“बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे,होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे”
2015 से देख रहा हूँ तमाशा. ये हिंदू-मुस्लिम हमें ना समझाना. महादेव की नगरी से हूँ. ज़हर पीना जानते हैं,गले तक रखना भी
मेरी एक रिपोर्ट,एक ट्वीट-हिंदू मुस्लिम करते हुए निकाल के दिखा दो-ग़ुलामी करूँगा तुम्हारी
ई हमरा लेल अत्यंत हर्ष आओर भावनात्मक अनुभव छल जे हम जोहान्सबर्ग मे दक्षिण अफ्रीकी गिरमिटिया गीत ‘गंगा मैया’क प्रदर्शन देख सकलहु। एहि प्रस्तुतिक एक आओर विशेष भाग एकर तमिल मे प्रस्तुत कयल जेवाक छल! ई गीत अपना संगे ओहि लोक सभक आशा आओर अटूट जिजीविषा केँ समेटेने अछि, जे कतेको वर्ष पहिने एतय आयल छलथि। मार्ग मे ओ अनेक कठिनाइ के सामना कयलनि, मुदा एहि सँ हुनकर हौसला नहि टूटलनि। ओ गीत आओर प्रार्थना सभक माध्यम सँ अपन हृदय मे भारत केँ जीवित रखलनि। एहि लेल ई देखब सराहनीय अछि जे ई सांस्कृतिक संबंध आइयो जीवंत राखल जा रहल अछि।
Khamosh by Vidhu Vinod Chopra is probably the best Indian suspense thriller ever made . It is the film in which Binod Pradhan , the DOP came into his own and the brilliant Renu Saluja found her rhythm . #khamosh@VVinodChopra@IVidhuVChopra
Larger than Life:
Basically we often see in Movies but it's rare to find such character in real life...That too in Sports...and When we talk about Cricket then the name comes in our mind is CHRISTOPHER HENRY GAYLE!
You can write multiple books on Gayle exploits of T20s but let's talk about today Gayle without T20s...
To let people know how good he was in all formats...in every role...
1/n
इसरो का सबसे बड़ा कॉन्फ़िडेन्स बिंदु यह था कि अपने लाइव यूट्यूब फ़ीड में प्रधानमंत्री के लिए पहले से एक विंडो बना रखी थी.
अगर आपको यह 200% विश्वास नहीं होगा कि आप सफल होने जा रहे, तो आप यह कभी नहीं करेंगे.अगर आप विदेश गए प्रधानमंत्री को लाइव में रख रहे,मतलब आपने गेम जीत लिया है.
Now Twitter/X should provide “voice reading” feature of Tweets/Posts. When we can read the Posts in the voices of the users, the online arguments will be more fun. Aise maza nahi aa raha. AI use karo @elonmusk bhaiya.
हाल ही में @RPratipaksh से मिली, उनकी चर्चित किताब 'फैमिलीनामा' उपहार स्वरूप मिला। किताब पढ़नी शुरू कर दी है, जल्द ही पढ़कर इसके बारे में लिखूंगी। ऋषभ द मूकनायक के लिए कई बेहतरीन लेख लिख चुके हैं और अभी भी यह बदस्तूर जारी है। जाति, समाज और राजनीति पर उनकी पकड़ शानदार है। द मूकनायक पर संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दों पर उनके आर्टिकल आप जाकर पढ़ सकते हैं...🌼☘️🍁🌻🌸🍀
परिवार और रिश्तों को लेकर एक बहुत सुंदर किताब आई है- फैमिलीनामा. हिंदुयुग्म प्रकाशन से यह प्रकाशित हुई है और इसे लिखा है ऋषभ प्रतिपक्ष ने. जब चारों ओर उपन्यास, कविता, सेल्फ हेल्प किताबें आ रही हैं और पढ़ी जा रही हैं, ऐसे में यह एक ऐसी किताब आई है जिसमें जीवन दर्शन है, सेल्फ हेल्प है, लोगों की सच्ची कहानियां हैं और जीवन के प्रति पॉजिटिविटी है. इस किताब में लेखक ने कहीं उपदेश नहीं दिया है, बल्कि बड़े ही सहज तरीके से यह बताया है कि जीवन की स्थितियों को कैसे हैंडल कर सकते हैं.
