संसद परिसर में छात्रों की मांगों को लेकर धरने पर बैठे @AzadSamajParty के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद @BhimArmyChief जी को मेरा पूर्ण समर्थन है। सोचिए, यह कैसी तानाशाही है कि एक सांसद को संसद परिसर में शौचालय तक इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा। सड़क से लेकर संसद तक, प्रधानमंत्री का अहंकार देश की जनता और सांसद मिलकर तोड़ेंगे।
ये हमारा सिस्टम है और सामने ना झुकने वाला और जाग चुका भारत का नौजवान . जिसने इस वीडियो को रीट्वीट ना किया उस से दोस्ती ख़त्म . भारत में ये हर किसी को दिखनी चाहिए . इसने कोई गलती की है तो गिरफ्तार करते लाठीचार्ज कौन से नियम क़ानून तहत कर रहे हो वो भी तब जब वो खड़ा है ?
@Wangchuk66@Cockroachisback 19 दिन का अनशन...
फिर भी सत्ता की ख़ामोशी जारी है।
क्या अब भी जनता की आवाज़ नहीं सुनाई दे रही?
20 जुलाई — संसद चलो। 🇮🇳
जवाबदेही और संवाद की मांग के लिए एकजुट हों। 📷
कॉर्पोरेट गुरु जग्गी वासुदेव ने जिस बांस शमशान घाट को 1 रुपये की लिज़ पर लिया है 33 साल के लिए; उसमें 18 शवों को एक साथ जलाने की व्यवस्था है और प्रति दिन 50 अंतिम संस्कार हो सकते हैं।
दैनिक टर्नओवर(अधिकतम)—50 शव X 3500 रुपये = ₹1,75,000
मासिक टर्नओवर (अधिकतम)—₹1.75 लाख X 30 दिन =₹52,50,000
1 वर्ष का टर्नओवर (अधिकतम)—₹63 करोड़ 87 लाख 5 हजार
33 साल का टर्नओवर(अधिकतम)—₹2 अरब
10 करोड़ 78 लाख 75 हजार
लेकिन देना कितना है सरकार को 33 साल में केवल 33 रुपये?
अब बताओ बेवकूफ कौन है जनता, सरकार या कॉरपोरेटी वासुदेव बाबा?
राम मंदिर में हुए घोटालों पर अरविंद केजरीवाल जी।
- प्रधानमंत्री जी ने खुद ट्रस्ट बनाया, एक-एक व्यक्ति जो ट्रस्ट में है उसे प्रधानमंत्री जी ने खुद चुना।
- चंपत राय जी जो प्रधानमंत्री के बहुत खास माने जाते हैं, उन्हें राम मंदिर का सर्वेसर्वा बनाया गया।
- 2021 में जमीनों के खूब घोटाले हुए, एक मामला जो खूब चर्चित हुआ जिसमे एक पाठक परिवार ने 2 करोड़ में एक जमीन इनकी पार्टी के एक व्यक्ति को बेची और वही जमीन 10 मिनट के बाद उस व्यक्ति ने 18 करोड़ रुपए में मंदिर के ट्रस्ट को बेच दी।
- इसी तरह 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में बेच दी गई।
- 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में बेच दी गई।
- कुल 14 करोड़ की जमीन को मंदिर ट्रस्ट ने 95 करोड़ में खरीदी। क्या प्रधानमंत्री जी को ये सब का पता नहीं चला..? जबकि ये सारे कागज़ पब्लिक डोमेन में है।
- इतना ही नहीं मंदिर निर्माण में लगे इंजिनियर का आरोप है कि उनसे टेंडर में 40 प्रतिशत का कमीशन मांगा जाता था।
- 40 दिन में 70 बार CCTV कैमरों में चोरी पकड़ी गई।
- 8 महीने की CCTV फुटेज डिलीट कर दी गई।
क्या ये सब किसी को नहीं दिखा..? इस ट्रस्ट के अंदर एक केंद्र सरकार का होम डिपार्टमेंट का अधिकारी भी मौजूद था उसके बाद भी प्रधानमंत्री जी को कुछ पता नहीं चला..?
