देश की जनता को ये 3 बयान सुनने चाहिए।
जब देश में अधिनायकवाद का 'राज' हो और 'नीति' विलुप्त हो जाएं तो विश्वसनीयता पर सवाल उठना लाज़मी है।
संवैधानिक पदों पर आसीन एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अपनी सरकारों के कुशासन और कोलैप्स सिस्टम की कहानी कह रहे हैं।
पहले बयान में देश के दूसरे सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी उस किसान की दुर्दशा से चिंतित हैं, जो 10 साल से पीड़ित है और ठगा जा रहा है। माननीय उपराष्ट्रपति जी, इस अन्नदाता के साथ किसी और ने नहीं, बल्कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बार-बार छल किया है। MSP की कानूनी गारंटी, किसान कर्जमुक्ति और आय दोगुनी करने को लेकर वादाखिलाफी की है।
दूसरे बयान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी संसदीय कार्य मंत्री के सामने मोदी सरकार की विफलता और मंत्रियों की अक्षमता को इंगित कर रहे हैं। जहां सदन में मोदी मंत्रिमंडल के सदस्यों के पास ना तो जनता के सवालों का कोई जवाब होता है, और ना ही मंत्री जवाब देने के लिए स्वयं सदन में उपस्थित होते हैं।
तीसरे बयान में राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा जी अपने मुखिया पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। बार-बार मुख्यमंत्री के निर्णयों और उनके विभाग की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
ये लो जी नरेश मीणा के घघरी फाड़ डायलॉग के बाद पेश है किरोड़ी लाल मीणा का मा..... खोद, bsk, वाला नया डायलॉग, क्या संस्कार है नेताओं के,
भिक्षानदेही
#दौसा_उपचुनाव
13 माह चले किसान आंदोलन में400 किसान संगठन, लाखों किसानों की मौजूदगी के बावजूद हिंसा नहीं हुई.700 से अधिक किसान शहीद हुए लेकिन किसानों ने संयम नहीं खोया.बिल वापस हुए.उसके बारे में बीजेपी सांसद कंगना रनौत का बयान शहीद किसानों और देश के करोड़ों किसानों का अपमान है। @ANI@BJP4India
किसान आंदोलन में रेप हो रहे थे लाशे लटकी थी- कंगना रनौत भाजपा सांसद
इस बयान के लिए कंगना को अन्नदताओ से माफी मांगनी चाहीए !
क्या ये बयान सहने के योग्य है मोदी जी❓
RT कर देश के सारे किसान संगठनों तक पहुंचाए 🙏
देखों अंदभक्तों तुम्हारे पिताजी स्वीकार कर रहे है
की भारत बुद्ध की धरती है हम बुद्ध की धरती से आते है
ये आपके भगवान अवतार हिन्दू धर्म सिर्फ़ भारत तक सीमित है
दुनिया में सिर्फ़ बुद्ध है
@lkantbhardwaj@RahulGandhi पाहन पूजे हरि मिले, मैं तो पूजूं पहार। याते चाकी भली जो पीस खाय संसार।। यह दोहा कबीरदास जी का है । इस दोहे में कबीरदास जी कहते हैं कि यदि पत्थर पूजने से ईश्वर मिले तो मैं पहाड़ की पूजा करूँ,इससे तो अपने घर में चकरी ही अच्छी है जिससे सारा संसार आटा पीस कर खाता है
मंत्री जी का थाने में जाकर पुलिस पर इस तरह दबाव बनाना आपको समझ में आता है क्या?
इसके पीछे क्या जातीय सोच काम नहीं कर रही? अभी तो यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि मंत्री जी सरकार के लिए काम कर रहे हैं या करणी सेना के लिए काम कर रहे हैं? इस तरह धमकियों से पुलिस का मनोबल गिराने पर क्यों उतारू हैं मंत्री जी?
अपने अधिकारों और छात्रसंघ चुनाव की मांग उठाने पर जवान और किसान के बेटो पर घसीट-घसीट कर लाठियां बरसाईं जाती है और थाने में बंद किया जाता है मंत्री जी इससे आपका स्वाभिमान नहीं जागता क्या ..?
माननीय प्रधानमंत्री जी, आप राजस्थान में नेताओं को सीख देकर गए थे कि सरकारी अधिकारियों से तमीज से पेश आना चाहिए लेकिन आपके मंत्री आपकी सीख को खुलेआम दरकिनार कर रहे हैं। क्या आप देख रहे हैं?
माननीय मुख्यमंत्री जी, आपको इस मामले को संज्ञान में लेकर उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए अन्यथा आपके मंत्री सत्ता का दुरुपयोग करके बनालाल जी जाट और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ दबाव बनाकर कार्रवाई करवा रहे है वो न्यायोचित नहीं है।
#NirmalChoudhary
@narendramodi@BhajanlalBjp@Ra_THORe@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp
जब आधा प्रदेश अतिवृष्टि की चपेट में है एवं जयपुर में ही आधा दर्जन से अधिक मृत्यु बारिशजनित दुर्घटनाओं से हो गई हो तब राज्य के मुख्यमंत्री और सरकार का जनता के टैक्स के पैसे पर आमोद-प्रमोद में व्यस्त होना लोकतंत्र में जनता के मुंह पर तमाचे मारने जैसा है।
राजस्थान की जनता को गर्मी में बिजली-पानी एवं बारिश में सुरक्षित आसरा नहीं दे पाने वाली सरकार की इन मनोरंजक गतिविधियों को देखकर जनता आश्चर्यचकित होकर अपने मतदान पर अफसोस प्रकट किया है।
#हर_मोर्चे_पर_फैल_पर्ची_सरकार
पहले तो लगा कि अपनी किसी शारीरिक कमजोरी की बात कर रहे हैं, लेकिन अंत में समझ आया कि ये तो देश की बुराई कर रहे हैं विदेशी धरती पर।
कांग्रेस से दिक्कत तो समझ आती है, लेकिन देश से इतनी नफरत क्यों मैगी जी ?
पहले तो लगा कि अपनी किसी शारीरिक कमजोरी की बात कर रहे हैं, लेकिन अंत में समझ आया कि ये तो देश की बुराई कर रहे हैं विदेशी धरती पर।
कांग्रेस से दिक्कत तो समझ आती है, लेकिन देश से इतनी नफरत क्यों मैगी जी ?