विद्या संबल विद्या संबल जब जगह को स्थाई रूप से नहीं भर सके तो हमें रोबे सरकार चला रहे हो क्या सब स्टूडेंट की ऐसी तेसी कर के रख दी
भजनलाल जी इतीफा दो
मदन दिलावर इतीफा दो
#cmoRajasthan#bhajanlalsharma#madandilawar
Congratulations ❤️❤️❤️ my Dear Cockroaches.. Dear Sonam wangchuk sir and every single one who stood by the youth . You Have proved that you can bring a regime down to its knees . 💪💪💪 #justasking
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और, किस तर�� से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें।
भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी।”
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई?
और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?
अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा।
और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या ��ंद कर सकता है।
भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना।
एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती।
लेकिन इस��े ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।
#FarmersFirst 🇮🇳
जोधपुर के बावड़ी तहसील के केलावा गांव में बकरी चराने गई भील समाज की 13 वर्षीय बालिका के साथ जातिगत द्वेष भाव से बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई है
@PoliceRajasthan से निवेदन करता हूं आरोपीयों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही करे 🙏
@RajPoliceHelp@CP_Jodhpur@JodhpurDm@RajCMO
पेपरलीक जो मेरा स्टैंड रहा
मैं कल भी उस पर कायम था, आज भी कायम हूं और हमेशा कायम रहूंगा
कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति हो अगर उसने जाने– अनजाने में हजारों लाखों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया है उसे तो सजा मिलनी चाहिए ।
@SachinPilot
हम युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ तब से 2026 तक की भर्तियों की जांच की मांग करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का यह बयान हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में पकड़े गए आरोपियों ने केवल कांग्रेस शासन में गड़बड़ी की।
यह सामान्य समझ की बात है कि जो व्यक्ति 2019 में ओएमआर शीट बदलने जैसा अपराध कर रहा था और 2026 तक उसी पद पर जमा रहा, तो क्या यह संभव है कि उसने भाजपा सरकार के कार्यकाल (2024-25) में अपराध करना बंद कर दिया हो?
जांच पूरी होने से पहले ही अपने कार्यकाल को 'क्लीन चिट' देकर मुख्यमंत्री जी क्या एसओजी (SOG) पर यह दबाव नहीं बना रहे हैं कि 2024-25-26 की फाइलों को खोला ही न जाए?
कल ही जोधपुर के शेरगढ़ उपखंड में सड़क पर रीट भर्ती परीक्षा 2025 के दर्जनों एडमिट कार्ड पड़े मिले हैं जबकि वहां 100 किलोमीटर तक कोई परीक्षा केन्द्र नहीं था। इसकी भी जांच की आवश्यकता है कि ये वहां कैसे पहुंचे या वहां कोई अनुचित कृत्य हुआ है।
ऐसा लगता है भाजपा सरकार का उद्देश्य इस सिस्टम को सही करने और युवाओं को न्याय देने की बजाय केवल राजनीति करना है।
हमारी सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने के बजाय सख्त कार्रवाई की और RPSC सदस्य सहित 265 से अधिक लोगों को जेल भेजा। कठोरतम कानून बनाया, माफिया की संपत्ति ध्वस्त की। सरकार को डरना नहीं चाहिए, दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए अपने कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
अब ऐसा लगने लगा है कि भाजपा सरकार राज्य की जांच एजेंसियों पर यह दबाव बना रही है कि जांच केवल 2023 तक सीमित रखी जाए, 2024-25-26 की जांच न हो। SOG ने बताया है कि 11 साल से ओएमआर शीट में गड़बड़ी की जा रह��� थी। SOG तो राज्य पुलिस की विंग है, उसकी बात को तो राज्य सरकार गंभीरता से ले।
4th ग्रेड का रिज़ल्ट भी संदेह के घेरे में है इसमें कोई शक नहीं कि इसमें धांधली नहीं हुई है,क्योंकि जिसने 2018 की भर्तियों में धांधली की उसी के हाथ में इस भर्ती का रिज़ल्ट भी था
जब भी बात युवाओं के हक की आती है भाई @rajendra_barmer जी हमेशा तैयार मिलते है।
चतुर्थ श्रेणी की कट आफ संदेहास्पद है..!
#OMR_घोटाला_को लेकर गहरी आशंका नजर आ रही है ..!!
चतुर्थ श्रेणी रिजल्ट की CBI जांच हो...
27 को सु���ह 11 बजे बाड़मेर जरूर पहुंचे अपने हक के लिए ✌️🙏🏻
#Rajasthan
@rajendra_barmer
इंसानियत है या नहीं ? आपके नीचे ये सब कार्य हो रहा है 4th ग्रेड में भी 100% घोटाला हुआ है । @alokrajRSSB
पब्लिक में डालो मार्कशीट सभी की हमें विश्वास नहीं हो रहा है इन सभी टॉपर पर .....
धोखेबाज हो आप आलोकराज ?
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
@lkantbhardwaj Are yrr hame party se lena dena nhi hai bhai kisi ki party ho kal tak wo vhi kam rhe the hame kal tak sabhi exam ko omr ki jach karvao fltu havawaji nhi