A beautiful morning, beautiful weather, and a beautiful day to you
May اللہ fill your every morning with happiness, peace, and success.
May you always keep smiling and shining,
and may the fragrance of joy bloom in every moment of your life. 🌿💖
झारखंड के एक छोटे से गाँव नेतरहाट में एक बुद्धिमान और वृद्ध किसान रहता था।
उस किसान के पास एक सुंदर, ताकतवर और बेहद वफादार बैल था।
वह बैल खेती के काम में उसकी सबसे बड़ी मदद करता था। खेत जोतने से लेकर अनाज ढोने तक, किसान का हर काम उसी के सहारे चलता था।
एक दिन अचानक वह बैल कहीं खो गया।
किसान ने पूरे गांव और आसपास के जंगलों में बहुत खोजा, लेकिन बैल का कोई पता नहीं चला।
किसान की पत्नी बहुत दुखी हुई।
गाँव वाले भी आकर कहने लगे—
अरे काका, तुम्हारा कितना बड़ा दुर्भाग्य है।
एक ही बैल था, वह भी खो गया।
लेकिन किसान शांत रहा।
उसके चेहरे पर न चिंता थी, न अफसोस।
वह बस हल्का मुस्कुराया और बोला—
हो सकता है।
कुछ दिनों बाद वही बैल वापस लौट आया।
और उसके साथ दो जंगली बैल भी थे।
अब किसान के आँगन में तीन-तीन बैल खड़े थे।
पूरा गाँव यह देखकर हैरान रह गया।
लोग फिर किसान के पास आए और बोले—
काका, तुम्हारा तो भाग्य खुल गया।
खोया हुआ बैल भी लौट आया और साथ में दो और बैल भी ले आया।
किसान फिर मुस्कुराकर बोला—
हो सकता है।
दो दिन बाद किसान का इकलौता बेटा उन जंगली बैलों में से एक को काबू करने की कोशिश करने लगा।
लेकिन बैल अचानक उछला और लड़का नीचे गिर पड़ा।
उसका पैर बुरी तरह टूट गया।
यह सुनकर गाँव वाले फिर दुख जताने आए—
अरे काका, कितना बुरा हुआ
तुम्हारे बेटे का पैर टूट गया।
किसान ने शांत स्वर में वही जवाब दिया—
हो सकता है।
अगले ही दिन सेना के सिपाही गाँव में आए।
सीमा पर युद्ध शुरू हो गया था, इसलिए वे गाँव के सभी जवान लड़कों को सेना में भर्ती कर रहे थे।
लेकिन किसान के बेटे का टूटा पैर देखकर सिपाहियों ने उसे छोड़ दिया।
गाँव वाले फिर किसान के घर पहुँचे और बोले—
काका, तुम्हारा तो बड़ा सौभाग्य है
तुम्हारा बेटा युद्ध में जाने से बच गया।
किसान ने आसमान की ओर देखा, हल्की मुस्कान दी और बोला—
हो सकता है।
सीख
जीवन में जो आज बुरा लगता है, वही कल अच्छा साबित हो सकता है।
और जो आज अच्छा लगता है, वह आगे चलकर दुख का कारण भी बन सकता है।
इसलिए बुद्धिमान इंसान हर परिस्थिति में शांत रहता है।
वह न ज्यादा दुख में टूटता है, न ज्यादा खुशी में बहकता है।
السلام وعلیکم
صبحِ بخیر
آخری غزل
( راحت اندوری)
نٸے سفر کا جو اعلان بھی نہیں ہوتا
تو زندہ رہنے کا ارمان بھی نہیں ہوتا
تمام پھول وہی لوگ توڑ لیتے ہیں
وہ جن کے کمروں میں گلدان بھی نہیں ہوتا
خموشی اوڑھ کے سوٸی ہیں مسجدیں ساری
کسی کی موت کا اعلان بھی نہیں ہوتا
#اردو_زبان
सैफ अली खान ने अपने करियर की पहली फिल्म 'बेखुदी'(1993) की शूटिंग शुरू करने से पहले ही अक्टूबर 1991 में अमृता सिंह से शादी कर ली थी,
उस समय सैफ महज 21 के थे और उनकी पत्नी अमृता 33 साल की थीं जो तब फिल्मी दुनिया पर राज कर रही थीं,
सैफ अली खान को 'बेखुदी' से इंडस्ट्ऱी में लॉन्च किया जाना था लेकिन पहले शेड्यूल के बाद भी ये फिल्म उनके हाथ से निकल गई,
बताया जाता है कि इस फिल्म से निकाले जाने की वजह उनका अमृता सिंह से अफेयर रहा था।
अब हाल ही में न्यूज़ 18 से बातचीत में सैफ ने एक बार अपने पुराने वक्त को याद किया है। उन्होंने कहा,
'मुझे याद है कि एक सीनियर एक्टर, जो एक अलग पीढ़ी के थे उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं किसी को न बताऊं कि मेरी शादी हो चुकी है। मुझे समझ नहीं आया कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा,
उन्होंने ये भी कहा कि ये अब तक की सबसे अजीब सलाह थी,