किस बूथ पर SIR के माध्यम से किसका वोट कटवाना है ये प्रधानमंत्री जी को पता होता है, लेकिन ये राम मंदिर में हुए घोटाले का उन्हें पता नहीं चला हो ये हमलोग मानने को तैयार नहीं हैं।
#KiskoBachaRaheModiJi
नरेंद्र मोदी जी के पास aadhar card है
नरेंद्र मोदी के पास Voter Id है
नरेंद्र मोदी के पास Passport है
नरेंद्र मोदी के पास Bank Account है
नरेंद्र मोदी के पास PAN Numbar है
नरेंद्र मोदी के पास कालेज की डिग्री है
लेकिन सुप्रीम कोर्ट और विदेश मंत्रालय के अनुसार ये डाक्यूमेंट्स Citizenship साबित नहीं करते
तो अब भारत का प्रधानमंत्री कैसे साबित करेगा की वो भारत का नागरिक है?
किसी के पास है क़ोई जवाब?
कोयला मंत्री के पास से 1600 करोड़ का कोयला गायब है....!
शिक्षा मंत्री के पास से NEET का पेपर गायब है....!!
राजेश export कम्पनी से 15 लाख करोड़ गायब है...!
चुनाव आयोग के पास से EVM गायब है...!!
खाने में पेस्टीसाइड़ की वजह से Nutrition गायब है...!
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों का एवरेज गायब है..!!
भगवान श्री राम के मंदिर से 200 करोड़ का चंदा गायब है....!
इन सब घोटालों के बाद विश्वगुरु देश से गायब है...!!
मैं राजीव से बात करना चाहता हूँ..
रात के 3 बजे, मालदीव के राष्ट्रपति ने इसरार की। थके हुए, मगर बेहद कृतज्ञ गयूम का सम्पर्क, सेटेलाइट फोन से राजीव से कराया गया।
राजीव उस रात सोए नही थे। उन्हें इस कॉल का इंतजार था।
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दिल्ली में राजीव से गयूम की मुलाकात तय थी, मगर अपरिहार्य कारणों से उनका दौरा स्थगित हो गया था। इसकी खबर विरोधियों को नही थी।
श्रीलंका में बैठे गयूम के विरोधी अरबपति ने सरकार पलटने की योजना बना रखी थी। लंकाई चीतों से डील सेट थी। गयूम दिल्ली में होते, माले में हमला होता।
भाड़े के लड़ाके, हाईजैक किये शिप से माले उतरे। बहुत से इसके पहले ही, आम वेशभूषा में माले पहुँच गए थे। 4 नवंबर 1988 की रात हमला हुआ।
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छोटा सा शहर- आप एयरपोर्ट, टेलीफोन एक्सचेंज, सेक्रेट्रीटीएट जैसी आधा दर्जन बिल्डिंग कब्जा कर लें, तो सत्ता आपकी हुई। भाड़े के विद्रोही कब्जा कर चुके थे।
लेकिन राष्ट्रपति को भी तो हिरासत में लेना होगा। वे अपने पैलेस में नही थे। हमले की खबर से वे कहीं छिप गए।
और वहीं से अमेरिका से मदद मांगी। मगर डिएगो गार्सिया से मदद आने में कुछ दिन लगते। श्रीलंका और पाकिस्तान से मदद मांगी।
पाकिस्तान ने क्षमता न होने का बहाना किया, श्रीलंका चीतों से उलझना नही चाहता था। तो ब्रिटेन से मदद मांगी। थैचर ने सलाह दी- भारत से मदद मांगो।
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राजीव कलकत्ता में थे, जब खबर आई। रक्षा और विदेश मंत्रालय की संयुक्त बैठक रखी गयी।राजीव सीधे एयरपोर्ट से वहीं पहुचें।
आर्मी, नेवी, एयरफोर्स का एक संयुक्त ऑपरेशन तय किया गया। नाम - ऑपरेशन कैक्टस
कई योजना बनी, बिगड़ी। पैराट्रूपर्स उतारने की बात सोची गयी, मगर माले इतना छोटा की ज्यादातर सैनिक, समुद्र में गिर जाते।
फिर एक डेयरिंग योजना बनी।
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शाम होते होते आगरा से हैवी एयरक्राफ्ट, फौजी, साजोसामान, जीपें लेकर प्लेन माले चला। और सीधे हुलहले एयरपोर्ट पर उतर गया। घुप्प अंधेरे में ये लैंडिंग जानलेवा हो जलती थी।
तुरन्त ही फौजी और जीपें बिखर गए। एयरपोर्ट थोड़ी बहुत सँघर्ष के बाद कब्जे में आ गया। इतने में और विमान उतर गए।
कुछ ही घण्टो में माले में विद्रोहियों की लाशें बिखरी पड़ी थी। खेल खत्म हो गया था।
सेफ हाउस में छिपे गयूम से माले के भारतीय राजदूत मिले। बताया कि विद्रोह कुचल दिया गया है। वे सेफ हैं।
राजीव को मदद की गुहार लगाए महज सोलह घण्टे हुए थे। त्वरित मदद से अभिभूत, थके हुए, मगर बेहद कृतज्ञ गयूम ने राजदूत से कहा - मैं प्रधानमंत्री राजीव से बात करना चाहता हूँ..
