आज लाठी चार्ज कैसे हुआ ?
गौर से देखें।
क्योंकि बिल्कुल संयमित व अनुशासन के साथ संवैधानिक तरीके से रैली निकाले जा रहे थे।
लेकिन एक RPS अधिकारी की करतूत...!!
मेवाड़ की धरती पर स्वाभिमान और संघर्ष की जो मिसाल महाराणा प्रताप ने कायम की वह इतिहास में अमर है।
कहा जाता है कि जब महाराणा प्रताप मुगलों के विरुद्ध संघर्ष कर रहे थे तब उन्होंने प्रण लिया था कि जब तक मेवाड़ को स्वतंत्र नहीं करवा लूंगा तब तक राजसी सुख-सुविधाओं में नहीं रहूँगा और एक स्थान पर चैन से नहीं बैठूँगा।
संघर्ष के उन्हीं दिनों में महाराणा प्रताप एक लोहार परिवार के यहाँ रुके थे उस परिवार ने विपरीत परिस्थितियों में भी उनका साथ दिया,तभी से लोहार समाज के कई परिवारों ने भी यह संकल्प लिया कि जब तक मातृभूमि स्वतंत्र नहीं होगी तब तक वे स्थायी रूप से एक स्थान पर नहीं बसेंगे और अपने जीवन को संघर्ष एवं परिश्रम के साथ बिताएंगे।
इसी परंपरा के कारण आज भी कई घुमंतु लोहार परिवार अपने व्यवसाय और जीवनयापन के लिए अलग-अलग स्थानों पर घूमते दिखाई देते हैं यह केवल जीवनशैली नहीं बल्कि इतिहास और स्वाभिमान से जुड़ी एक जीवंत विरासत मानी जाती है।
बताया जाता है कि जब जवाहरलाल नेहरु ने इस परंपरा और त्याग की भावना को देखा तो वे भी आश्चर्यचकित रह गए थे, उन्होंने इस समाज के स्वाभिमान त्याग और इतिहास के प्रति समर्पण की सराहना की थी।
#महाराणा_प्रताप_जयंती
माँ भारती के अमर सपूत, स्वाधीनता के कालजयी स्वर, त्याग व बलिदान की उज्ज्वल कीर्ति पताका, 'हिंदुआ सूर्य' वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पावन जयंती पर नमन।
मातृभूमि के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा हेतु आपका अदम्य साहस एवं सर्वस्व समर्पण, युगों-युगों तक भारतीय जनमानस को अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने और राष्ट्रनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
इस विडीयो को 50 बार से ज्यादा बार देखा🥰
ये विडीयो जब भी देखता हूँ सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है ❤️💪
जरूर मिलूँगा इस बहन से,ब्राह्मणवाद जिंदाबाद 🚩
#Justice_For_रूचि_तिवारी#GCAtrocityAct
तुमने बोला “आरक्षण को कोई माई का लाल” हटा नहीं सकता” - किसी सवर्ण ने विरोध नहीं किया
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट में बदलाव किया तो आप अध्यादेश ले आए - किसी सवर्ण ने विरोध नहीं किया
इसका मतलब ये नहीं है की तुम कोई भी तानाशाही कानून ले आओगे और सवर्ण चुप बैठा रहेगा
मोदी का पुतला जलाने वाले ये कोई कांग्रेसी नहीं है बल्कि भाजपा के समर्थक ही हैं जो यूजीसी के नए नियमों के ख़िलाफ़ सड़क पर उतर आए हैं
#UGC_RollBack #UGC_काला_कानून_वापस_लो #UGCRegulations #ajitpower
पिछले 17-18 घंटों से सोशल मीडिया पर #UGC_RollBack और 'UGC Act वापस लो' का नारा गूँज रहा है। लाखों युवाओं का आक्रोश सातवें आसमान पर है, लेकिन विडंबना देखिए कि न तो यूजीसी (UGC) की ओर से कोई ठोस स्पष्टीकरण आया है और न ही सरकार ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
यह दोहरा मापदंड अब बर्दाश्त से बाहर है। इतिहास गवाह है कि यदि यही विरोध किसी अन्य आरक्षित वर्ग का होता, तो सत्ता के गलियारे अब तक झुक चुके होते। लेकिन शायद सरकार को यह मुगालता है कि सवर्ण समाज उनका 'बंधुआ वोट बैंक' है, जो नीतियों से आहत होने के बावजूद कहीं नहीं जाएगा।
सरकार सुन ले...
