मुझे लगता है कि अब इस विवाद को यहीं रुक जाना चाहिए।
बड़ा दिल रखकर माफ़ कर देना भी एक अच्छी बात होती है। बाकी कुछ चीज़ें हमेशा भगवान पर छोड़ देनी चाहिए। वही सबका हिसाब करता है, और घमंड भी वही सही समय पर तोड़ता है।
हर लड़ाई का जवाब लड़ाई नहीं होता। कई बार शांत रह जाना ही जीत होती है। @mathsmast
ये दीदी बारहवीं कक्षा की छात्रा है, NEET और CBSE के फुल फॉर्म तक बता नहीं सकी। इनका सत्य इतना क्रांतिकारी है कि ज़िंदा इंसान की ही तेरहवीं करवा दी, समोसा खिला कर!
ऊपर यमराज भी अपनी एक्सेल शीट चेक कर रहे होंगे। पता नहीं ये लोग अंबेडकर की कौन सी किताब फॉलो कर रहे हैं, जिसमें ये सब लिखा है।
पटना में हाल ही में एक राष्ट्रवादी संगठन की शिक्षा से संबद्ध सारी संस्थाओं के लोगों के साथ एक बैठक संपन्न हुई। मोहन जी (भागवत नहीं) नामक व्यक्ति की उपस्थिति में। क्षेत्र का दायित्व है उन पर। वहाँ उनके विद्यार्थी संगठन को ले कर वहाँ एक टिप्पणी की गई:
"हमारे विद्यार्थी परिषद वाले हिजड़े हो गए हैं, कोई आंदोलन क्यों नहीं करते?"
एक कोई चौहान जी थे, उन्होंने समझाया कि अपनी ही सरकार के विरोध में आंदोलन कैसे करेंगे? और वैसे भी अपने लोगों को सरकार में ही तो सेट करना है। तब परिषद का एक छात्र उग्र हो गया और बोलने लगा कि यह क्या बकवास है, लोग उनसे पूछते हैं कि वो चुप क्यों हैं, क्या बोलें उन्हें?
उसको समझाया गया कि अब हमारा कार्य संगठन पर काम करने का है, विरोध आदि का नहीं। आंदोलन मत कीजिए। अपने लोग लंबे समय तक तरसते रहे हैं सत्ता में पहुँचने के लिए, अभी भी आंदोलन करोगे, तो कैसे काम चलेगा।
राम मंदिर पर कहा गया है कि चुप रहें, इस पर कोई भी चर्चा नहीं होनी चाहिए। संगठन की अंतिम पीढ़ी के लोग अपने सामने यह सब होता देख आँख बंद कर के मर जाना चाहते हैं और कह रहे हैं कि संगठन ने सत्ता के सामने पूर्ण समर्पण कर दिया है।
समाचार समाप्त हुए।
ये लुटेरे जिहादी कॉकरोच बचने नहीं चाहिए 🖐️
Repost करो..
जिससे दिल्ली के कैमरे उखाड़ने वाले ये दरिंदे पकड़े जा सकें ✍️
@DelhiPolice please Look into This..
इस लेवड़ी के
गाल को "लाल"
करने वाली मेरी बहन को
11000 रु का नगद पुरस्कार दिया जायेगा 🔥
Note - ऑफर सिर्फ बहनों के लिए है कृपया
भाई इसे करने का जोखिम ना उठायें✍️
वो झुका था शाहीन बाग में, तब मरे थे तिरपन
किसान आंदोलन में फिर झुका, छाती थी छप्पन
फर्जी आंदोलन के नल्लों ने लाया घुटनों पर इस बार
अबकी बार मोदी सरकार, अबकी बार मोदी सरकार
नड्डा हाथ मिलाने को इतना आतुर क्यों थे? ये कोई क्रेडिट लेने की बात है? फिर याद आता है कि चापलूसों को भर रखा है भाजपा ने पार्टी में ऊपर से ले कर नीचे तक, तो जो जितना इन्हें पेलेगा वो उतना यही कहेंगे:
पीड़ा में आनंद जिसे हो, आए मेरी मधुशाला
संघ और भाजपा के चाटुकारों को यह बकचोदी तुरंत बंद कर देनी चाहिए कि अब पंजाब और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों का त्यागपत्र लेना चाहिए। मुझे यह बताओ कि ABVP वाले UGC के समय से जो निठल्लों की तरह सो रहे हैं, उनका गठन किस हेतु हुआ था?
