विवाद ये कतई नहीं है कि महिला क्या पहनें... दिक्कत दोगलेपन से है और हिंदू त्योहारों पर लोगों को उनकी परंपराओं से प्रभावित करने वाले हथकंडों से है।
क्योंकि ऐसा नहीं है कि कृति सेनन ने कोई पहली बार कुछ ऐसा पहना है और विवाद हो गया।
कब क्या पहनना चाहिए इसका एक सलीका होता है। उदाहरण के लिए गुरुद्वारे में जाने से सिर ढंकने की परंपरा है, मंदिर में आप भरे-पूरे कपड़े पहनते हैं। बहुत से मंदिरों में पुरुषों के हॉफपैंट पहनने तक पर रोक है, लेकिन वहां तो कोई कपड़ा पहनने की आजादी का तबला नही बजा रहा है।
इसलिए विक्टिम कार्ड खेलने की जगह लोकतांत्रिक देश में हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात करना बंद करें। हिंदू सहनशील है इसका यह अर्थ नहीं है कि आप बार-बार उसके संयम की परीक्षा लेते रहें।
GIVA ने ये एड हटा दिया है, इस हेतु धन्यवाद।
True leadership doesn’t respond to noise with more noise.
It responds with clarity, patience
and purpose.
Abuses solve nothing.. nor does anger..
This is an endearing , large hearted message by PM @narendramodi
इसे कहते हैं.. विशुद्ध धुलाई..🔥
जब सड़क की गंदगी कॉकरोच के सामने
एक NEET स्टूडेंट बैठ गया तो जरा इस
छक्के ( ग्रांड मरे ) विजेता दहिया का मुँह देखिये..
आपको इनकी मंशा समझ आ जाएगी 🖐️