My heartfelt thanks to the Leader of Opposition in Lok Sabha, Thiru @RahulGandhi ji, for gracing my swearing-in ceremony with his presence. Your support and kind wishes are truly appreciated as we embark on this journey to serve the people.
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
Tamil Nadu has chosen.
A new generation. A new voice. A new imagination.
My good wishes to Thiru Vijay - may he fulfil the hopes of the people of Tamil Nadu.
मथुरा में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर एक हिंदू पुजारी ने बलात्कार किया। वह सड़कों पर रोते हुए उस पुजारी पर आरोप लगा रही है, जबकि पुलिस खड़ी होकर देखती रही।
उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के ग्राम बंधवा मजरे रेसी में जातंकवादी द्वारा जानवर चराने गए दलित युवक चन्द्रशेखर सरोज से बेवजह गला दबाकर बेरहमी से मारपीट करने और इतना ही नहीं, उसी रात करीब 1:40 बजे पीड़ित परिवार के घर में आग लगाने, जिससे उनका छप्पर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है।
जातंकवादी के हौसले इतने बुलंद थे कि नशे की हालत में आए दिन जान से मारने की धमकी देता था।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह घटना केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आपके राज में समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि-आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, आगजनी से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP
भाजपा के पूर्व सांसद ने कम्बल वितरण करके एक गरीब महिला से धर्म पूछा फिर कंबल वापस लिया...
आज टोंक जिले के निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में पूर्व टोंक सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया पहुंचे थे जहां उन्होंने कंबल वितरण के दौरान मुस्लिम महिला को बेइज्जत किया, पहले कंबल वितरण करके फिर वापिस ले लिया गया l
ग्रामीणों ने सांसद साहब की इस कार्यशैली का विरोध किया तो उन्होंने धमकी तक दे डाली, ग्रामीणों ने इस भेदभाव पर कड़ा ऐतराज जताया, एक जनप्रतिनिधि जो सांसद जैसे पद पर विराजमान रहा हो वो इस तरह की हरकत करें ये बिल्कुल निंदनीय है।
“जब शासन सो जाता है, तब अपराधी खुलकर मुस्कुराता है।”
राजस्थान में कानून व्यवस्था का हाल देखिए…
बाड़मेर जिले के बीजराड़ थाना क्षेत्र में 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने पहुंचे एक छात्र का दिनदहाड़े बोलेरो में आए बदमाशों ने परीक्षा केंद्र से ही अपहरण कर लिया।
उसे सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से पीटा और अधमरी हालत में सड़क किनारे फेंक दिया।
जिस उम्र में बच्चे भविष्य की परीक्षा देने जाते हैं, उस उम्र में उन्हें जिंदगी की जंग लड़नी पड़ रही है।
सरकार बताये — क्या अब परीक्षा केंद्र भी सुरक्षित नहीं रहे?
क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं?
सरकार और प्रशासन से माँग है कि जनता को सुरक्षा के दावे नहीं, अपराधियों पर ठोस कार्रवाई चाहिए।
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@BarmerDm@BarmerPcr
#NirmalChoudhary
“तुम चमार हो… तुम सिर्फ टॉयलेट में पानी भरने लायक हो!”
यूपी के अलीगढ़ के एक सरकारी विद्यालय में दलित छात्रा से शौचालय साफ करवाने का दबाव बनाया गया, मना करने पर उसकी पिटाई की गई। यह केवल एक बच्ची का अपमान नहीं, संविधान और मानवता पर हमला है।
दोषी शिक्षक पर तत्काल SC/ST Act के तहत कार्रवाई हो। स्कूल भेदभाव का अड्डा नहीं बन सकता।
भाई रोहित वेमुला की शहादत को शत-शत नमन। उनका सुसाइड नोट सिर्फ एक पत्र नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ रहे लाखों युवाओं की आवाज़ है।
आपकी शहादत ने हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी। आप सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।
भारत में गहराई से जड़ जमाए जातिवाद, सामंतवादी व्यवस्था के खिलाफ बेखौफ आवाज़ बुलंद करने वाले क्रांतिकारी छात्र नेता #रोहित_वेमुला के शहादत दिवस पर उन्हें कोटि–कोटि श्रद्धांजलि।
रोहित वेमुला सिर्फ़ एक नाम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा के लिए चल रहे संघर्ष की अमर प्रतीक हैं। उनकी कुर्बानी हमें याद दिलाती है कि शिक्षा के मंदिरों में भी व्याप्त भेदभाव के खिलाफ लड़ाई अभी अधूरी है। हम रोहित के सपनों को ज़िंदा रखेंगे और अन्याय के हर रूप के विरुद्ध संघर्ष जारी रखेंगे।
#रोहित_वेमुला_शहादत_दिवस
#JusticeForRohithVemula
आज रोहित वेमुला को गए 10 साल हो गए। लेकिन रोहित का सवाल आज भी हमारे सीने में धड़क रहा है: क्या इस देश में सपने देखने का हक़ सबको बराबर है?