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इसके बाद, मालदीव एक स्ट्रेटजिक एसेट के रूप में भारत का ठिकाना बना। हिन्द महासागर में भारत को एक मजबूत ताकत बनाने में, वहां क्रिएट किया गया फौजी ठिकाना, हमे थाह देता रहा। तीन दशक तक ..
जब तक कि घर मे घुसकर मारने की बकैती नेशनल टीवी पर करने वाले,
औरो के बाथरूम में ताक झांक करने वाले..
दूसरो के स्वतंत्रता संग्राम में खुद को सेनानी बताने के शौकीन,
पड़ोसियों नाकाबंदी कर क्षुद्र ब्लैकमेलिंग करने वाले मूर्ख को, हमने राजीव के जूतों में फिट न कर दिया।
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दस साल पहले जिस व्यक्ति के राज्याभिषेक में समारोह में सभी सार्क देशों के नेता, लाइन लगाकर हाथ मिलाने आये थे..
तब मेरे,आपके, हिंदुस्तान की जनता के निर्णय से एक नई आशा भारत में ही नही, पूरे उपमहाद्वीप में फैली थी।
सबको लगा, कुछ बड़ा होने वाला है..
दस बरस बाद, सिर्फ निराशा है। उम्मीदों का बादशाह, बौना जोकर साबित हुआ है।
पदानुकूल बड़प्पन त्यागकर, क्षुद्र हरकतों से, छिछोरे समर्थकों की तालियां हासिल तो हुई। मगर पद , देश का वकार, इसके स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट, इसकी गरिमा का जनाजा निकल गया है।
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हाल यह है कि पाकिस्तान ही नही नेपाल, श्रीलंका, भूटान भी चीन को गोद मे जा बैठे है। ताजा ताजा मालदीव उसमे मिल चुका है। माले से भारतीय बेस खाली करवाया जा चुका है।
और हमारा छबीला राजा, लक्षद्वीप में बैठकर मालदीव को चिढा रहा है। उसके छल्ले लक्षद्वीप को मालदीव से बेहतर टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की देशभक्ति बेच रहे हैं।
हद्द है..
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इस दौर में राजीव की रह रह कर याद आती है। वो गरिमा, वो गम्भीरता याद आती है।
काश यह शख्स अगर 10 साल जिया होता। तब दुनिया की हर बड़ी ताकत दिल्ली में फोन लगाकर कहती..
- मैं राजीव से बात करना चाहता हूँ..
❤️
बर्बादी करे सरकार, बोझ उठाए जनता
ONGC को कंगाल कर दिया। इस कंपनी के पास 2014 में 13000 करोड़ का कैश रिजर्व था, आज यही कंपनी 78000 करोड़ के क़र्ज़ में डूबी है। उसका पैसा HPCL और गुजरात पेट्रोलियम में लगा दिया।
2014 में भारत अपनी जरूरत 27% तेल उत्पादन खुद करता था। 18-18 घंटे की मेहनत के बाद ये घटकर 13% रह गया।
अब ट्रंप को छींक आई है तो इनको बुखार आ गया है। जो है उसे बेच दो, न बिके तो बर्बाद कर दो, नया कुछ बनाओ मत। यही है नरेंद्र मोदी का आत्मनिर्भर इंडिया, जिसे इन्होंने असल में 'ट्रंपनिर्भर इंडिया' बना दिया है।
कोई और होता तो पहले उस पलटी हुए गाड़ी से लूटपाट करता फिर जाकर शायद ही मदद करता
चूंकि ये आम्बेडकरवादी थे, इसलिए बिना सोचे समझे सभी ने एकता दिखाई और शीघ्र ही पलटी हुई उस गाड़ी को मिलकर सीधा खड़ा कर दिया...!!
