मध्यप्रदेश में न्याय व्यवस्था का गजब तमाशा है! पहले बच्चों से कहा गया—परिणाम याचिका 18105 के कारण रुका है। याचिका खारिज हुई तो कहने लगे—“हमने तो ऐसा कहा ही नहीं!”
इसी को शायद कहते हैं—पहले थूको, फिर चाटो! @DrMohanYadav51@RahulGandhi@jitupatwari@GaneshSingh_in@BJP4MP
महिला सुपरवाइजर की भर्ती 8 साल में आती है और सरकार इतने कम नाम मात्र के पद पर भर्ती निकालती और सब नॉर्मलाइजेशन में सरकार गलत कर रही है सरकार मध्य मध्य प्रदेश के युवा आज भी नहीं जागे हैं आंदोलन होना चाहिए
@BJP4MP Sir महिला बाल विकास की भर्ती कब होगी रिजल्ट कब से आ चुका है जॉइनिंग नहीं हो रही हैं आज होगी कल होगी बोलते हैं संचनालय भोपाल के sir कुछ करो sirji
@BJP4MP Sir महिला बाल विकास की भर्ती कब होगी रिजल्ट कब से आ चुका है जॉइनिंग नहीं हो रही हैं आज होगी कल होगी बोलते हैं संचनालय भोपाल के sir कुछ करो sirji
परीक्षा कोई भी हो किसी भी स्तर की हो 100/100 मार्क्स नहीं लाए जा सकते हैं,पर मध्यप्रदेश की व्यापम की परीक्षाओं में यह अजूबा हर बार हो रहा है।
युवाओं को भी जागने व एक होने की जरूरत है।
महिला सुपरवाइजर की भर्ती 8 साल में आती है और सरकार इतने कम नाम मात्र के पद पर भर्ती निकालती और सब नॉर्मलाइजेशन में सरकार गलत कर रही है सरकार मध्य मध्य प्रदेश के युवा आज भी नहीं जागे हैं आंदोलन होना चाहिए
यह है मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड के दामाद की कहानी
नाम है राजा भैया प्रजापति 100 में से 101.66 अंक हासिल किए थे,वैसे तो सतना जिले के रहने वाले हैं परंतु व्यापम ने इनको अपना दामाद बना रखा है और दामाद को उम्र के अंतिम पड़ाव में खुश रखने के लिए जेल प्रहरी वनरक्षक का टॉपर बनाया