*🚨کچے کے ڈاکووں نے زبردستی سے پشاور سے تعلق رکھنے والی 11 سالہ بچی کا نکاح کیا ہے ۔💔 بے بس ماں کی آنکھوں میں غم کے آنسو دیکھیں، کیسے ہاں میں ہاں ملا رہی ہے۔ 😭💔😭....*
एक महिला सजा काटने के लिए जेल भेजी जाती है…
लेकिन अगर उसी जेल के भीतर उसकी इज्जत और सुरक्षा छिन जाए, तो सवाल सिर्फ अपराधी पर नहीं, पूरे सिस्टम पर उठता है।
सोचिए…
एक बंद महिला, जिसके पास बाहर निकलने का रास्ता नहीं, बचाव का साधन नहीं, आवाज सुनने वाला कोई नहीं…
और उसी दौरान वह गर्भवती हो जाती है।
यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि जेल व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है।
अगर जेल प्रशासन की निगरानी में किसी महिला के साथ ऐसा होता है, तो जिम्मेदार कौन है..?
कोई कैदी..?
कोई कर्मचारी..?
या वह व्यवस्था जिसने सुरक्षा का दावा तो किया, लेकिन सुरक्षा दे नहीं पाई।
जब सरकार किसी महिला को जेल भेजती है, तब उसकी जान, सम्मान और अधिकारों की जिम्मेदारी भी उसी सिस्टम की होती है।
लेकिन अगर सलाखों के पीछे ही महिलाएं असुरक्षित हों, तो यह सिर्फ कानून नहीं, इंसानियत पर भी सवाल है।
सबसे बड़ा दर्द उस मासूम बच्चे का है…
जो किसी अपराध की वजह से नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की वजह से जेल की दीवारों के बीच जन्म लेने को मजबूर होता है।
अब जरूरत है सिर्फ बहस की नहीं, बदलाव की...