बकाया नहीं है, तब भी राजनीतिक द्वेष और दबाव में आकर ट्रांसफॉर्मर उतारना तथा किसानों को परेशान करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। यह कार्रवाई किसानों की आजीविका और उनके अधिकारों पर सीधा हमला है।
किसान दिन-रात मेहनत करके अन्न पैदा करता है, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उने प्रताड़ित करने में लगी हैं। यदि किसानों के साथ इसी प्रकार की मनमानी जारी रही, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
हम मांग करते हैं कि गोपासरिया के किसानों के साथ हो रहे इस अन्याय को तुरंत रोका जाए, उतारे गए ट्रांसफॉर्मर वापस लगाए जाएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
किसान कमजोर नहीं है, किसान इस देश की रीढ़ है।
किसानों के सम्मान और अधिकारों पर चोट बर्दाश नहीं की जाएगी
संघर्ष की जीत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत, समर्पण और विश्वास की जीत होती है।
रिहाई के पश्चात आज नागौर सांसद श्री हनुमान जी बेनीवाल से शिष्टाचार मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। संघर्ष के इस दौर में उनका समर्थन, मार्गदर्शन और विश्वास निरंतर प्रेरणा देता रहा।
इस कठिन समय में अधिवक्ता सुनील नेहरा जी, उमेश चौधरी जी, बलराम जाखड़ जी, नरेश जाखड़ जी, रोहित कुमार माचवाल जी, सुशील जी मंगावा, ओमप्रकाश चौधरी जी सहित पूरी टीम ने एकजुट होकर हर स्तर पर मजबूती से साथ निभाया। संघर्ष के प्रत्येक पड़ाव पर आप सभी का समर्पण, सहयोग और विश्वास इस लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत रहा। आप सभी का हृदय से आभार।
साथ ही उन सभी युवाओं, किसानों, शुभचिंतकों एवं आमजन का भी धन्यवाद, जिन्होंने हर परिस्थिति में अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया। यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि जनता की आवाज़, युवाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए थी।
संघर्ष के दिनों ने एक बात और स्पष्ट कर दी कि जब उद्देश्य जनहित का हो, तो साथ चलने वालों की ताकत किसी भी चुनौती से बड़ी होती है।
✊ जनता का विश्वास, साथियों का समर्पण और सत्य की शक्ति ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। जनहित की यह लड़ाई आगे भी पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ जारी रहेगी।
– डॉ. श्रवण चौधरी
#DrShravanChoudhary #HanumanBeniwal #RLP #जनसंघर्ष #सत्य_की_जीत @drshravanosian
जनसंघर्ष की एक और जीत।
सत्य, संघर्ष और जनता की ताकत के आगे आखिरकार अन्याय को झुकना पड़ा।
डॉ. श्रवण चौधरी की रिहाई केवल एक व्यक्ति की रिहाई नहीं, बल्कि उन हज़ारों युवाओं, किसानों और आमजन की आवाज़ की जीत है जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सत्य को दबाया जा सकता है, हराया नहीं जा सकता।
झूठे आरोपों और दबाव की राजनीति के बीच भी सच अपना रास्ता बना ही लेता है।
संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत हमेशा होती है।
"सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।" ✊🏻
— डॉ. श्रवण चौधरी
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP)
@drshravanosian
जेल की सलाखों में मुझे कैद किया जा सकता है,
लेकिन मेरे विचारों और मेरे संघर्ष को नहीं।
झूठे मुकदमे, प्रशासनिक दबाव और सत्ता का अहंकार हमारे हौसलों को कमजोर नहीं कर सकते। हम जनता, जवान और किसान के अधिकारों की लड़ाई पहले भी लड़ रहे थे और आगे भी पूरी मजबूती से लड़ते रहेंगे।
न झुकेंगे, न रुकेंगे, न डरेंगे।
संघर्ष जारी है, जीत सच और जनता की होगी।
— डॉ. श्रवण चौधरी
@drshravanosian
छठा दिन... लेकिन हौसला आज भी उतना ही बुलंद है।
जेल की सलाखें किसी इंसान को रोक सकती हैं, लेकिन उसके विचारों और जनसमर्थन को नहीं। आज हिरासत का छठा दिन है। सत्ता और प्रशासन चाहे जितने प्रयास कर लें, झूठे मुकदमों और दबाव की राजनीति से हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं, किसानों और आम लोगों का है जिनकी आवाज़ को बार-बार अनदेखा किया गया है। जब जनता के सवालों का जवाब नहीं होता, तब दमन का रास्ता चुना जाता है। लेकिन इतिहास गवाह है कि अन्याय के खिलाफ उठी आवाज़ कभी पराजित नहीं होती।
