authorised tweeter account of राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उप्र, उत्तरप्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड मे तकनीकी कर्मियों का एक मात्र कैडर संघ है !
संघ मा. मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी एवं ऊर्जा मंत्री @aksharmaBharat जी से मांग करते हैं कि तकनीशियन संवर्ग के हित में अंतर-डिस्कॉम आमेलन एवं स्थानांतरण प्रक्रिया को तत्काल पुनः प्रारम्भ किया जाए तथा वर्षों से लंबित इस समस्या का न्यायोचित समाधान किया जाए। @ChairmanUppcl 🙏
मा. @myogiadityanath जी,
@UPPCLLKO की विज्ञप्तियों के माध्यम से भर्ती हुए हजारों तकनीशियन आज भी अपने परिवारों से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवा देने को मजबूर हैं। इस स्थिति के पीछे कई गंभीर प्रशासनिक विसंगतियाँ हैं, जिन पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। @UPGovt@CMOfficeUP
✅ शत-प्रतिशत टेस्टिंग एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण लागू होने तक Miscellaneous Recovery पर रोक लगे।
✅ रिपेयरिंग, टेस्टिंग एवं निर्गमन प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड एवं स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट सुनिश्चित हो।
गुणवत्ता एवं जवाबदेही की पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है। @UPGovt@ChairmanUppcl#uppcl
✅ प्रत्येक रिपेयर/पुनर्निर्मित DT के साथ अनिवार्य टेस्टिंग रिपोर्ट एवं गुणवत्ता प्रमाण-पत्र।
✅ सभी रिपेयर किए गए ट्रांसफार्मरों के लिए गारंटी व्यवस्था लागू की जाए।
✅ ट्रांसफार्मर क्षति पर तकनीकी जांच के बाद ही जवाबदेही तय हो।
@MdPvvnl@mduppcl@MD_PuVVNL@MDDVVNL@MVVNLmd
मा. @myogiadityanath जी, एक संतुष्ट कर्मचारी ही बेहतर सेवा दे सकता है। परिवार से 500-700 किमी दूर तैनाती के कारण कर्मचारियों को मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
@UPPCLLKO से मांग है कि मानवीय आधार पर अंतर-डिस्कॉम स्थानांतरण एवं आमेलन नीति को पुनः लागू किया जाए। @UPGovt
वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर लखनऊ समेत कई शहरों में प्रशिक्षित स्टाफ का ट्रांसफर और निलंबन किया गया। मैनपावर कम होने से हादसे बढ़ रहे हैं।
हमारी मांगें:
1️⃣ उच्चस्तरीय जांच हो
2️⃣ संविदा कर्मियों की बहाली हो
3️⃣ रिक्त पदों पर भर्ती हो
4️⃣ तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई रुके
मा @aksharmaBharat
@UPPCLLKO की विद्युत व्यवस्था को दिन-रात जागकर सुचारू रखने वाले बिजली कर्मी आज खुद अंधकार और मानसिक तनाव में हैं! पूंजीपतियों के दबाव और शीर्ष प्रबंधन की तानाशाही नीतियों ने पावर कॉरपोरेशन को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।
मा. @myogiadityanath जी न्याय कीजिए! 👇
🚨 आँकड़े झूठ नहीं बोलते:
73,000 स्वीकृत पदों में से 43,000+ पद खाली पड़े हैं।
सिर्फ 29,000 कर्मचारी 5 गुना वर्कलोड झेल रहे हैं।
पिछले 4 वर्षों से कोई नई भर्ती नहीं हुई।
20,000 संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया।
@UPGovt क्या ऐसे सुधरेगी प्रदेश की बिजली व्यवस्था?
मा. @myogiadityanath जी, उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था आज बढ़ते कार्यभार और घटते फील्ड स्टाफ के संकट से जूझ रही है। 22 मई 2024 को मांग ~27,795 MW थी, जो 22 मई 2026 तक ~9.65% बढ़कर ~30,476 MW हो गई। लेकिन फील्ड स्टाफ में 15%-20% की कमी आई है। @UPPCLLKO@UPGovt@CMOfficeUP#UPPCL
@UPPCLLKO मे सीमाहीन ओवरटाइम, मानसिक तनाव और सुरक्षा उपकरणों की कमी के बीच काम कर रहे लाइनमैनों पर दुर्घटना होने पर तुरंत निलंबन की गाज गिरती है, जबकि असली समस्या मैनपावर की कमी और बढ़ता दबाव है। रिक्त पदों पर भर्ती और प्रमोशन में देरी क्यों? @aksharmaBharat@EMofficeUP@UPGovt
@UPPCLLKO शीर्ष प्रबंधन की मनमानी, वर्टिकल व्यवस्था से प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर रही है। 20,000 संविदा कर्मियों की छंटनी और 43,000+ रिक्त पदों के कारण बचे हुए कर्मचारी 5 गुना दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। मा. @myogiadityanath जी संज्ञान लोजिये।
मा. @myogiadityanath जी से विनम्र अनुरोध है कि मनमाने निलंबन/उत्पीड़न पर रोक लगे, छंटनीशुदा कर्मियों की बहाली हो, 4 साल से रुकी भर्तियां शुरू हों और VC-मीटिंग्स के बजाय धरातल पर काम का माहौल बने ताकि जनता को निर्बाध बिजली मिले। @UPGovt@CMOfficeUP@EMofficeUP@myogioffice