आज बाघ कल बैरी मारो, तब छाती के दाह बुझाय, बिन अहीर के मैं नइ मानँव, देई ताना इही सुनाय।
महापराक्रमी आल्हा ऊदल: माँ शारदा के अनन्य भक्त व वीर शिरोमणि योद्धा आल्हा-ऊदल की जयंती पर कोटिशः नमन।
#VeerAhirAlha
सुनो @THEMRIDUL7 , तुम और तुम्हारी बहन अपनी व्यक्तिगत जीवन की कहानी और अनुभव "यादव" समाज को लेकर ना ही छापें तो बहुत बेहतर है ।
तुम Bigboss से बाहर हुए थे ना? तुम इसी लायक थे ।
अगर कुछ करना है तो टाइटल अपनी बहन के नाम पर " प्रगति तिवारी की लव स्टोरी " रख दो , हमें कोई आपत्ति नहीं ।
पहली फोटो में पुलवामा हमले में शहीद हुए प्रदीप यादव की पत्नी हैं दूसरी फोटो में शहीद महेश यादव की पत्नी है।
दोनों में कॉमन ये है कि दोनों यादव समाज से हैं और दोनों के नाम पर न सड़क बनी है न स्मारक।
जबकि पुलवामा में शहीद अन्य 40 जवानों के स्मारक भाजपा सरकार में बनकर तैयार है इनके क्यों नहीं बने बताने की जरूरत नहीं है।
जब “पंडित घूसखोर” नाम पर कुछ लोगों की भावनाएँ आहत होने की बात आई, तो योगी सरकार ने तुरंत FIR दर्ज करवा दी और कार्रवाई शुरू हो गई।
लेकिन अब जब “Yadav Ji Ki Love Story” जैसी फिल्म में एक पूरे समाज की बहन-बेटियों के सम्मान पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार और प्रशासन की चुप्पी क्यों?
क्या कानून सिर्फ कुछ खास लोगों के लिए है?
क्या सम्मान का अधिकार सबको बराबर नहीं मिलना चाहिए?
अगर एक समाज के विरोध पर तुरंत कार्रवाई हो सकती है, तो दूसरे समाज की भावनाओं को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?
यह दोहरा मापदंड अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार से सीधा सवाल है—
या तो सभी समाजों के सम्मान की रक्षा करो,
या फिर साफ-साफ बता दो कि कानून सबके लिए बराबर नहीं है। #BJP_भेदकारी_जनविरोधी_पार्टी
यूट्यूबर कनिका शर्मा और उनके पति शाकिब सैफ़ी को इग्नोर कर कोई मृदुल तिवारी नाम का यूट्यूबर “यादव जी की लव स्टोरी” नाम से मूवी कैसे बना सकता है??
क्यों मृदुल तिवारी ने इनकी तरफ़ ध्यान नहीं दिया??
मुझे लगता है इन दोनों की स्टोरी को ध्यान में रखते हुए मूवी बनाई जाती तो लोगो को काफ़ी पसंद आती क्योंकि लोगों को वो ही चीज़ें पसंद आती है जो रियलिटी से टच करती हो!
वैसे @PMishra_Journo@chitraaum@anjanaomkashyap@Abhinav_Pan जैसे पत्रकार अब कौनसे बिल में छुपे हुए हैं जो घूसखोर पंडत का विरोध कर रहे थे???
क्या अब ये इस यादव सरनेम वाली मूवी पर आपत्ति जताते हुए इसके ख़िलाफ़ लिखेंगे????
@JaikyYadav16@AnilYadavmedia1@drsandeepdu@Kanchanyadav000@DrLaxman_Yadav@ManishYadavIn
""यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म के संदर्भ में हम यादव समाज के लोग यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमें किसी भी समाज से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। चाहे लेखक, निर्माता या कलाकार किसी भी समुदाय से हों हम सभी समाजों का सम्मान करते हैं।
लेकिन यदि इस फिल्म में हमारे यादव समाज को किसी भी
पंडमुल्ले की चाहत : अहीर दंगा करें!!
YouTuber मृदुल तिवारी व उसकी बहन प्रगति तिवारी ‘Yadav Ji Ki Love Story’ लेकर आ रहे हैं, जिसमें एक यादव लड़की को मुस्लिम लड़के के साथ लव एंगल दिया गया है।
फ़िल्म बनाने वाला रघुमुल्ला, एक्ट्रेस पंडमुल्ली प्रगति तिवारी, एक्टर गुर्जर और नाम रखा है इन मुगलों के दरबारियों ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’।
मृदुल तिवारी और प्रगति तिवारी यह बात कान खोलकर सुन लो, तुम इस फ़िल्म के जरिए जो नफ़रत फैलाने का काम कर रहे हो उसमें सफल नहीं हो पाओगे।
अभी जब Ghooskhor Pandat फ़िल्म आई तो उसका सभी ने मिलकर विरोध किया, मगर
क्या Yadav ji ki love story का किसी ने विरोध किया?
मृदुल तिवारी की बहन प्रगति तिवारी Yadav ji ki love story फिल्म लेकर आ रहीं हैं, इस फ़िल्म में यादव लड़की का मुस्लिम लड़के से प्रेम संबंध दिखाया गया है।
सवाल यह है कि जब ये ख़ुद फिल्म बना रहीं थीं तो Yadav लड़की ही क्यों? सबसे बड़ी बात है कि
यह फ़िल्म Love Jihad के कॉन्सेप्ट पर आधारित है।
27 फरवरी को होने वाली रिलीज फिल्म यादव जी की लव स्टोरी जिसमें हिंदू यादव लड़की और मुसलमान लड़का से प्रेम प्रसंग दिखाया गया है हिंदुओं यादव को बदनाम करने की साजिश रची गई है इस मूवी में इनकी ये मूवी रिलीज नही होनी चाहिए यादव समाज से आग्रह है विरोध करें..!!