हमारी सहनशक्ति और शांति को हमारी मजबूरी समझने की भूल न करें। हम राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखते हैं, इसलिए संयम बरत रहे हैं। लेकिन जिस दिन यह प्रबुद्ध समाज अपनी उपेक्षा से जागकर सड़कों पर उतर आया, उस दिन सत्ता के समीकरणों को बदलते और बड़े-बड़े सिंहासनों को डोलते देर नहीं लगेगी।
अधिकारों की यह लड़ाई अब केवल कीबोर्ड और हैशटैग तक सीमित नहीं रहेगी। यदि नीतियों में सुधार नहीं हुआ, तो यह आक्रोश सड़क से संसद तक भी पहुँचेगा।
ब्राह्मणों SC-ST Act को विस्तार से समझाइए।
नरेंद्र मोदी SC-ST Act के फायदें बता रहे हैं
यदि आपने यह वीडियो पूरा देख लिया है तो कृपया इसे कम से कम तीन लोगों के साथ शेयर करें। ताकि सही जानकारी सवर्ण समाज तक पहुँच सके।
भारत की अधिकांश मीडिया को कुलदीप सेंगर के परिवार का भी पक्ष जानना चाहिए
लेकिन लगभग एक तरफा मीडिया ट्रायल अब भी चालू है ..
मीडिया का एक भी चैनल फैक्ट्स पर बात नहीं कर रहा है,ना तथाकथित पीड़िता से कोई फैक्ट्स पर काउंटर सवाल
तथाकथित पीड़िता से सिर्फ ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं कि आपको कौन मारना चाहता है,आपको किससे डर है इत्यादि ,भाई और कुछ भी पूछ लो
जैसे कि आपने बयान क्यो बदले?
आपके खिलाफ फर्जी मार्कशीट को लेकर वारंट क्यो जारी हुआ था?
आपने घटना के तीन अलग-अलग समय क्यो बताए
लेकिन ऐसे सवाल एक भी मीडिया नहीं पूछ रहा है
एकतरफा मीडिया ट्रायल न्याय के लिए खतरा है
@DeepikaBhardwaj
जिस तरह की भाषा और व्यवहार सामने आ रहा है, उससे पीड़िता होने का भाव नहीं दिखता—बल्कि पूरा एक पैटर्न दिखता है।
किसे कैसे फँसाना है, मुआवज़े को कैसे भुनाना है, मीडिया के सामने कब रोना है, कब बदहवास दिखना है—सब कुछ अभ्यास जैसा लगता है।
जब सवाल पूछे जाते हैं तो जवाब से बचना...
कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या के ये आंसू
उन्नाव की ये बेटी चीख-चीखकर कह रही है कि नैरेटिव नहीं फैक्ट पर बात कर लो
- क्या बीतेगी उस बेटी पर कि जिस दिन उसकी विदाई हुई, उसी दिन उसके पिता भी घर नहीं जा सके और उनसे कभी नहीं मिल सकेगी ?
- मेरे पिता जेल में हैं, बाहर सिर्फ मेरी बहन और मां हैं
- फिर हम किसको मरवा देंगे ?
एकतरफ़ मीडिया ट्रायल के टूट चुकी Kuldeep Singh Sengar की बेटी @SengarAishwarya फूट-फूट कर रो रही हैं
ऐश्वर्या की सिर्फ़ एक मांग है कि जिन्हें पीड़िता बताया जा रहा है, वो उनके पिता के खिलाफ अपने बयान के अलावा एकमात्र सबूत दे देंगे
फिर वो मुझे और मेरे पिता दोनों को फांसी दे दें
मीडिया को ऐश्वर्या के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और निष्पक्ष पत्रकारिता करनी चाहिए
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