जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला ग़ाज़ियाबाद द्वारा कल श्री जय प्रकाश सिंह को तथा बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला बुलन्दशहर द्वारा आज श्री धर्मवीर सिंह अशोक, पूर्व विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसकी काफी चर्चा मीडिया में है, लेकिन आज ही बाद में पाटी के तीन वरिष्ठ लोगों - श्री मेवालाल गौतम, श्री मुनक़ाद अली व श्री नौशाद अली - को पार्टी से निष्कासित करने वाला बी.एस.पी. अध्यक्ष, ज़िला बुलन्दशहर के जाली लेटरपैड प��� जारी प्रेस विज्ञप्ति पूर्णतः फेक व फ़र्ज़ी है। इसीलिये उस पर क़तई ध्यान नहीं दिया जाये। मीडिया भी ऐसे तथ्यहीन ख़बरों से बचे तथा आगे ऐसे फेक ख़बरों पर ज़रूरी सावधानी बरते अर्थात् पुष्टि/सत्यापन ज़रूर कर ले तो यह उचित होगा।
यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अ��ादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
देश में संसद व राज्य विधानमण्डलों के सत्र के घटते समय के साथ-साथ हर बार इनके भारी हंगामेदार एवं स्थगन आदि से इनकी जन उपयोगिता का घटता प्रभाव अक्सर गंभीर चिन्ता का विषय रहा है और इसीलिये उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों चल रहे 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के तीन-दिवसीय सम्मेलन के दौरान विधानमण्डलों की कार्यवाही के लगातार घटते समय पर चिन्ता व्यक्त किया जाना उचित, सामयिक व सराहनीय, जिसपर सरकार और विपक्ष दोनों को अति-गंभीर होकर इस पर अमल भी ज़रूर करना चाहिये।
भारतीय संसद व राज्यों के विधानमण्डल यहाँ देश की संवैधानिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम स्तंभ हैं तथा सरकार/कार्यपालिका को देश व जनहित के प्रति उत्तरदायित्व बनाये रखने का एक सशक्त माध्यम है। संसद व विधानमण्डलों की कार्यवाही ��ाल में कम-से-कम 100 दिन के कैलेण्डर तथा सही नियमों के हिसाब से शान्ति-व्यवस्था के साथ चले, यह बहुत ज़रूरी है।
इसके अलावा, ’सरकारी मान्यता नहीं होना मदरसा को बंद करने का आधार नहीं’ सम्बंधी माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच द्वारा दिया गया फैसला अति-महत्वपूर्ण व सामयिक है तथा इस आधार पर श्रावस्ती में मदरसे पर लगी सील 24 घण्टे में हटाने के निर्देश का भी स्वागत।
वैसे भी संभवतः यहाँ कोई भी सरका�� नीतिगत तौर पर प्राइवेट मदरसों के विरुद्ध नहीं, बल्कि ज़िला स्तर पर अधिकारियों की मनमानी का ही शायद यह परिणाम है कि इस प्रकार की अप्रिय घटनाओं की ख़बरें आती रहती हैं, जिसपर सरकार को उचित संज्ञान लेकर ऐसी प्रवृति को सख़्ती से ज़रूर रोकना चाहिये।
. @bspindia गाजियाबाद जनपद के जिला अध्यक्ष श्री मनोज जाटव जी, मंडल प्रभारी, वरिष्ठ नेताओं के साथ नोएडा दलित प्रेरणा स्थल एवं गाजियाबाद के विभिन्न स्थान पर बाबा स���हब डॉ भीमराव अंबेडकर जी द्वारा निर्मित संविधान के 76वें संविधान दिवस पर कार्यक्रमों में शामिल रहे
बिहार विधानसभा के अभी हाल ही में सम्पन्न हुये आमचुनाव में कैमूर ज़िले की रामगढ़ विधानसभा सीट (संख्या 203) पर बी.एस.पी. के उम्मीदवार श्री सतीश कुमार सिंह यादव को जीत दिलाने के लिये पार्टी के सभी लोगों को बधाई तथा उनका पूरे तहेदिल से आभार प्रकट।
हालाँकि वोटों की गिनती बार-बार कराने के बहाने से वहाँ के प्रशासन व एकजुट होकर सभी विरोधी पार्टियों द्व़ारा बी.एस.पी. उम्मीदवार को हराने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया, किन्तु पार्टी के बहादुर कार्यकर्ताओं का पूरे समय तक डटे रहने से विरोधियों का यह षडयंत्र सफल नहीं हो सका।
