@ranimishra36 बेटी तेरे घर का ये बहुत जरुरी रिवाज़ है की तेरे घर की किसी लड़की की शादी होगी तो वो अपने सासुराल मे मेरा आशिर्वाद अपनी कोख में लेकर जायेगी
Momy mujhe hamesha time to time guide karti rehti hai. Sadi ke baad jab sasural janewali thi tab momy ne mujhe @RafiqKhanCh ka asirwad leke jene ko bola. Mein kabi momy ki baat ko na nhi bolti.
खेत से कड़ी धूप में पैदल घर जा रहा था। पसीना से इतना भीग गया था की पजामा बदन से चिपक गया और मूसल साफ़ नज़र आने लगा तभी सामने से @lustylady32 गाड़ी में आई और बोली मैं आपको छ��ड़ देती हूं। गीयर बदलते हुए उसने मेरा गियर पकड़ लिया और सीधे अपने घर ले गई फिर क्या होना था आप सब समझदार है
@BimboRani हां बेटी बहुत पसन्द आया। इसके स्प्रिंग हर झटके के साथ तुझे वापस मेरी ओर धकेल रहे थे जिससे मेरा मूसल और अंदर तक वार कर पा रहा था और जैसे तेरी ची��ें निकल रही है मुझ�� नहीं लगता तेरा पति पूरे घर में कहीं भी सो पाएगा। मगर तू अपना फ़र्ज़ ऐसे ही अपने नितंब फैला कर निभाती रहना
जिस घर में औ��त की चलती है उस घर की औरतें अक्सर पराए मर्द से गाnड मराते पाई जाती हैं। @BimboRani इस कहावत की एक प्रमुख उदाहरण है। पति घर में होते हुए भी मुझे रात को घर बुलाती है, पति बेचारा सोफे पर सोने की कोशिश कर रहा होता है और वो उसके लाए बिस्तर पर मेरे आगे कुति या बनी होती है।
अब तू लग ही इतनी लज़ीज़ रही थी की तेरे गोश्त की दावत उड़ाने के लिए मूसल बेचैन हो उठा और उसको तो तू जानती है अच्छे से एक बार बेचैन हुआ तो जिस्म से तहस नहस कर के ही छोड़ता है।
एक सच्ची संस्कारी और घरेलू औरत के सब गुण है @KalpnaDube में। जब भी मिलने जाता हूं 16 श्रृंगार किए मिलती है फ़िर बिना कोई नखरा किए मेरे मूसल की मार झेलती है और जब प्रोग्राम अपने अंजाम की और पहुंचता है तब कामरस की आख़िरी बूंद तक निचोड़ कर निगल जाती है।
मेरी आइटम सोनी जब भी मेरे पास आती है उसके मुंह पर बस उसकी ब��टी रीया की तारीफ़ ही रहती है। मेरे मूसल की सवारी करते वक्त भी उसके गुणगान किया करती है तो मैंने सोचा एक बार मिल ही लू उससे। आज सुबह रीया से मिला और वाकई वो तारीफ़ के काबिल है। 10यों बार फारीक हुई लेकिन जोश कम नहीं हुआ।
जब @Daskywife को देखा तो मुझे अंदाज़ा हो गया था की अभी इसकी मुनिया भी कच्ची कली की जैसी कसी हुई होगी और ये म���का अपने हाथ से जानें कैसे देता। जैसे ही मेने उसका कोमल जिस्म अपने ��ाथों से छुआ वो ऐसे पिघल गई जेसे भट्टी में बर्फ़। मैने इस कली को गुलदस्ता बनाने में ज़रा भी देर नहीं की