#कल दिनांक 16 july को जयपुर के नजदीक साथी सुबह 7 बजे सिविल लाइन पहुचे।
स्थान- सीएम आवास, Jaipur
कल #सीएम साहब से मिलने का कार्यक्रम है!
इस बार आश्वासन नहीं जवाब कि उम्मीद से चलेंगे। भारी संख्याबल के बिना काम नहीं होगा।
#प्रतिहारित ऑर्डर में जिन #लैब_असिस्टेंट , #लाइब्रेरियन के नाम हैं और जिनको लगता है ट्रांसफर की प्रबल संभावना है वे लोग जरूर आए।आपने साथ संख्याबल होना चाहिए।
(अन्यथा परमानेंटली हम तृतीय श्रेणी अध्यापक के समान सेट हो जायेंगे और कभी ट्रांसफर खुलने पे भी नहीं होगा।)
@opchoudharyjaat@_livingfossil1@vermaG3637
टोयोटा ने मिश्रा जी को नोटिस भेज दिया था तो माफ़ी माँग रहा है की गलतो हो गयी
ये भी उड़ता तीर ले रहा है 🤣
अब Sourav Joshi को भी नोटिस आने वाला है
क्या लगता है आपको...??
Sourav Joshi vs Abhishek Malhan
दो बड़े YouTubers, लेकिन एथेनॉल पर दोनों की राय अलग है।
सौरव जोशी ने नितिन गडकरी की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी कार का माइलेज 17 km/l से घटकर 5 km/l रह गया और एथेनॉल की वजह से गाड़ी पर भी असर पड़ रहा है।
वहीं, अभिषेक मल्हान का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कारों के लिए फायदेमंद है। उनके मुताबिक इससे पर्यावरण बेहतर होगा और किसानों को भी लाभ मिलेगा।
मेरे हिसाब से दोनों अपनी-अपनी जगह सही बात कर रहे हैं। लेकिन अभिषेक मल्हान जी, ज़रा एक बात पर भी सोचिए।
जो करोड़ों लोग 2023 से पहले अपनी गाड़ियां खरीद चुके हैं, उनका क्या? अगर नई फ्यूल नीति लागू करनी थी, तो पुरानी गाड़ियों के लिए भी कोई ठोस समाधान या विकल्प होना चाहिए था।
अगर किसी वाहन में एथेनॉल की वजह से माइलेज कम हो रहा है या तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, तो उसके लिए जिम्मेदारी कौन लेगा?
और सबसे बड़ा सवाल—अगर बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल आसानी से उपलब्ध ही नहीं होगा, तो जिन लोगों की गाड़ियों पर इसका असर पड़ रहा है, उनके पास विकल्प क्या है?
नीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें नए वाहनों के साथ-साथ पुराने वाहन मालिकों की भी चिंता की जाए।
@madandilawar मंत्री महोदय जी आपसे निवेदन है गरीब प्रयोगशाला सहायकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी करने की अनुमति प्रदान करावे। शिक्षा विभाग का सबसे छोटा कैडर है।
Mggs सेकंड राउंड में भी वंचित रखना गया।
@RajCMO@BhajanlalBjp
@madandilawar मंत्री महोदय जी आपसे निवेदन है गरीब प्रयोगशाला सहायकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी करने की अनुमति प्रदान करावे। शिक्षा विभाग का सबसे छोटा कैडर है।
Mggs सेकंड राउंड में भी वंचित रखना गया।