हर बीतते दिन के साथ हमारा संकल्प और मजबूत हो रहा है। हम साफ कहना चाहते हैं कि न जेल का भय, न झूठे मुकदमे और न ही सत्ता का दबाव हमें अपने रास्ते से डिगा सकता है। हमारा उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाना है।
संघर्ष जारी है, संकल्प अटल है।
न झुकेंगे, न रुकेंगे, न बिकेंगे।
जवान, किसान और आमजन के हक़ की लड़ाई पहले भी लड़ी थी, आज भी लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे।
"जुल्म की दीवारें चाहे कितनी भी ऊंची हों,
सच की आवाज़ को रोक नहीं सकतीं।
जो जनता के हक़ में खड़ा होता है,
उसे सलाखें भी झुका नहीं सकतीं।"
— डॉ. श्रवण चौधरी
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ✊🏻
संघर्ष करने वाले लोग परिस्थितियों से नहीं, अपने संकल्प से पहचाने जाते हैं। डॉ. श्रवण चौधरी को हिरासत में रखकर उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन उन विचारों को नहीं रोका जा सकता जो हजारों युवाओं और आम लोगों के दिलों में जगह बना चुके हैं।
@drshravanosian
5 दिन नहीं, यह संघर्ष के इतिहास में दर्ज होने वाले वो दिन हैं, जब एक जननेता को सलाखों के पीछे रखकर भी उसकी आवाज़ को खामोश नहीं किया जा सका।
डॉ. श्रवण चौधरी आज भी रिहा नहीं हुए हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता को सबसे ज्यादा डर उस व्यक्ति से लगता है जो जनता के हक़ की लड़ाई ईमानदारी से लड़ता है।
जिस व्यक्ति ने युवाओं की आवाज़ उठाई, बेरोजगारों के लिए संघर्ष किया, किसानों और आमजन के मुद्दों को सड़क से सदन तक पहुँचाने का काम किया, आज उसी व्यक्ति को रोकने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इतिहास गवाह है कि संघर्ष करने वालों को जेल की सलाखें कभी रोक नहीं सकीं।
डॉ. श्रवण चौधरी का हौसला किसी कुर्सी या पद से नहीं, बल्कि लाखों युवाओं, किसानों और आम लोगों के विश्वास से बना है। यही कारण है कि उनकी अनुपस्थिति में भी उनका नाम और उनकी विचारधारा पहले से अधिक मजबूती के साथ लोगों के बीच गूंज रही है।
जो लोग यह सोच रहे हैं कि गिरफ्तारी से डॉ श्रवण चौधरी कमजोर हो जाएगा, उन्हें समझ लेना चाहिए कि विचारों को कैद नहीं किया जा सकता। एक श्रवण चौधरी को रोकने की कोशिश होगी तो हजारों युवा उसी सोच के साथ खड़े हो जाएंगे। जनसंघर्ष की मशाल किसी एक व्यक्ति की नहीं होती, वह जनता के विश्वास से जलती है और जनता का विश्वास आज भी डॉ. श्रवण चौधरी के साथ मजबूती से खड़ा है।
हर बीतता दिन उनके संघर्ष, साहस और जनसमर्पण की कहानी को और मजबूत कर रहा है। यह समय भी गुजर जाएगा, लेकिन अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई और जनता के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
सलाखें डाॅ श्रवण चौधरी को रोक सकती हैं, विचारों को नहीं।
गिरफ्तारी कदमों को रोक सकती है, संघर्ष को नहीं।
और सत्ता चाहे जितनी कोशिश कर ले, जनता के दिलों में बसने वाले नेताओं को कभी पराजित नहीं कर सकती।
डॉ. श्रवण चौधरी डटे हुए हैं, उनके समर्थक डटे हुए हैं, और न्याय की यह लड़ाई भी पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी।
✊ संघर्ष जारी है...
✊ हौसले बुलंद हैं...
✊ डॉ. श्रवण चौधरी को शीघ्र रिहा करो!
#डॉ_श्रवण_चौधरी_को_रिहा_करो #JusticeForDrShravanChoudhary #संघर्ष_जारी_है #जनता_की_आवाज़
सलाखें आवाज़ों को रोक सकती हैं,
विचारों को नहीं।
डॉ. श्रवण चौधरी की रिहाई में देरी,
लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
जो जनता की बात करता है,
उसे चुप कराने की कोशिश हो रही है।
मगर याद रखो—
संघर्ष झुकता नहीं,
जनआवाज़ रुकती नहीं।
✊ रिहाई दो, न्याय दो!
#ReleaseDrShravanChoudhary
जुल्म की हर दीवार एक दिन ढह जाएगी,
सच की किरण अंधेरों को मिटा जाएगी।
संघर्ष करने वालों का हौसला मत आज़माओ,
जनशक्ति उठी तो सत्ता भी झुक जाएगी। ✊🔥
@drshravanosian
जुल्म की हर दीवार एक दिन ढह जाएगी,
सच की किरण अंधेरों को मिटा जाएगी।
संघर्ष करने वालों का हौसला मत आज़माओ,
जनशक्ति उठी तो सत्ता भी झुक जाएगी। ✊🔥
@drshravanosian
दमन की आंधियां कितनी भी तेज़ चलें,
हक़ की आवाज़ के कदम नहीं बदलें।
जो जनता के अधिकारों की बात करते हैं,
वो हर दौर में संघर्ष का इतिहास रचते हैं। ✊
@drshravanosian
दमन की आंधियां कितनी भी तेज़ चलें,
हक़ की आवाज़ के कदम नहीं बदलें।
जो जनता के अधिकारों की बात करते हैं,
वो हर दौर में संघर्ष का इतिहास रचते हैं। ✊
@drshravanosian