@the_ahir Muchh muchh better than Dilli and Gudgaama…basic amenities are far better here in Noida…traffic minimal, bijli paani good, law and order also good!!
Haryana Roadways never disappoints YOU!
लिखा है - पंख होती तो उड़ जाती
मैं सोच रहा हूं बिना पंख ही ये इसको जहाज़ बना के रखते हैं, पंख लग जाए तो 🔥🔥🔥
#haryanaroadways
Abhay Singh Grewal AKA IITian Baba tied knot with Bengaluru girl named Preetika.
News broke when the couple visited home district Jhajjar for marriage related paperwork.
#iitianbaba#mahakumbh#marriage@haryana_tak
ओहो !
शर्मा जी का हलका, हलके में रैली, रैली के दौरान उद्घाटन और शर्मा जी का नाम ही नहीं 🙂
पीछे खड़े सीएम साहब और प्रदेश अध्यक्ष की खुशी देखते ही बन रही है और शर्मा जी का चेहरा भी देखते ही ‘बन’ रहा है. #haryana
आइए आपको असिस्टेंट पब्लिक रिलेशन ऑफिसर खैरथल-तिजारा, राजस्थान से मिलवाते हैं।
इन्होंने 2022 में बतौर APRO ये नौकरी जॉइन की थी। स्थानीय पत्रकार बताते हैं कि कलेक्टर महोदया की गुड बुक्स में है। इन्हें जिला प्रशासन की तरफ़ से गाड़ी मिली हुई है।
इन्होंने 2019 इन्होंने अपनी ME की डिग्री पूरी की और 2021 में आई APRO की वैकेंसी में बैठ गए। जबकि परीक्षा की पात्रता में साफ़ लिखा था कि या तो आपके पास पत्रकारिता की ग्रेजुएशन डिग्री/डिप्लोमा हो। या फिर हिंदी/अंग्रेजी में PG हो। इसके साथ-साथ आपने किसी भी प्रतिष्ठित मीडिया हाउस में तीन साल का कार्य अनुभव हो।
ये भाई साब पत्रकारिता में डिग्री/डिप्लोमा के बिना परीक्षा में बैठ गए। इंजीनियरिंग करने के महज़ दो साल बाद। तो तीन साल का अनुभव होने का सवाल ही नहीं उठता।
कुल मिलाकर इनकी नियुक्ति ही संदेह के दायरे में है।
लेकिन भाईसाब में एक प्रतिभा कूट-कूटकर भरी हुई है। रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार से PRO द्वारा जारी किए गए कागज माँगना। उसे धकेलना। उसका माइक पकड़ लेना।
आखिर में पुलिस के जवानों/जन संपर्क अधिकारियों से एक विनम्र अपील। मतलब अपील ही समझिए। जब कोई पत्रकार अपना काम कर रहा हो, रिपोर्टिंग कर रहा हो तो प्लीज उसे अपना काम करने दें। उसे अफसरी ना दिखाएँ। क्योंकि हम पर्दे हटाते हैं तो सारे भरम उघड़ जाते हैं।
Deepender be like - रुक क्यों गए चलाओ ना सीधा छाती पर चलाओ!
Glad to see him in this young and energetic rhythm during the HPSC Gherao today in Panchkula. @DeependerSHooda
Gabbar in his usual mood 👇
अनिल विज - इस पुलिसवाले को सस्पेंड करो!
उपासना, एसपी कैथल - सर मैं नहीं कर सकती, एसपी कुरुक्षेत्र या डीजी सर कर सकते हैं, मेरे पास Power नहीं है!
अनिल विज - आपके पास Power नहीं तो यहाँ से उठकर जाओ!
बाद में डीसी कैथल ने बीच बचाव किया, एसपी बोलीं मैं लिखकर दे दूँगी डीजी सर को तब अनिल विज शांत हुए।
अनिल विज के कहने पर पहले एक SHO को सस्पेंड नहीं किया था तत्कालीन डीजीपी कपूर साहब ने उसके बाद अनिल विज ने ग्रीवंस की बैठक ही लेना ही बंद कर दिया था और कई दिनों तक नाराज़ रहे थे अपनी ही सरकार से।
अब नए डीजी साहब सस्पेंड करते हैं या नहीं ये देखना दिलचस्प रहेगा, अनिल विज ने आज की मीटिंग में ये भी कहा कि मेरा ऑर्डर पूरे हरियाणा में चलता है!
#anilvij #haryana
DU और देश के अन्य शिक्षण संस्थानों में कैसे होता है जातिवाद?
जातिगत भेदभाव को लेकर युवा वर्ग में कैसे आएगी संवेदनशीलता?
क्यों UGC Guidelines के मुद्दे पर पिछड़े समाज से आने वाले बड़े बड़े नेता भी नहीं ले पाए मज़बूत स्टैंड?
प्रोफेसर लक्ष्मण यादव से समझिए पूरा खेल 👇
@DrLaxman_Yadav | @Raahulrewari | #UGCRegulations
क्या शानदार Campaign Song है यार, ऐसा ही एक भूपेंद्र हुड्डा के पहले कार्यकाल का भी है।
I mean just listen to the lyrics, the composition 🔥👌
आज हम AI, premium cinematography and sound mixing tools के जमाने में भी इसका मुक़ाबला नहीं कर पा रहे।
बात सिर्फ़ टेक्नोलॉजी की भी नहीं है, बात तो Intellect की है!
