आदरणीय पी.एम. श्री @narendramodi सर, आज में 3rd हितग्राही के मन की बात पोस्ट कर रहा हूँ । आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले 1-1.5 साल पहले ठेकेदार काम छोड़ कर चला गया था, उसके हिसाब से नगर निगम ने पेमेंट नहीं किया , और नगर निगम के हिसाब से ठेकेदार ने काम नहीं किया। 😂 (1/2)
(2/2) अब बेचारा इन सब के बीच जो पिसा वो थे हम यानि की आम जनता। तब से अब तक नगर निगम का वही ढुलमुल रवैया। अच्छा मुझे तो ऐसा लगता है नगर निगम कमिश्नर भी अपनी कम्युनिकेशन स्किल का सबसे अच्छा परिचय भी हम आम जनता को ही दिखते है, गोल मोल बातो में उलझाकर।@DrMohanYadav51@KailashOnline
हमारे आदरणीय यशस्वी प्रधानमन्त्री जी की महत्वाकांक्षी योजना “प्रधान मंत्री आवास योजना” में अपने सपनों का घर बुक कर के , अधिकारियों और ठेकेदारो की लापरवाही का ख़ामियाज़ा, बैंक के लोन की EMI और जिस घर में अभी रह रहे है उस घर का किराया दे कर नुक़सान भुगत रहे है हितग्राही ।
मुख्यमंत्री @ChouhanShivraj ji नए मकान तो स्वीकृत करते जा रहे हैं आप लेकिन पुराने का हाल तो देखिए 6 साल बीत जाने के बाद भी अधूरे हैं मंत्री @bhupendrasingho ji का कोई ध्यान नहीं @BMCBhopal गुणवत्ता भी घटिया मटेरियल आवास कब मिलेंगे यह भी कोई भरोसा नहीं @narendramodi ji कैसा विकास
#100_फ़ीसदी_आदेश_जारी_करो
मामाजी श्री
@ChouhanShivraj
ने 12 अप्रैल को 50हज़ार नवनियुक्त शिक्षकों के लिए 100% वेतन देने की घोषणा की थी। आज 4 माह बाद भी उसका कोई आदेश नहीं आया! जबकी इसके लिये लाखों ट्वीट और दर्जनों ज्ञापन दिए जा चुके हैं !🙏🙏🙏🙏
कांग्रेस पार्टी ने शिवराज सरकार के 18 वर्ष के सैकड़ों घोटालों की सूची जनता के सामने रख दी है। मैं मुख्यमंत्री से आशा करता हूं कि वह एक-एक घोटाले के बारे में जनता से माफी मांगे और खुद सहित सभी आरोपियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करें। क्योंकि घोटालों में जो लाखों करोड़ रूपया उड़ाया गया है वह मध्यप्रदेश की सम्मानित जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है।
मुख्यमंत्री जिस तरह घोटालों का जवाब देने के बजाय 'खिसियानी बिल्ली, खंबा नोचे' वाली कहावत पर काम कर रहे हैं, वह लोकतंत्र के हित में नहीं है। यह घोटाले नहीं शिवराज जी की असली 'सीखो, कमाओ योजना' है। जिसमें शिवराज जी खुद भ्रष्टाचार करते हैं और दूसरों को घोटालों से कमाना सिखाते हैं।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में गलत प्रश्न पूछे गए। इसके अतिरिक्त परीक्षा में चयन के लिए मानदंड को लेकर भी अभ्यर्थियों में असंतोष है।
मैं मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि वह सभी अभ्यर्थियों की शिकायतों पर ध्यान दें और न्याय पूर्ण तरीके से चयन सुनिश्चित कराएं।