गोदी मीडिया आपको ये ख़बर नहीं दिखाएगा लेकिन ये ख़बर बेहद जरूरी है.
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में बुंदेलखंड के लोग पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है.
जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं के आंदोलन और सोनम वांगचुक के समर्थन में पहुँचे किसान नेता राकेश टिकैत ने साफ़ संदेश दिया कि किसान और युवा अन्याय के ख़िलाफ़ एकजुट हैं।
उन्होंने कहा - "ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयारी खड़ी हैं, चिंता मत करो... तानाशाह बादशाह का अंत होगा।"
जब शिक्षा, रोजगार, किसानों के अधिकार और लोकतांत्रिक आवाज़ें एक साथ खड़ी होती हैं, तो यह केवल किसी एक आंदोलन की नहीं, बल्कि जनहित और जवाबदेही की लड़ाई बन जाती है। सत्ता को विरोध की आवाज़ सुननी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र संवाद से चलता है, दमन से नहीं।
"We don't want Phunsukh Wangdu to die."
ऐसे समय में जब ज़्यादातर बड़े फ़िल्मी सितारे और नामचीन सेलिब्रिटी चुप हैं, 3 Idiots में चतुर का किरदार निभाने वाले ओमी वैद्या की यह अपील और भी ज़्यादा मायने रखती है।
जब देश का एक सम्मानित नवप्रवर्तक 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठा हो, तब चुप्पी भी एक संदेश देती है। लगता है कि सत्ता के सामने सच बोलने का साहस धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
ऐसे दौर में वही लोग याद रखे जाते हैं जो डर या सुविधा नहीं, बल्कि इंसानियत के साथ खड़े होने का फैसला करते हैं। सोनम वांगचुक के लिए उठी यह आवाज़ सिर्फ़ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवाद की संस्कृति के लिए भी है।
TVK के मुख्यमंत्री विजय की जितनी तारीफ करो कम ही है।
विजय ने अचानक राशन की दुकान पर पहुंच गए और वहां खुद ही राशन देने लगे सभी को।
और उसकी क्वॉलिटी भी चेक की अच्छी है नहीं जनता से जुड़ा हुआ नेता ही देश को आगे बढ़ा सकता है।
विजय जबसे मुख्यमंत्री बने है तब से हर दिन कोई ऐसा काम करते है जो सब का दिल जीत लेता है।
आपको कैसे लगे मुख्यमंत्री विजय..?
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते,
कुर्सी है… तुम्हारा जनाज़ा तो नहीं?
लेकिन शिक्षा मंत्री तब भी उतरने का नाम नहीं ले रहे थे, तो लोगों ने जनाज़ा ही निकाल दिया।
मोदी जी का दावा था कि सड़कें स्पेस टेक्नोलॉजी से बन रही हैं। शायद इसलिए दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे दो महीने में ही चाँद की सतह जैसा दिखने लगा! करोड़ों के उद्घाटन, ड्रोन कैमरे, भाषण और विज्ञापन तो शानदार रहे, बस सड़क ही विज्ञापन जितनी मज़बूत नहीं निकली।
ये जयपुर शाहपुरा के कांग्रेस विधायक मनीष यादव जी हैं जो देश के हर जरूरी मुद्दे पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं
आज बहुचर्चित NEET पेपर लीक मामले में मनीष यादव PCC के साथ बीजेपी हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन करते नजर आए
ताकि छात्रों को न्याय मिल सके।
देश को मनीष यादव जैसे युवा ईमानदार नेताओं की सख्त जरूरत है, देश की हर पार्टी चाहती है कि उसकी पार्टी में ऐसे मेहनती और जुझारू युवा हों
जो अपनी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए लोगों के न्याय के लिए लड़ सकें।
🚨 इतिहास में पहली बार 😳
जो CMO मीटिंग्स हमेशा बंद कमरों में होती थीं…
उसे इस शख्स ने LIVE दिखा दिया 🔥
CM Vijay को इससे कोई दिक्कत नहीं हुई,
क्योंकि जो नेता पारदर्शिता में विश्वास रखता है, उसे जनता से कुछ छुपाना नहीं पड़ता ⚡
Transparency > Secret Politics 👀
जो ख़ुद दिन-रात एक्सपोज़ होते रहते हैं, वही अब एक नॉर्वेजियन पत्रकार को एक्सपोज़ करने में जुटे हैं।
अरे भाई, उसने सिर्फ एक सवाल ही तो पूछा था - “प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे आज़ाद प्रेस से सवाल क्यों नहीं लेते?” बस इतनी-सी बात थी।
लेकिन अब पूरी “मोदी मीडिया” उस पत्रकार को निशाना बनाने में लगी है।
157वें स्थान पर आप लोग यूँ ही नहीं पहुँचे हैं।