डॉ भगवान का दूसरा रूप होता हैं,
इस कहावत को शत प्रतिशत सत्य साबित करने का श्रेय
बड़े भैया @drpandeyanil जी को जाता हैं,
मैं कभी नहीं भूल सकता बिना राजनीति ,बिना किसी स्वार्थ बड़े भैया कोरोना के समय खुद को खतरे में डाल कर दुनिया की मदद करते रहे और लाखों रुपया बिना सोचे समझे दुनिया के दवाई एवं अन्य मदद के जरिए
दान ही समझना चाहिए खर्च दिए
आज आपका जन्मदिन है, मेरी तरफ से आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं 🎂 🎂 🎉 🥳
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको सदैव स्वस्थ रखें एवं दीर्घायु करें 🙏🏻
डॉ भगवान का दूसरा रूप होता हैं,
इस कहावत को शत प्रतिशत सत्य साबित करने का श्रेय
बड़े भैया @drpandeyanil जी को जाता हैं,
मैं कभी नहीं भूल सकता बिना राजनीति ,बिना किसी स्वार्थ बड़े भैया कोरोना के समय खुद को खतरे में डाल कर दुनिया की मदद करते रहे और लाखों रुपया बिना सोचे समझे दुनिया के दवाई एवं अन्य मदद के जरिए
दान ही समझना चाहिए खर्च दिए
आज आपका जन्मदिन है, मेरी तरफ से आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं 🎂 🎂 🎉 🥳
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको सदैव स्वस्थ रखें एवं दीर्घायु करें 🙏🏻
What makes the #NaviMumbaiAirport special isn’t just its scale — it’s the thinking behind it.
Every part of the airport has been designed to reduce stress — how you move, where you wait, what you read, and how easily you find your way.
For first-time flyers, digital boards will show destination names in the local language of the city you’re flying to.
No guessing. No confusion. No panic.
From December 25, this won’t just be a new airport.
It will be an airport that actually understands its passengers.
Pausha Amavasya No Moon, Deep Reset.🪷🏹🪷
🐦🔥A night without reflection On Pausha Amavasya, the Moon withdraws completely. The sky offers no light, inviting awareness to turn inward.
🪷A pause for remembrance
🐦🔥This is a night for ritual and quiet honoring.
🔹To remember ancestors.
🔹To release what has completed its cycle.
🔹To sit in stillness before setting new intentions.
🪷A quiet reset
🐦🔥The absence of the Moon marks a gentle reset, where endings are acknowledged and the next beginning is prepared in silence.
🐦🔥Dec 19 or Dec 20, 2025 based on your location.
जाते-जाते यह वर्ष
कुछ मुस्कान दे गया
और कुछ ख़ामोशियाँ
सीने में उतार ले गया।
कभी जीत की चमक
कभी हार का सन्नाटा
कुछ अच्छी यादें
तो कुछ टूटा सपना
खट्टी-मीठी यादों संग
वक़्त आगे बढ़ा,
जो मिला,अनुभव नया
जो छूटा,सबक बना।
यह साल भी
ज़िंदगी की किताब में
एक पन्ना बन रह गया।
#kavita250
कुछ तो खास होता है ना , इस दिसम्बर में
आखिरी महीना परन्तु पूरे साल की खुशियों या दुःखों का भार लिए हुए ..
ना जाने कितनी स्मृतियां औऱ विस्मृतिया
चलचित्र की भांति , मानस पटल पर चलती रहती है ,,जहाँ अलग अलग भावों का समावेश होता है .....❤️✍️
#मेरे_लफ़्ज़#मणिकर्णिका#शुभसाँझ#बज़्म
तेल पर निर्भरता घटी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत।
परफेक्ट प्लान @nitin_gadkari जी का
सस्टेनेबल विकास की दिशा में बड़ा कदम,
जिससे देश की प्रगति को नई रफ़्तार मिली।
ये कोई आम एयरपोर्ट नहीं है, ये गुवाहाटी का लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
ये आने वाले 5 सालों में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की तस्वीर बदलने वाला है।
#AdaniGroup ने इसे सिर्फ एक रनवे या टर्मिनल की तरह नहीं देखा, बल्कि नॉर्थ-ईस्ट इंडिया को साउथ-ईस्ट एशिया से जोड़ने वाले एक बड़े एविएशन हब के रूप में डेवलप किया है।
फाइनेंसियल ईयर 2024–25 में 6.5 मिलियन पैसेंजर का आंकड़ा पार करना और अब 13.1 मिलियन पैसेंजर क्षमता वाला नया टर्मिनल तैयार करना दिखाता है कि प्लानिंग कितनी दूरदर्शी है। 5,000 करोड़ रुपये का निवेश, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये सिर्फ एमआरओ फैसिलिटी के लिए हैं, इसका मतलब है रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्रियल ग्रोथ।
आने वाले समय में इंटरनेशनल और डोमेस्टिक कार्गो, एमआरओ एक्सपैंशन और बेहतर कनेक्टिविटी असम को ट्रेड, टूरिज्म और इंडस्ट्री का बड़ा सेंटर बनाएगी। ये है #Adani का विजन, इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा, जो पूरे रीजन को आगे ले जाए।
या काली कालिका क्रीडा कालरूपा निरञ्जना।
सर्वशक्तिमयी देवी नमामि परमेश्वरी॥
🙏🌹🙏❤️🙏
As countless flames rise in devotion....
Maa kali; reveals herself as the power that destroys fear and births awakening.
#जय_माँ_काली#शुभ_संध्या#EveningVibes
ये कोई सिंगापुर, दुबई या अमेरिका का एयरपोर्ट नहीं है। ये असम के गुवाहाटी में बना लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट है और यही वो फर्क है जो @AdaniOnline बनाता है। नॉर्थ-ईस्ट को सालों तक नजरअंदाज किया गया, लेकिन आज यही इलाका देश का अगला एविएशन और इकॉनमिक हब बन रहा है। 1/10
यह मान्यता है कि मृत्यु के बाद स्मृति में उनकी पसंद की वस्तुएँ दान देने से उन्हें आत्मिक सुख और शांति मिलती है।
यह विश्वास सत्य है या नहीं,यह कहना कठिन है, किंतु बचपन से इस परंपरा को निभाते और होते हुए देखती आ रही हूँ।
शायद यह दान से अधिक प्रेम,स्मृति और जुड़ाव की अभिव्यक्ति है😊