Pre Independence Era : India is a country of snakes and snake charmers.
Till 2014 : India is the fastest economy in the world.
Post 2014 : India is a country of snakes and snake charmers.
रेखा पर्ची की छात्रों के लिए ये मन की बात सुनिये। बता रही हैं कि छात्र बिजली बर्बाद करते हैं, देश पर बोझ हैं, इसलिए सबको इन छात्रों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना चाहिए।
पत्रकार: मोदी कहते हैं कि अगर Covid के दौरान कांग्रेस की सरकार होती, तो लोगों को मुफ्त वैक्सीन नहीं मिलती
जनता: कांग्रेस ने भारत को पोलियो मुक्त किया और मुफ्त वैक्सीन दी
जनता: कांग्रेस ने बहुत काम किया है, BJP की तरह हर काम का ढिंढोरा नहीं पीटती, जैसे जनता पर कोई बहुत बड़ा एहसान किया हो
BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपना ये वीडियो डिलीट कर दिया.
दरअसल,BJP की नई वाली सोशल मीडिया टीम ने बेवकूफी की थी. रूस के राजदूत ये मिलने वाले इस वीडियो में “रा रा रसपुतिन” गाना लगा दिया था. ये गाना रूस के लिए अपमानजनक माना जाता है.
नई वाली सोशल मीडिया टीम लगातार ब्लंडर कर रही है. दो दिन पहले निर्मला सीतारमण के वीडियो में झोला भरकर कट लगाए और उस वीडियो को चला दिया.
उससे पहले गणेश आरती को बिगाड़ दिया. मीम के चक्कर में BJP को गुंडा बताया.
मतलब सारे काम बेवकूफों जैसे हो रहे हैं. ये BJP की और लंका लगाएंगे. ना नैरेटिव है, ना ही कोई लाइन, ना ही काउंटर.
अमित मालवीय ने पहले ही बर्बाद किया था, दीपक महस्के ने फूंक ही दिया.
मोदी सरकार में ही वित्त सचिव रहे सुभाष चंद्र गर्ग ने तो हिंदी में भी ख़ुलासा कर दिया कि GDP ग्रोथ रेट 7.8% नहीं बल्कि 2.6% है। मुद्रास्फीति 2.5% है और उसे घटा देंगे तो ग्रोथ लगभग 0% है!
“7.8% की ग्रोथ रेट वैसा ही मज़ाक़ है कि अगर जेफ़ बेज़ोस और एलन मस्क किसी स्टेडियम में आ जाएं, तो उस स्टेडियम में मौजूद लोगों की औसत आय बढ़कर 1 बिलियन डॉलर हो जाएगी।”
- प्रो. अरुण कुमार, अर्थशास्त्री
मेलोनी का नाम नहीं लेना था
• क्या हुआ कि कई साल से हम Melodi के मीम्स देख रहे
• क्या हुआ कि भक्त भाभी और नजाने क्या-क्या बुलाते हैं
• क्या हुआ कि मोदी खुद Melodi शब्द का प्रचार करते हैं
• क्या हुआ कि इसपर एंकर स्टोरी बना चुके हैं
मेलोनी का नाम नहीं लेना था
बाकी BJP वाले इस तरह के लिजलिजे पोस्ट कर सकते हैं. कांग्रेस की विधवा और न जाने कितनी गिरी हुई बात कर सकते हैं.
वो सब ठीक है.. बस आपको वो बात नहीं कहनी है, जो हर कोई दबी जुबान में कहता है और मजे लेता है. ऐसी बात को खुलकर नहीं कहना है.
लोगों को समझना होगा- अगर आपको सूअर से लड़ना है, तो कीचड़ में उतरना ही होगा. बाहर बैठकर हुर-हुर करने से न वो भागेगा, न उसपर फर्क पड़ेगा.