@sanjaygupta1304 Sir , I request thoda positive bhi bol diya kare, har paristhiti mein 13% post hold rahenge yeh bolna jaruri nahi hai. Decision jo bhi rahe abhi kisi ko pta nahi, kam se kam aap students ko demotivate toh mat kijiye. Aap toh journalist hain aisi koi baat karo jisse result aa sake
एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर दबाव बनाने और उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ़ है। हालात इतने चिंताजनक रहे कि माननीय उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप कर यह स्पष्ट करना पड़ा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। यह पूरी घटना भाजपा सरकार और प्रशासन के दमनकारी रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दिसंबर 2024 में अभ्यर्थियों से जो वादे किए गए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। करीब 90 प्रतिशत माँगें अब भी लंबित हैं। मैं स्वयं उस समय अभ्यर्थियों के धरना-प्रदर्शन में छात्रों से संवाद करने पहुँचा था और उनकी माँगें समझी थीं इस भरोसे के साथ कि सरकार समाधान निकालेगी, लेकिन एक वर्ष बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। यह युवाओं के साथ किया गया सीधा अन्याय और विश्वासघात है।
भाजपा सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की माँगों को गंभीरता से संज्ञान में ले और केवल आश्वासनों के बजाय तुरंत कोई ठोस निर्णय ले। अहंकार छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाया जाए और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। युवाओं के भविष्य की कीमत पर किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जा सकती।
कांग्रेस पार्टी इस पूरे मुद्दे पर अभ्यर्थियों की हर जायज़ माँग के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
.
.
.
@DrMohanYadav51@Indersinghsjp
सड़क पर नौजवान रात रात भर बैठे हैं.
रोजी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.
पर ये सब चीज़ें मुद्दा ना बन पाएं, सरकारें इसकी पूरी कोशिश में हैं. पर ये बात आप समझ पाएं. तब ना.
#MPPSC_PROTEST
सीने में आग हो तो इरादे खुद बोलते हैं।
आयोग चलो आयोग चलो
MPPSC आयोग के सामने धरने पर बैठे अभ्यर्थियों की मांगें बहुत ही जायज़ हैं
1 87/13 जैसे विसंगतियों को दूर करो.
2 इंटरव्यू 100 अंकों का करो.
3 कम से 700 पद पर भर्ती करो.
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2.0 #MPPSC_PROTEST
मध्यप्रदेश सरकार का असली युवा-विरोधी चेहरा देखिए—
13 महीने पहले छात्रों से उनकी जायज़ मांगें पूरी करने का वादा करके धोखा दिया
आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई तो छात्रों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
अब जब कानून के दायरे में, अदालत की अनुमति से शांतिपूर्ण सत्याग्रह हो रहा है,
तो पुलिस के माध्यम से छात्रों को बैठने तक की जगह नहीं दी जा रही।
सवाल यह है—क्या सरकार को पढ़े-लिखे, जागरूक युवाओं की आवाज़ से डर लगने लगा है?
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2
#MPPSC_PROTEST
@TheNewspinch@Abhinav_Pan@Saurabh_Pinch न्यूज पिंच की टीम से निवेदन है कि एक अपनी टीम भेजे इंदौर यहां आज से MPPSC का महा आंदोलन हो रहा है जिसको कवर करने आए ।