छत्तीसगढ़ शासन के विभागों से संलग्न सरकारी वाहनों का बड़े पैमाने पर निजी उपयोग किया जा रहा है। कई अपात्र लोग इन वाहनों का इस्तेमाल व्यक्तिगत कार्यों और शहर-शहर यात्रा के लिए कर रहे हैं|सरकारी वाहन जनता के टैक्स के पैसे से संचालित होते हैं और प्रत्येक वाहन की जवाबदेही तय चाहिए
Government should take strict action against individuals who misuse social media influence to harass, pressure, or mentally torture vendors, contractors, and suppliers. Whether they are YouTubers, content creators, journalists, or anyone else, accountability should apply equally.
छत्तीसगढ़ में पत्रकार बंधु उगाही की सारी हदें पार कर चुके हैं ! किसी भी ठेकेदार / सप्लायर / वेंडर से बिना किसी प्रमाणित कारण से पैसों के लिए फ़ोन कर रक़म की माँग की जा रही है @BJP4India@AshwiniVaishnaw@narendramodi@AmitShah
कोविड जैसी वैश्विक महामारी में अग्रवाल समाज ने दूसरे राज्यों में फेस स्थानीय छत्तीसगढ़ियों के लिए वाहन एवं रहना खाना पीना सब उपलब्ध कराया! दान पुण्य के लिए हमेशा खड़े रहे ! अशोभनीय है अमित बघेल का बयान !
आदरणीय अमित बघेल जी ये वही अग्रसेन महाराज के वंश है जो पूरे छत्तीसगढ़ी लोगों को बड़े बड़े उद्योग और व्यापार में रोज़गार देते हैं अपना परिवार समझ कर धूप बारिश ठंड देखे बगैर उनकी तनखा देते हैं जिनसे उनका घर एवं परिवार चलता है !
ई रिक्शा के पायलट लोगों को 3-4 दिन का रोड नियम एवं सेफ्टी को लेके सेमिनार दीजिए ! हाईवे में इनका प्रवेश बंद करना एक उचित निर्णय होगा क्युकी इसकी मैक्सिमम स्पीड बहुत कम होती है जो हादसों को बुलावा देती है. @nitin_gadkari@vishnudsai @RaipurPoliceCG @vijaysharmacg@ChhattisgarhCMO
रोज़गार देने के और भी रास्ते निकाले जा सकते है ! ये 2-3 हज़ार मासिक किश्त में ई रिक्शा देदिये हैं! पहले अपना अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर पे नज़र फिराइये क्या सड़क में ज़रूरत से ज़्यादा ई रिक्शा उर्फ़ टिर्री घूम रही हैं! @nitin_gadkari@vishnudsai@vijaysharmacg @RaipurPoliceCG