सरकार ने चोरी–छिपे 2017 में संशोधन करके पुराने शिक्षकों पर 7 वर्ष बाद धोखा करते हुए टीईटी लागू किया है, जो कि सरासर ग़लत है।
हम शिक्षकों की यही माँग है कि आरटीई एक्ट की धारा 23(2) के प्रोवाइज़ो में पुनः संशोधन किया जाए और शिक्षकों को तनावमुक्त किया जाए।
#काला_कानून_वापस_लो
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए हैं
जैसे हाईस्कूल बीटीसी,इण्टर बीटीसी,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी ,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी /बी एड इत्यादि
25- 30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता थोपने हेतु बनाया गया कोई भी कानून केवल काला कानून ही कहा जायेगा ।
23 अगस्त 2010 की एनसीटीई की गाइड लाइन में संशोधन देश भर के शिक्षकों के साथ छल कपट व धोखा है जिसे देश का शिक्षक सहन नहीं करेगा ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस अन्याय के विरुद्ध देश के शिक्षकों को सड़क पर उतरने हेतु मजबूर न किया जाये ।भारत सरकार इस काले कानून को वापस लेकर शिक्षकों के साथ न्याय करे ।
#काला_कानून_वापस_लो
Hey @WazirXIndia, no more excuses. 🚨
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It’s time to step up and do right by the people who went through hell waiting. ⏳
#WazirX
Just think about users, they are waiting.
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#JusticeForSchoolsChildren
असली राजा वही है जो एसी कमरों में बैठे अधिकारियों के फैसलों पर मोहर न लगाए।
बल्कि जमीन स्तर पर जाकर समस्याओं को समझ कर बेहतर किया जाए।
शिक्षा मूलभूत आवश्यकता है
उसे बढ़ावा देना चाहिए
न कि खतम किया जाना चाहिए
यूपी सरकार सरकारी स्कूलों के बंद करने के फ़ैसले वापस ले
#JusticeForSchoolsChildren
स्कूल बंद करना नौनिहालों को मौलिक अधिकार वंचित करके पशुवत् करने जैसा घोर घृणित निर्णय है
#Justiceforschoolschildren
सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी ।
प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरकार को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए ।
हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये ।
सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अनुरोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।