इतना ही नहीं बल्कि बिहार के इस क्षेत्र की अन्य सीटों पर भी विरोधियों को काँटे की टक्कर देने के बावजूद बी.एस.पी. उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके, जबकि फीडबैक के अनुसार अगर चुनाव पूरी तरह से फ्री एण्ड फेयर होता तो बी.एस.पी. और भी कई सीटें ज़रूर जीतती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, जिससे पार्टी के लोगों को घबराने क�� ज़रूरत नहीं है बल्कि आगे और भी अधिक तैयारी के साथ काम करते रहने की ज़रूरत है।
अन्त में, बिहार विधानसभा के इस चुनाव में अपने ख़ून-पसीने व पूरी लगन से चुनाव लड़ने के लिये बी.एस.पी. के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं एवं शुभचिन्तकों आदि का तहेदिल से आभार प्रकट तथा आगे बिहार में पूरे जी-जान से लगे रहने का आह्वान ताकि बिहार, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशी���ाम जी के सपनों की, ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की धरती बन सके।
परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के धम्मदीक्षा गुरु पूज्य भदन्त चन्द्रमणि महास्थवीर के सुयोग्य उत्तराधिकारी पूज्य भदन्त ज्ञानेश्र महास्थवीर जी, अध्यक्ष, कुशीनगर भिक्खु संघ का लगभग 90 वर्ष की आयु में आज देहावसान हो गया है। देश-विदेश में फैले उनके अनुयायियों में अपार शोक एवं दुःख व्याप्त है।
भदन्त ज्ञानेश्वर जी का देहावसान ना केवल बौद्ध जगत के लिए बल्कि मानव समाज के लिए अपूरणीय क्षति ह���। भदन्त ज्ञानेश्वर महास्थवीर जी का सामाजिक, धार्मिक, शैक्षाणिक तथा सांकृतिक क्षेत्र में उनका रहा योगदान अनुकरणीय है। मैं अपनी व पार्टी की तरफ से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ।
यू.पी. के जिला प्रयागराज के थाना धूमनगंज अन्तर्गत मुण्डेरा चुंगी के पास दो पक्षों में मामूली बात को लेकर कहासुनी में एक दलित व्यक्ति की नृशंस हत्या की घटना तथा राजधानी लखनऊ में पेशाब आदि जैसी घटनाएं मीडिया में चर्चा में हैं।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में भी होने वाली ऐसी अमानवीय घटनाएं अति-निन्दनीय व चिन्तनीय।
ऐसे बेलगाम हो रहे आपराधिक, अराजक व सामंती तत्वों के खिलाफ उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों की सरकारें सख़्त कार्रवाई करके अपने-अपने राज्यों में क़ानून के राज को ज़रूर स्थापित करें ताकि इस प्रकार की शर्मनाक व हिंसक घटनाओं की बढ़ती प्रवृति पर रोक लग सके अर्थात् जनहित में क़ानून का सख़्ती से अनुपालन ज़रूरी।
’मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ, के ताज़ा संकीर्ण व घृणित बयान के साथ-साथ यूपी व उत्तराखण्ड सहित अन्य और राज्यों में भी धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और ना जाने क्या-क्या नफरती नाम देकर तथा उसके विरुद्ध क़ानून को अपने हाथ में लेकर साम्प्रदायिक व जातिवादी द्वेष, वैमनस���य, अशान्ति, अराजकता एवं लोगों के जान-माल व मज़हब पर ख़तरा बन जाने का शरारती तत्वों का यह विषैला हिंसात्मक खेल अति-निन्दनीय।
ऐसे आपराधिक, अराजक व असामाजिक तत्व सभ्य व संवैधानिक सरकार के लिये खुली चुनौती और ख़तरा हैं। इन्हें शह व संरक्षण देने के बजाय सरकारें राज्य की करोड़ों जनता के हित व कल्याण को ध्यान में रखते हुये कानून का राज स्थापित करना सुनिश्चित करने के लिये ऐसे लोगों के खिलाफ सख़्त ��ानूनी कार्रवाई करें, यही व्यापक जन व देशहित में।