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने
सात पूर्व प्रधानमंत्रियों और 100 मंत्रियों की संपत्ति की जाँच के आदेश दिए हैँ,
भारत में कोई नेता दूसरे नेता की जाँच नहीं करवाता है,
क्योंकि यहाँ सब मिलकर लूटते हैँ,
भारत के 99 फीसदी नेता चोर हैँ,
Times Magazine ने दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों के नामों की लिस्ट जारी की है.
टाइम मैगजीन की लिस्ट में नेताओं के ग्लोबल लिस्ट में इन प्रमुख हस्तियों का नाम है.
शी जिनपिंग
डोनाल्ड ट्रंप
बेंजामिन नेतन्याहू
लिस्ट में न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी और नेपाल के युवा प्रधानमंत्री बालेन शाह का नाम है लेकिन साहब जी का नाम नही है.
एक साल से किया जा रहा PR और मैनस्ट्रीम मीडिया का विश्वगुरु वाला प्रोपेगैंडा इस बार टाइम मैगजीन ने फेल कर दिया.
किसने उम्मीद की थी कि एक दिन भारत का ऐसा भी प्रधानमंत्री होगा....
अपनी अहंमन्यता, महत्वाकांक्षा, क्षुद्र स्वार्थ, कुंठाग्रस्त और हीनता-ग्रंथि, ऐय्यासी, नैतिक पतनशीलता, मूर्खता, अज्ञानता, जड़ता, अदूरदर्शिता और घृणित मानसिकता के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे विश्व में भारत की नाक कटवा दी है। हालत यह है कि सार्क देशों में कोई भी देश भारत को न तो कोई तरजीह देता है और न ही सम्मान की नजरों से देखता है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे राज्य भी भारत को आंख दिखा रहे हैं। भारत की बहुसंख्यक मेहनतकश अवाम के लिए मुसीबत का पहाड़ खड़ा करने, नवजवानों को बेरोजगारी का उपहार देने, किसानों और मजदूरों को गुलाम बनाने और शिक्षण संस्थाओं को बर्बाद कर भारत का भविष्य अंधकारमय बनाने तथा देश के पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों, नेताओं, नौकरशाहों और उच्च मध्यमवर्ग के लिए बेहतर परिस्थितियों का निर्माण करने के लिए ही इस महामानव का भारत भूमि पर अवतरण हुआ है।
एक अनपढ़, जाली डिग्रीधारी और नरसंहारी व्यक्ति की महत्वाकांक्षा अपने उफान पर है, और उस उफान के तुफान में पूरा देश उड़ा जा रहा है। जिस आदमी को इस बात पर भी शर्म नहीं आती है कि जिस देश की बहुसंख्यक मेहनतकश आबादी भयंकर गरीबी, भूखमरी, ज़लालत, अशिक्षा, फटेहाली, ज़ुल्म और पिछड़ेपन की जिंदगी जीने के लिए अभिशप्त है, उस देश का प्रधानमंत्री अपने व्यक्तिगत शौक, शानो-शौकत, भोग-विलास, आन-बान-शान, ठस्सा, सुख-सुविधाएं और ऐश्वर्यपूर्ण राजसी ठाट-बाट के लिए जनता के पैसों को पानी की तरह बहा रहा है। दस हजार करोड़ रुपए खर्च कर अट्ठासी देशों की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री की नाकाबिलियत, अयोग्यता, अक्षमता, अदूरदर्शितापूर्ण नीतियों, झूठे वक्तव्यों और डपोरशंखी घोषणाओं का ही दुष्परिणाम है कि आज भारत विश्व राजनीति और राजनय के मामले में पूरी दुनिया से कटा हुआ और अलग-थलग पड़ा हुआ है। वैश्विक मंच पर दूसरे देशों के नेताओं के जबरन गले पड़ने और हर बात पर खी खी की खी और ही ही ही ही करने की अपनी आदत से इन्होंने स्वयं के साथ ही भारत को भी हास्यास्पद बना दिया है।
