विपिन मास्टर लौंडा डांस करते हैं, रील बनाते हैं। कभी विधायक का चुनाव लड़ते हैं तो कभी मनीष कश्यप से झगड़ा करते हैं। सिर्फ पढ़ाते नहीं हैं। बाकी सब काम करते हैं।
इनके यूट्यूब चैनल पर पढ़ाई लिखाई का कंटेंट नहीं मिलेगा लेकिन छात्रों को भड़काने वाला कॉन्टेंट ज़रूर मिलेगा।
#KhanSir
सनातनी रौशन सर के ज्ञान का पिटारा खुल गया,
लड़कों का गर्लफ्रेंड हो या न हो लेकिन
हर लड़की का बॉयफ्रेंड होता है,
ये शिक्षक हैं?
शिक्षक का यह काम होता है कि न जाने कितनी बच्चियां इनके पास कोचिंग लेने जाती होगी,
और ये आदमी ऑन कैमरा उन्हीं बच्चियों के चरित्र पर उंगली उठा रहा है,
ये वीडियो पुराना है लेकिन शर्मनाक है,
सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल क्या हुआ,सर जी का असली ज्ञान बाहर आ गया।
क्लास में छात्र अधिकारी बनने आते हैं,और यहाँ गुरु जी खुद जज बनकर लड़कियों के चरित्र का फैसला सुना रहे हैं।
एक शिक्षक का पद बहुत गरिमापूर्ण होता है, लेकिन हल्की बातें उनके मुंह से शोभा नहीं देती
रौशन यादव जी आप ये बताएं आप FIR किस पर करवाने गए थे।
फालतू की FIR नहीं होती। अब आप सनातनी हो चुके हैं। आप सीधा पॉलिटिक्स में आइये ये सब क्या कर रहे हैं आप।
रौशन यादव झूठ बोल रहा है, अभी तक टीचर होने के नाते इज्जत कर रहा था। लेकिन अब इसकी पोल खोलूंगा।
ठीक है आओ आरक्षण की अदला बदली कर लेते हैं,,हमारा EWS आरक्षण ओबीसी को दे दो और अपना आरक्षण सामान्य वर्ग को दे दो। इससे तुम जैसे आरक्षण खोरों को ज्यादा फायदा मिल जाएगा।।
मां का दूध पीये हो तो बताओ तैयार हो या फट के फ्लावर हो गई 😜
Look at the Railway ALP result
Manoj Saini OBC - 74 Fail ❌
Rajesh Valmiki - SC 69 Fail ❌
Naresh Bhil ST - 70 Fail❌
EWS Shubham Shukla 40 Pass ✅
EWS Ajay Singh Bisht 40 Pass✅
EWS Mohit Bharat Gupta 40 Pass✅
Abolish the Sudama Quota (EWS) immediately, that will be in the national interest.
आज रेलवे ALP CBT 1 का रिजल्ट आया है।
• EWS - 64.44
• SC - 69.24
• ST - 69.00
• OBC - 75.55
अब बताइए ये EWS वाले लोग किस मुँह से दूसरों को आरक्षणजीवि कहते हैं..? किस मुँह से मेरिट-
मेरिट चिल्लाते है..? क्या ये लोग सही से ट्रेन का संचालन कर पाएंगे..? बाकी आपलोग बताइए।
अमेरिकी सैन्य हमले में भारत के तीन नागरिकों की मौत पर प्रधानमंत्री चुप क्यों है?
क्योंकि गोरों के सामने सरेंडर करने की इनकी परम्परा पुरानी है।
छाती नहीं पूँछ है छप्पन इंच की ?
अमरीका का नाम तक लेने की हिम्मत नहीं है किसी मंत्री की।
अबकी बार कायरों की सरेंडर सरकार ।।
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छुट्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - उसे 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।
जो लोग #CockroachJantaParty का मज़ाक उड़ा रहे थे कि "वहाँ कौन जाएगा?", उन्हें आज की तस्वीरें और रिपोर्टें देख लेनी चाहिए।
अभी भी लगातार युवा जंतर-मंतर पहुँच रहे हैं। यह सिर्फ़ एक संगठन या हैशटैग की बात नहीं है, बल्कि देश के युवाओं की नाराज़गी, बेरोज़गारी, परीक्षा घोटालों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती बेचैनी का संकेत है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन मुद्दों को लेकर इतनी बड़ी संख्या में युवा आवाज़ उठा रहे हैं, क्या उन पर जवाबदेही तय होगी?
क्या शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा देंगे या नहीं?
#cjp_पार्टी