دو 2 سال پہلے کعبے کے ممبر پر #میلادالنبی کے موقع پر صحابی رسول حسان بن ثابت رضی اللہ عنہ کی #نعت پڑھ کر سنانے والا 2026 میں کہتا ھے میلاد جائز نہیں #امام_کعبہ_شیخ_سودیس_فتویٰ
جب تم امت کے اکابرین کی اقتدا نہیں کرتے تو ہم تمہیں اپنا امام کیسے بنا لیں منکرینِ میلاد #سودیس کو جواب
मीर ए अरब को आई ठंढी हवा जहाँ से
मेरा वतन वही है मेरा वतन वही है
यौम ए आज़ादी तमाम दोस्तों को मुबारक हो
हमें हिंदुस्तानी होने पर फ़ख़्र है 🇮🇳
#15अगस्त#स्वतंत्रतादिवस 🇮🇳
Manqabat-e-Huzoor Mufti-e-Aazam Hind Raheemahullah
✒️Written by : Mufti Ahsan Raza Khan Qadiri Razvi Hafidullah
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काजी-उल-कुज़ात फिल-हिंद की आलमी मकबूलियत।
दुनिया भर के सुन्नी हनफी बरेलवी मुसलमान जानते हैं कि बरेली शरीफ ही वह मरकज़ है जहाँ से मिल्लत को कयादत मिलती है हज़रत मुफ्ती असजद रज़ा खान साहब का 'काजी-उल-कुज़ात फिल-हिंद' (ग्रैंड मुफ्ती ऑफ इंडिया)
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#MuftiAsjadRazaKhan
अजमेर शरीफ उर्स पर देवबंदियों का दोहरा चेहरा🎭
एक तरफ फतवा : मजारों पर जाना नाजायज और बिदअत।
दूसरी ओर : “ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे” के नारे और उर्स की भीड़ में शामिल होना? 🤔
यह कैसी मुनाफकत ? क्या जनता को बेवकूफ बनाना ही इनका असल दीन है?
हामिद रज़ा, ये 'खिचड़ी दीन' अपने पास रखो। अहले सुन्नत का अक़ीदा कोई सेल नहीं लगा है कि जिसे चाहा 'हीरो' का सर्टिफिकेट बाँट दिया। जो गुस्ताख़ों और बद-मज़हबों को दीन का सिपाही समझता है, उसके अपने ईमान का जनाज़ा निकल चुका है। याद रखो, भेड़िया चाहे कितनी ही अच्छी खाल पहन ले,
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#समाज_सेवा के कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है मरकज़-ए-अहले सुन्नत बरेली शरीफ व उससे जुड़ी तंज़ीम, जैसे जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा और आला हज़रत ताजुश्शरिया वेलफेयर सोसाइटी।
माशा अल्लाह 🌹🌹
अल्लाह करीम से दुआ है कि
दामाद-ए-हुज़ूर क़ाइद-ए-मिल्लत, हमदर्द-ए-क़ौम ओ मिल्लत
जनाब फरमान हसन खान साहब को
सलामत रखे, और लंबी उम्र अता फ़रमाए
आमीन सुम्मा आमीन 🤲❤️
شکیل عارفی نے سلمان ازھری و دیگرعلماۓ کرام کی موجودگی میں ایک شعر پڑھا جو بالکل درست نہیں ہے۔
ان علمائے کرام کی خاموشی🤔
بروقت گرفت ہونا ضروری نہیں تھا?۔۔۔۔
شعر۔۔۔
نبی کے بعد عظمت میں علی سب سے زیادہ ہے
نظر آتا نہیں جس کو اس کی کم نگاہی ہے۔
(معاذاللہ)
@muftisalman_
वही मसलक जिसे मसलक ए सिद्दीक़ ए अक़बर कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए फ़ारूक़ ए आज़म कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए ज़ुन्नूरैन कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए मौला अली कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए फातमतुज़्ज़हरा कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए हसनैन ए करीमैन कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए अबू हनीफ़ा कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए गंजेबख्श कहा जाता है
वही मसलक जिसे मसलक ए बहाउद्दीन कहा जाता है
अब आख़िरी अहद में उसी का नाम मसलक ए आला हज़रत भी पड़ गया है❤️
अता ए रसूल ग़रीब नवाज़ की बारगाह में आशिक ए रसूल आला हज़रत का सलाम पढ़ने से रोकने वालों पर अल्लाह की लानत
आला हज़रत तो इस बात पर अड़े हैं की अजमेर चलो
🎤~ अमीरूल मोमीनीन फिल हदीस हुज़ूर मुहद्दिस ए कबीर क़िबला👑#Huzoor_Muhaddis_e_Kabeer ❣️
"क्या तालिबान देवबंदी मसलक से हैं❓
तालिबान के बारे में यह कहना मुश्किल है कि वे देवबंदी अकीदे से पूरी तरह वाकिफ़ हैं, क्योंकि उनके अमल में देवबंदियत की झलक नज़र नहीं आती।"