आज मेरी प्यारी माँ मानव रूपी देह को त्यागकर परमपिता के चरणों में विलीन हो गईं, ताऊजी, पिताजी, चाचाजी व हमारे बड़े पहले ही हमारा साथ छोड़कर जा चुके हैं, अब अकेले भगवान रूपी मां एक आंचल ही सर पर था, आज वह भी छिन गया, आज वास्तव में अपने आपको ऐसा महसूस हुआ कि सबकुछ छिन गया।