इससे भी एक कदम आगे, इस किताब में परिवार के उन विषयों को उठाया गया है जिन पर शायद ही कभी बात होती है. इनसेस्ट, अवैध संबंध, पैसे को लेकर घरों में लड़ाई, वॉट्सऐप ग्रुप, पूजा पाठ और भूत प्रेत, लड़कियों पर पाबंदी, पुरुषों की भावनाएं, प्रेम विवाह, विवाह पूर्व गर्भ- यह सारी बातें समाज में दबी छुपी हैं पर होती तो हैं ही. इन सबको लोगों की कहानियों के माध्यम से बहुत ही सहजता से लाया गया है. पढ़ते हुए ऐसा लगता ही नहीं है कि आप इतनी जटिल बात के बारे में बात कर रहे हैं.
इस किताब की सबसे खास बात है कि इतनी बड़ी बातों के बीच यह आपको सिर्फ इस बात के लिए प्रेरित करती है कि आप अपनी प्रतिक्रिया को कैसे संभालेंगे. आज के युग में जब हर बात पर प्रतिक्रिया देना लोगों के लिए जरूरी हो गया है, ऐसे वक्त में यह किताब इस बात पर बात करती है कि परिवार में आप चुप रहना सीख जाएंगे, परिवार को स्वीकार करना सीख जाएंगे तो आप देश और समाज को भी स्वीकार कर सकते हैं. आज जब चारों तरफ अफरा तफरी है, रिश्तों को लेकर नकारात्मकता है, सोशल मीडिया का प्रभाव है, लोग अकेलेपन में जा रहे हैं- ऐसे में यह किताब आपको परिवार के साथ जुड़ने के बारे में बताती है. और यह अत्यंत भावुकता का मसला नहीं है बल्कि बहुत ही प्रैक्टिकल तरीके से परिवार को जोड़ने के बारे में बातें हैं. ना ही कोई ट्रिक है, ना हाथ की सफाई ना कोई धोखाधड़ी या चालाक बनने की कोशिश, बल्कि खुद की भावनाओं पर ध्यान देकर शांत होने की बातें हैं.
जैसे इसमें एक प्रसंग है कि एक व्यक्ति को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है. वह हर बात में गुस्सा करता है. उसके जीवन का पहला रिएक्शन ही गुस्सा है. उसके आस पास के लोग उससे डरते हैं. इसका कारण किसी को नहीं पता है. लेकिन बात करते करते पता चलता है कि वह पुरुष इसलिए हमेशा गुस्से में रहता है क्योंकि बहुत छोटी उम्र में उसका यौन शोषण हुआ था. वह इस बात को भूल गया था लेकिन उसके अवचेतन मन में यह बात बनी हुई थी. उसका गुस्सा उसके मन से नहीं जा रहा था. पर इससे घाटा दूसरों को नहीं था, उसे खुद था. उसका जीवन लगातार पीड़ा में गुजर रहा था.
इसी तरह एक और प्रसंग है कि एक लड़के दांत निकले हुए थे. इन निकले दांतों की वजह से समाज में उसे हर जगह प्रताड़ना मिली थी. बड़ी सुंदर लाइन लिखी है कि निकले दांतों की वजह से लोगों का बोलने का अधिकार चला जाता है. उनके बोलते ही बाकी लोग उनका मजाक उड़ा देते हैं कि तुम क्या बोलोगे, तुम्हारे तो दांत निकले हुए हैं.
बात करते करते कब परिवार की समस्याओं से निकलकर यह किताब खुद के प्रेम पर आती है, पता नहीं चलता. तब आपको अहसास होता है कि 2023 की सबसे सुंदर किताबों में से एक है यह जिसे पढ़कर आप खुद को एक बेहतर व्यक्ति महसूस करेंगे और अपने दोस्तों एवं परिवार को भी अनुशंसित करेंगे.
Thank you @RPratipaksh bhai ❤️
मेरे दोस्त और भाई @RPratipaksh की लिखी बहुत ही सुंदर किताब है ये. परिवार और रिश्तों पर ऐसी किताब मैंने पढ़ी नहीं है. बहुत भावुक, बेहद ईमानदार और सहजता से जटिलताओं को समझाने वाली किताब. इसको पढ़के इंसान अपने व्यक्तित्व में चार अच्छी बातें जोड़ता है. इसको पढ़कर आप घर पे फोन करोगे.