उन्होंने बताया था ति एक फिल्मेकर ने उन्हें पुलिसवाले की भूमिका निभाने से मना किया था क्योंकि उनका मानना था कि इससे वे फनी लगेंगे,
वहीं सैफ का सबसे बड़ा डर यह था कि कहीं उनका मजाक न उड़ाया जाए। उन्होंने कहा,
'जब मैंने काम शुरू किया तो मेरी सबसे बड़ी इच्छा यही थी कि लोग मुझ पर हंसें नहीं,
मेरे निर्देशक ने एक बार मुझसे कहा था- लोग जूते मारेंगे और जब चंदन सिनेमाघर में फिल्म दिखाई जाएगी,
तो लोग मुझ पर हंसेंगे,
मुझसे नफरत करेंगे और फिर मुझे काम नहीं मिलेगा।'
Janhvi Kapoor's roles mark a transition from a glamorous,
eye-candy female lead in Devara: Part 1 to a grounded,
emotionally driven character in the rural sports-action drama Peddi.
🪳 “Cockroach Janta Party” आखिर है क्या?
जिसने 72 घंटे में लाखों लोग जोड़ लिए हैं ?
देश के CJI को देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच बोल कर बेइज्जती नहीं करनी चाहिए थी, युवा एकजुट हो गया है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों “Cockroach Janta Party (CJP)” नाम का एक satirical political movement तेजी से वायरल हो रहा है।
हालांकि यह कोई आधिकारिक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि X (Twitter) पर शुरू किया गया एक व्यंग्यात्मक अभियान है।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब भारत के Chief Justice of India के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
बयान में “cockroach” शब्द को बेरोजगार युवाओं से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद इंटरनेट पर memes और reactions की बाढ़ आ गई।
इसी के बाद AAP के पूर्व सोशल मीडिया कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने “Cockroach Janta Party” नाम से यह ऑनलाइन अभियान शुरू किया। देखते ही देखते यह हैंडल वायरल हो गया और हजारों लोग इससे जुड़ने लगे।
CJP का दावा है कि यह उन लोगों की आवाज़ है जिन्हें system ने “ignored” महसूस कराया है।
पार्टी का 5-point manifesto भी काफी चर्चा में है:
• महिलाओं को 50% आरक्षण
• Media neutrality
• Party switching पर सख्त कार्रवाई
• बेरोजगार युवाओं के मुद्दे
• आम लोगों की आवाज़ उठाना
इस पूरे ट्रेंड को और चर्चा तब मिली जब और जैसे नेताओं के नाम भी इससे जुड़ने लगे।
अब सोशल मीडिया पर लोग इसे सिर्फ meme नहीं, बल्कि युवाओं की नाराजगी और frustration का डिजिटल प्रतीक भी बता रहे हैं।
आप जुड़े इस। #cockroach पार्टी से ?
Hey @grok ye सही है क्या
एलन मस्क ने हाल ही में (9 अप्रैल, 2026) कैलिफोर्निया हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत और देरी की आलोचना करते हुए अपने हाइपरलूप (Hyperloop) विजन को फिर से चर्चा में लाया है।
मस्क का दावा है कि उनकी कंपनी, The Boring Company सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजिल्स तक एक हाइपरलूप सुरंग का निर्माण पारंपरिक रेल प्रणाली की तुलना में 5% से भी कम लागत में कर सकती है।
इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं यात्रा का समय सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजिल्स (लगभग 560-610 किमी) की दूरी मात्र 30 से 35 मिनट में पूरी करने का लक्ष्य है।
लागत तुलना- जहां कैलिफोर्निया के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत बढ़कर लगभग $126 बिलियन तक पहुंच गई है, वहीं मस्क का दावा है कि हाइपरलूप इसे इसके 5% से कम खर्च में बना सकता है।
तकनीक- यह सिस्टम वैक्यूम-सील्ड ट्यूबों के माध्यम से यात्री पॉड्स को लगभग 1,200 किमी/घंटा (ध्वनि की गति के करीब) की रफ़्तार से भेजेगा।
क्षमता- प्रत्येक पॉड में लगभग 23 से 28 यात्री सवार हो सकते हैं और पॉड्स के बीच मात्र 30 सेकंड का अंतराल हो सकता है।