स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री भगवान अहीर
स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री भगवान अहीर जी का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद (अहरौरा क्षेत्र) में एक किसान परिवार में हुआ था। वे श्री रामनाथ अहीर जी के पुत्र थे और यादवों की पवित्र शाखा ग्वालवंश अहीर परिवार से संबंध रखते थे।
2 फरवरी 1922 को सेवानिवृत्त सैनिक श्री भगवान अहीर जी ने संयुक्त प्रांत में बढ़ती खाद्य पदार्थों की कीमतों तथा अंग्रेज़ी सरकार द्वारा शराब की दुकानों के संचालन के विरोध में असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किया। इस आंदोलन के दौरान स्थानीय पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और कई नेताओं को चौरी-चौरा थाने में बंदी बना लिया गया।
इस घटना के प्रतिकारस्वरूप 4 फरवरी 1922 को लगभग 2,000 से 2,500 प्रदर्शनकारी चौरी-चौरा (जनपद गोरखपुर, तत्कालीन ब्रिटिश भारत) में एकत्र हुए और बाजार की ओर मार्च करने लगे। उन्होंने उस शराब की दुकान को लक्ष्य बनाया, जिसके विरोध के कारण उनके नेता को पीटा गया और गिरफ्तार किया गया था। प्रदर्शनकारियों का एक समूह थाने के सामने अपने नेता की रिहाई की मांग करने लगा, जबकि दूसरा समूह बाजार में सरकार-विरोधी नारे लगाता रहा।
भीड़ को तितर-बितर करने के प्रयास में पुलिस ने हवाई फायरिंग की, जिससे स्थिति और अधिक उग्र हो गई। इसके पश्चात प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
इस घटना के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने चौरी-चौरा तथा आसपास के क्षेत्रों में मार्शल लॉ लागू कर दिया। पुलिसकर्मियों की मृत्यु के प्रतिशोध में व्यापक छापेमारी की गई और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया।
12 फरवरी 1922 को इस घटना से आहत होकर महात्मा गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर असहयोग आंदोलन को स्थगित कर दिया। बाद में महात्मा गांधी को भी गिरफ्तार किया गया और उन्हें छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई, हालांकि स्वास्थ्य कारणों से फरवरी 1924 में उन्हें रिहा कर दिया गया।
अंग्रेज़ी सरकार ने मारे गए पुलिसकर्मियों की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण कराया था, जिस पर स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद “जय हिंद” अंकित किया गया।
स्थानीय जनता उन 19 स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं भूली, जिन्हें मुकदमे के पश्चात फाँसी दी गई थी। वर्ष 1971 में “शहीद स्मारक समिति” का गठन किया गया और 1973 में झील के निकट 12.2 मीटर ऊँची एक त्रिकोणीय मीनार का निर्माण कराया गया, जिसके तीनों फलकों पर गले में फाँसी का फंदा अंकित है।
बाद में सरकार द्वारा उन शहीदों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया गया, जिस पर फाँसी पाए स्वतंत्रता सेनानियों—विक्रम, दुदही, भगवान, अब्दुल्ला, कालीचरण, लाल मुहम्मद, लौटी, मादेव, मेघू अली, नजर अली, रघुवीर, रामलगन, रामरूप, रूदाली, सहदेव, मोहन, संपत, श्याम सुंदर एवं सीताराम—के नाम अंकित हैं। इस स्मारक के समीप स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित एक पुस्तकालय एवं संग्रहालय की भी स्थापना की गई है।
#BhagwanAhir
#VikramAhir
#चौरीचौरा_दिवस
भगवान अहीर और विक्रम अहीर सिर्फ नाम नहीं, वो हिम्मत, हौसले और बलिदान की ।
मिसाल हैं। भारतवर्ष इनके त्याग को हमेशा याद रखेगा!
जय यादव जय माधव जय दादा किशन 🚩
#BhagwanAhir#VikramAhir#चौरीचौरा_दिवस
चौरी-चौरा दिवस के अवसर पर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले अमर बलिदानी वीरों की स्मृति में ट्विटर ट्रेंड आयोजित किया गया है।
अतः आप सभी से विनम्र निवेदन है कि दिनांक 4 फरवरी 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस अभियान को सफल बनाएं।
निम्नलिखित हैशटैग्स के साथ अपनी सहभागिता दर्ज करे
#BhagwanAhir
#VikramAhir
#चौरीचौरा_दिवस
आइए, एकजुट होकर अपने अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।
जय हिन्द 🇮🇳
बच्चे बच्चे को बताया गया कि 1857 की क्रांति का पहला विरोध मंगल पांडे ने किया था।
पर किसी को ये नहीं बताया गया कि चौरी चौरा घटना को विक्रम अहीर और भगवान अहीर ने अंजाम दिया था।
इतिहास में इसी को जातिवाद कहा गया है खैर शहीदों को सत सत नमन।
BhagwanAhir VikramAhir चौरीचौरा_दिवस
न झुके, न रुके—1922 चौरी-चौरा के अमर शहीद विक्रम अहीर और भगवान अहीर।”
“चौरी-चौरा 1922—विक्रम अहीर • भगवान अहीर • अमर शहादत”
#BhagwanAhir#VikramAhir#चौरीचौरा_दिवस