However, if I talk about contemporary campaign songs, Deepender Bhai Re and Roop Dusra Tau ka Yo Dushyant Chautala Re…are still my fav!
But we definitely need better and relatable lyrics like these old campaign songs have.
@GoyatKulkin@Highonchoorma@hellwala@anku_chahar kya bolti public?
चौधरी बंसीलाल ने भिवानी के विकास में चार चांद लगा दिये और भिवानी के हर गांव खेत घर तक पानी पहुंचाया
लेकिन उनकी आगे की पीढ़ी भिवानी का विकास नहीं कर पाई है
ढाणी माहू जैसे गांव में सप्ताह में एक बार पीने का पानी आता है
भिवानी के बहुत से गांव में पीने के पानी की समस्या है, नहरों में पानी नहीं है
बंसीलाल परिवार से किरण चौधरी राज्यसभा सांसद व उनकी बेटी हरियाणा में मंत्री है
फिर भी ये हालात हैं
बंसीलाल जी के जमाने में भिवानी में विकास का ढंका बजता था
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में हॉकी एस्ट्रो ट्रफ खेल मैदान के उद्घाटन के दौरान सीएम सैनी और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम।
प्रदेश सरकार ने 5.5 करोड़ की लागत से इस एस्ट्रो ट्रफ खेल मैदान का निर्माण करवाया है।
#Haryana#hockeyindia
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव आज अपनी विधानसभा में 👇
मैंने दिल्ली छोड़ दी है…पिछले 1.5 साल से चंडीगढ़, रेवाड़ी, गुड़गांव और महेंद्रगढ़ के बीच ही ज़िंदगी घूम रही है।
आरती राव को ये इसलिए कहना पड़ रहा है क्योंकि विरोधी लगातार ये प्रचार करते हैं कि चार साल बाद आरती अटेली में दर्शन भी नहीं देगी, जनता ढूँढती रह जाएगी।
राव इंद्रजीत पहले ही इस प्रचार का प्रकोप झेल रहे हैं कि वो मिलते नहीं है, दिल्ली से बाहर नहीं निकलते आदि आदि।
अब बेटी इस टैग से बचने के लिए लगातार क्षेत्र में घूम रही है और मंचों से इस तरह की बातें भी कह रही हैं।
#Haryana #artirao #raoinderjitsingh
As they say - जींद मै और नींद मै कुछ भी हो सके है !
नीचे पहला उदाहरण है जहाँ दस बेटियों पर एक बेटा हुआ।
आज दूसरा मामला सामने आया है इसी जींद से, उचाना में शादी के 24 साल बाद नौ बेटियों पर एक बेटा पैदा हुआ है।
पिता सुरेंद्र का कहना है कि बेटा होने पर इतनी खुशी हुई कि मेरे से खड़ा नहीं हुआ जा सका !
#Haryana #Jind
''पहले सोच थी कि क्रिकेट टीम ही बनाएंगे,अब 11वीं संतान बेटा होया तो म्हारा सपना पूरा होग्या.पहले छोरी होई तो न्यूए रोणा-पिटणा होया करता''- 10 बेटियों के बाद 11 वीं संतान बेटा हुआ तो पिता संजय ने सुनाई पूरी कहानी। दादी बोली- ईब हौसला होया सै नहीं तै घर छोरियां तै भरया दिखता तो रोना आया करता।
#HaryanaNews #छोराहोया
कांग्रेस विधायक ने SDM को थमाया झुनझुना 👇
गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेन्द्र हंस ने एसडीएम प्रवेश कुमार को कथित अवैध निर्माण ना रोकने और ठेकेदारों से मिलीभगत का आरोप लागते हुए काम ना करने पर हाथ में झुनझुना थमा दिया और कहा कि - इस से कुछ नहीं होने वाला, ये झुनझुना पकड़ो और बजाते रहो ! #Haryana #Congress
We native Haryanvis must call out such pathetic behaviour and try not to be a part of this hooliganism ever.
PS: Not only jaat boys have this syndrome, youth at large find it cool and what not! #Haryanvi
Haryana boys & their hukkah lust." 🤡
"Hooligans creating chaos in Kashmir." 🤡
A group of hooligans are dancing half-naked, waving hukkahs, jumping like animals, and blasting high-volume caste-glorifying songs like "Jattan Ka Chhora", turning a nice and peaceful tourist place into a circus.
They completely forget that women, families, elders, and educated people also visit these places for peace, not for intimidation. Nature is meant to be enjoyed with respect, but instead we see hooliganism and gundagardi in the name of fun and masculinity.
This is not culture, this is not pride, this is plain public misbehavior. Tourist places are not personal playgrounds, they are sensitive regions, and places of natural beauty.
If you cannot respect public spaces, and cultural dignity, you should stay in your room. Don't roam freely and harass others. And anyone who fails to see how this behavior is disrespectful, disturbing, and unacceptable is also part of the same problem.