जिस तरह का उनका व्यक्तित्व और मनोवृत्ति है, जिस तरह की सड़कछाप भाषा का प्रयोग वे करते हैं और जितना अनर्गल प्रलाप करते हैं, वह उनकी चुनावी राजनीति तक ही सीमित है। सच तो यह है कि मोदी जी चुनाव प्रचार अभियान छोड़कर और कुछ कर ही नहीं सकते। चौबीस घंटे में दस बार ड्रेस बदलना, हर समय फोटोग्राफरों की फौज साथ रखना, झूठ और जुमले की बरसात करना, सांप्रदायिक वैमनस्यता, घृणा और तनाव फैलाना, हिन्दू और मुसलमान, भारत और पाकिस्तान, मंदिर-मस्जिद, आतंकवाद, लव जेहाद, टूकड़े-टूकड़े गैंग, अर्बन नक्सली, तीन तलाक़, सुनहरे अतीत की पुनर्वापसी, हिन्दू खतरे में हैं, भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन, रामराज्य, राममंदिर, अयोध्या-काशी और मथुरा जैसे शब्दों के तोतारटंत से आगे न तो ये कुछ सोच सकते हैं और न ही देख सकते हैं। गाय, गोबर और गौमूत्र करते-करते इन्होंने पूरे भारत को ही गोबर और गौमूत्र बना दिया है। खुद को ज्ञानवान और बुद्धिमान साबित करने के क्रम में ये खुद को ही सबसे मूर्ख और अज्ञानी साबित करते रहे हैं। अपने को ईश्वर का अवतार और ननवायोलोजिकल प्राणी साबित करने के चक्कर में स्वयं को बिल्कुल नकारा साबित कर दिया है। सचमुच ही वे भारत के लिए सबसे बड़ा संकट और भार बन गये हैं...!!
@RahulGandhi@Dr_MonikaSingh_@garrywalia_@sakshijoshii@Rashmi22302711@AnumaVidisha
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@RuchiraC@maulinshah9@Iam_MKharaud@Kumarjyoti49291@GoIShadow@sudhirchaudhary@AMISHDEVGAN@anjanaomkashya@RubikaLiyaquat@chitraaum@RajatSharmaLive@AwasthiGyyan@PMNehru@RaGa4India@Raga3689@Pawankhera@SupriyaShrinate
जस्टिस यशवंत वर्मा ने इंपीचमेंट से पहले इसीलिए इस्तीफा दिया है ताकि पेंशन चालू रहे ,
हम सबको #StopHisPension के लिए आवाज उठानी चाहिए , ताकि ये नियम खत्म हो और इनको ज्यूडिशियल प्रोसेस से होकर गुजरना पड़े।
वरना हमको एक भ्रष्टाचारी के लिए जीवन भर टैक्स देना पड़ेगा।
आइए आपको बताते हैं education और uneducated जनता में क्या फर्क होता है। जैसा कि आप जानते हैं भारत में आपको खबरें मिलती रहती है कि यहां अंधभकतो ने मस्जिद तोड़ दिया, यहां कोई नकली बाबा मुस्लिमों को गाली गलौज कर रहा है तो बंगलादेश में मंदिर तोड़ा जा रहा है तो हिन्दूओं को प्रताड़ित किया जा रहा है तो पाकिस्तान में मंदिर मूर्ति तोड़ा जा रहा है तो अफगानिस्तान में बौद्ध मुरती यों को नेस्तनाबूद कर दिया जा रहा है।
वहीं ईरान में आज भी बंदर अब्बास में एक 130 साल पुराना विष्णु मंदिर है जिसे वहां के लोग अब्बास बुतखाना कहते हैं। लगभग 30/35 हजार हिन्दू वहां रहते हैं जिन्हें ईरान कि नागरिकता मिली हुई है और सबसे बड़ी बात ईरान एक मुस्लिम समुदाय वाला देश है फिर भी कभी इस मंदिर पर हमला तो छोड़िए कभी खरोंच भी नहीं आई। बल्कि आप हैरत में पड़ जायेंगे कि उस बुतखाने की देख रेख और सुरक्षा एक मुस्लिम संसथा अबासी इस्लामिक ग्रुप करता है।।
