भरत तिवारी ने..लोग और भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाया था..
ये मोहर्रम पर रेलवे स्टेशन पर जॉम्बीज किसके खिलाफ खुलेआम हथियार उठाए है..बिहार पुलिस जवाब दे
बंधुओ एक भी गोली चलाये बिना अगर महाराष्ट्र पुलिस अपराधी को पकड़ सकती है.
तो बिहार पुलिस भी शहीद भरत तिवारी को पकड़ सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया.
साफ है कि बिहार पुलिस ने ऐसा किसी के दबाव में कर किया है.
मुख्यमंत्री विधायक एस डीम दबाव किसका था ये जाँच का विषय है. 👇👇
बंधुओ सुनो सोचो विचार करो की समाज का दर्द क्या हैं शहीद भरत तिवारी जी ये किस समाज के लिये लडाई लडे है उसी समाज के नेता उनको ही मुजरिम बना रहे है
ऐसे मे देश के युवाओ को इन जातिवादी नेता को जबाब देना चाहिये!
जो ये बेटी आपने गीत से सभी भाईयो को आहवान कर रही है
यह एक नंबर का धूर्त और चालाक आदमी है।गद्दारी इसके रगों में बसा है।ये गौहत्या का विरोध करता था फिर कहने लगा जर्सी गाय हमारी माता नहीं है।सवर्णों के वोट पर राजनीति करता है लेकिन UGC BILL का समर्थन कर सवर्णों के पीठ पर छूरा भोंक दिया।
ऐसे लोगों का कभी सम्मान नही करना चाहिए और मैने भी इसे सम्मान देना छोड़ दिया है।😡