देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुनने वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी कहाँ से आएगी?
दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहे SSC छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग अमानवीय और शर्मनाक है।
हर परीक्षा में धांधली, हर भर्ती में घोटाला और पेपर लीक से पूरे देश के युवा त्रस्त हैं। भाजपा राज में भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है। उसे ठीक करने और युवाओं की बात सुनने की जगह उनपर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रों पर क्रूरता बरतने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी।
• पाकिस्तान ने हमारे लोगों को धर्म पूछकर मारा
👉 हम उसके साथ क्रिकेट मैच खेल रहे हैं
• चीन ने पाकिस्तान को खुलकर समर्थन दिया
👉 हम चीन के साथ लप्पो-झप्पो कर रहे हैं
मोदी सरकार के लिए हम भारतीयों की जान इतनी सस्ती है?
नेहरू को गालियां देकर मोदी उनके स्तर तक नही पहुंच सकते हैं।
इंदिरा गांधी जैसा रुतबा हासिल करने के लिए उनके जैसी हिम्मत होनी चाहिए जो मोदी में नही है।
कुछ दिन और सत्ता में रह गए तो मोदी स्तरहीन नेता के रूप में याद किए जाएंगे।
@SupriyaShrinate सच यही है कि मोदी से पूरा देश ही नहीं उनके पार्टी के नेता भी बोर हो चुके हैं। 11 साल से एक ही स्क्रिप्ट वही नेहरू, वही 70 साल। मगर मजबूरी ऐसी की जम्हाइयां लेते हुए भी सुनने का नाटक करना पड़ता है।