निचे दिए हुवे चित्र साझा कर रहा हूं। यही अब्बासी विष्णु मंदिर है जो ईरान में पिछले 130 साल से है।।
ईरान इजरायल अमेरिका युद्ध चल रहा है। इससे पहले ईरान 8 साल तक इराक़ से युद्ध लड़ा लेकिन किसी भी ईरानी ने इस मंदिर के निचे मस्जिद होने का दावा नहीं किया। लेकिन पता नहीं क्यों हिंदुस्तान के कुछ जाहिल गंवार अनपढ़ को हर मस्जिद के निचे भगवान छुपा नजर आता है। क्या भगवान इतने कायर थे कि ओ छुपने की जगह मस्जिद ही ढुढते थे। हर तिसरा चौथा जाहिल उन मुस्लिम परिवार को भारत छोड़कर जाने को कहता है जिनके बाबा दादा परदादा की मिट्टी भारत के मिट्टी में मिल गई है। मिट्टी का शरीर भारत के मिट्टी में ही मिल गया और जाहिल ये कहते हैं ये गद्दार है। भारत के लिए सबसे पहले जान देने वाला शख्स बदरूद्दीन जिसे अंग्रेजों ने तोप से बांध कर उड़ा दिया जो जाते जाते भी इंकलाब जिंदाबाद बोल कर गया। और भारत का सबसे पहला उग्रवादी नाथूराम गोडसे जो देश को बंटवारा करने वाले महोम्मद जिंना और माउंट बेटन को गोली मारने के जगह हे राम बोलने वाले एक बुजुर्ग को गोली मार कर देशभक्ति का पाठ पढ़ाने आ गया।
भारत, पाकिस्तान, बंगलादेश की सभ्यता लगभग एक जैसा होते हुए भी पता नहीं क्यों लोग सबसे ज्यादा मंदिर मस्जिद के लिए ही लड़ते नजर आते हैं।
और एक ईरान है जो हिन्दूओं के इस धरोहर को संजोकर संभाल कर रखा है।
इसै ही कहते हैं Educated and non Educated. जय हिन्द 🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻
2014 की आजादी
लोकपाल बिल
250 का गैस सिलेंडर
13 रुपए किलो शक्कर
विदेशों से कालाधन
रुपया डॉलर के बराबर 👀👀
ध्यान से देखिए इन चेहरों को 😁 ये वही लोग है जिन्होंने इस देश की जनता को गुमराह किया और जूठे वादों के माध्यम से ठगा देश की जनता को ?
आज गैस सिलेंडर 1100 रुपया , शक्कर 70 रुपए किलो , लोकपाल बिल तो दफन हो चुका है , रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है , विदेशों में कालाधन अब चार गुणा ज्यादा हो चुका है !
लेकिन इनमें से किसी भी शख्स का मुंह तक नहीं खुल रहा है पेट्रोल 60 होने पर गाड़ी को आग लगाने वाले अमिताभ बच्चन आज ट्विटर पर पोस्ट की नंबरिंग नंबरिंग खेल रहे है ?
अन्ना हजारे तो पता नहीं कहा जाकर सो चुका है कोई खोज खबर नहीं ,बाबा रामदेव अपनी कमाई 240 गुना कर गए पिछले 12 सालों में , अब कहते घूमते है कि महंगाई बढ़ी है तो अपनी कमाई बढ़ाओ 🤔
डीजल 55 रुपए होने पर साइकिल निकालने वाले अक्षय कुमार कैनेडियन , अब आम काटकर खाते हो या चूसकर खाते हो जैसे बहुधा सवाल करता घूम रहा है ?
250 का गैस , और 13 रुपए किलो शक्कर दिलवानी वाली स्मृति ईरानी अब सास भी कभी बहू थी नाटक बना रही है !
एक तो 1947 की आजादी जिसमे हजारों देशभक्तों ने शहीदी थी उस आजादी को भीख में मिली आजादी बता रही थी कंगना रनौत 🤔
लेकिन आज इन लोगों सांप सूंघ गया एक शब्द इनके मुंह से नहीं निकल पा रहा है बड़े ही मीठे ठग बनकर इन्होंने लोगों को ठगा देश के साथ ठगी की है इन लोगों ने ? 🙄
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