रोहित पढ़ना चाहता था, लिखना चाहता था। विज्ञान, समाज और इंसानियत को समझकर इस मुल्क को बेहतर बनाना चाहता था। लेकिन इस व्यवस्था को एक दलित का आगे बढ़ना मंज़ूर नहीं था।
संस्थागत जातिवाद, सामाजिक बहिष्कार, रोज़-रोज़ की बेइज़्ज़ती, “औक़ात” दिखाने वाली भाषा और अमानवीय व्यवहार - यही वह ज़हर था जिसने एक होनहार युवा को उस मुक़ाम तक धकेल दिया जहाँ उसकी गरिमा छीन ली गई और उसे अकेला कर दिया गया।
और आज? दलित युवाओं की हक़ीक़त क्या बदली है? कैंपस में वही तिरस्कार, हॉस्टल में वही अलगाव, क्लास में वही कमतर समझना, फिर वही हिंसा - और कभी-कभी वही मौत। क्योंकि जाति आज भी इस देश का सबसे बड़ा एडमिशन फ़ॉर्म है।
इसीलिए रोहित वेमुला एक्ट कोई नारा नहीं, एक ज़रूरत है। ताकि शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव अपराध बने, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो, और किसी भी छात्र को उसकी जाति के नाम पर तोड़ने, चुप कराने और बाहर करने की छूट खत्म हो।
यह लड़ाई सिर्फ संसद की नहीं है। यह लड़ाई कैंपस की है, युवाओं की है, हमारी है।
दलित युवाओं - आवाज़ उठाओ, संगठन बनाओ, एक-दूसरे के साथ खड़े रहो। मांग करो: रोहित वेमुला एक्ट अभी लागू करो।
एंटी-डिस्क्रिमिनेशन क़ानून अभी चाहिए।
कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकारें इस कानून को जल्द से जल्द लागू करने की प्रक्रिया में हैं।
हम एक ऐसा भारत चाहते हैं जो न्यायपूर्ण, मानवीय और समान हो - जहाँ किसी दलित छात्र को अपने सपनों की कीमत अपनी जान से न चुकानी पड़े।
रोहित, तुम्हारी लड़ाई हमारी ज़िम्मेदारी है।
भाजपा सरकार द्वारा कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में विभिन्न समाजों, विशेषकर पिछड़े वर्गों (OBC) और दलित समुदायों को छात्रावास निर्माण हेतु आवंटित जमीनों को रद्द करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संकुचित मानसिकता का परिचायक है।
हमारी सरकार ने यह आवंटन इसलिए किए थे ताकि गांव-ढाणी से आने वाले गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चे शहरों में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
शहरों में छात्रावास न होने के कारण इन समाजों के होनहार परन्तु आर्थिक रूप से कमजोर पृष्टभूमि के विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं।
सरकारें तो बदलती रहती हैं परन्तु सत्ता का अहंकार इतना नहीं होना चाहिए कि आप राजनीतिक द्वेष के चलते युवाओं के भविष्य और सामाजिक उत्थान के कार्यों पर ही प्रहार करने लगें।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से आग्रह करता हूँ कि इन जनहितकारी आवंटनों को तुरंत बहाल करें ताकि सामाजिक न्याय की अवधारणा प्रभावित न हो।
@RajCMO
सभी राजस्थानवासियों के हक़ और अधिकारों की रक्षा करना, हर अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ उठाना ही प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरा पहला धर्म है।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में इन दो वर्षों में आपने मुझ पर जो अटूट भरोसा, विश्वास, स्नेह और अपार समर्थन दिया है, उसके लिए मैं दिल की गहराइयों से आपका आभार व्यक्त करता हूँ। यह मोहब्बत और विश्वास हमेशा बनाएं रखना l
मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि सड़क से लेकर सदन तक आपकी हर आवाज़ को पूरी मजबूती से बुलंद करता रहूँगा। लोकतंत्र की रक्षा और हर एक राजस्थानवासी के सम्मान व अधिकारों के लिए मैं हमेशा ढाल बनकर लडूंगा, यह वादा नहीं, यह मेरा आपसे वचन है l
आपका
टीकाराम जूली
#2YearsAsLeaderOfOpposition #2YearsAsLOP #TRJ #TikaramJully #Rajasthan
जब रेप दोषियों को राहत मिलती है,तो डर सिर्फ एक परिवार में नहीं पूरे समाज में फैलता है।आज पीड़िता सड़कों पर है —और सवाल सिस्टम से है।
#JusticeForUnnaoVictim
मैं अरावली पर्वत माला हूँ…
मैं हज़ारों वर्षों से इस धरती की साँसों की रखवाली कर रही हूँ।
मैंने नदियों को जन्म दिया, जंगलों को पाला, रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोका।
आज विकास के नाम पर मेरे पत्थर तोड़े जा रहे हैं, मेरी गोद उजाड़ी जा रही है।
मैं सिर्फ़ चट्टानों का ढेर नहीं हूँ, मैं आपकी जल सुरक्षा हूँ, आपकी हवा हूँ, आपकी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हूँ।
अगर मैं टूट गई, तो समझ लेना आपका कल भी बिखर जाएगा।
मुझे बचा लो…क्योंकि अरावली बचेगी, तभी भारत बचेगा।