इनके छात्र संगठन (और इनके स्वयं में भी) जुड़ने वाले लोगों का केवल एक ही उद्देश्य रह गया है: किसी तरह से राजनीति में घुस जाना। इनका ना तो कोई चरित्र है, ना विचारधारा है, ना आत्मसम्मान है।
ऊपर से नीचे तक ऐसे रीढ़हीन लोग भर चुके हैं कि किसी को कोर वोटर्स या कोर विषयों की कोई चिंता नहीं है, वो केवल मोदी के नाम की नाव पार उतर जाना चाहते हैं। इनके एक भी आनुषंगिक संगठन या राजनैतिक पदस्थापन से बैठे VC अथवा अध्यक्षों ने एक लेख तक नहीं लिखा इस पूरे विषय पर।
अभी भी जो IT सेलिया मोदी-शाह की राजनीति और चुनाव जीतने की क्षमता के गीत गा रहे हैं ना, उनको बता रहा हूँ, तुम्हें UGC की गर्मी अभी तक झेलनी नहीं पड़ी है। उत्तर प्रदेश का चुनाव आ रहा है, और यही अकड़ बनी रही तो तुम्हें 223 सीटें आ जाएँ, वह भी बहुत होंगी।
मैं मोदी को राजनीति नहीं सिखा रहा, क्योंकि मैं एक पत्रकार हूँ। मोदी को राजनीति परिस्थितियाँ सिखा रही हैं, वह भी सीधे चेहरे पर तमाचा मार कर और थूक को चटवा कर।
मेरे शब्द कठोर नहीं हैं, सत्ता की चर्बी संघ और भाजपा के हर नेता और चाटुकार समर्थकों की आँखों पर चढ़ी हुई है। उसका निराकरण इस तरह के लुच्चों द्वारा झुकवा कर होते देखना प्रसन्न भी करता है कि तुम यही डिज़र्व करते हो, और दुखी भी कि क्या इस देश में नल्ले, अनपढ़ लोग शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र लिवा लेंगे!
IT सेलिए बहुत अच्छे चुटकुले लिख रहे हैं। एक को देख कर लगा कि वही चुटिया सलाहकार होगा जो ऐसे निर्णय लिवाता है। एक को तो IB, CBI, CID और CIA घर में रिपोर्ट करती है।
मुझे यह समझ में नहीं आ रहा कि यदि प्रधान से त्यागपत्र लेना ही था, तो मोदी को रील वाली बकलोली क्यों करवायी?
कब तक इसके पीछे छुपोगे कि 'देशहित में लिया निर्णय'? देशहित के निर्णय पुलिस का मनोबल तोड़ कर नहीं लिया जाता। देशहित के निर्णय में लाल क़िले पर खालिस्तानी झंडा नहीं होता। देशहित में सत्ता का ईगो आड़े नहीं आता। सत्ताधीश के ईगो और राजनीति से प्रेरित अनुपस्थित कार्रवाइयों ने इस राष्ट्र की बहुत क्षति कर दी है।
जिसका खून खोल रहा हो केवल वही रिपोस्ट करे ।
क्या आपने इसीलिये मोदी सरकार को वोट किया था कि हिंदू लड़कियों की इज्ज़त सरे आम जिहादियों द्वारा उछाली जाएगी।
Hello @DelhiPolice@HMOIndia@PMOIndia@narendramodi
नाम - समीर
काम - हिंदू लड़कियों का AI के माध्यम से अश्लील तस्वीरें बनाकर बदनाम करना
महोदय , तात्काल संज्ञान लीजिए। आंदोलन के नाम पर हिंदू लड़कियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके घर बुलडोजर ओर इसकी लंगड़ाते हुए वीडियो जारी कीजिए। @Ridhu417Sharma
@Ashutoshas90461@Nirdosh1471263@AshwiniVaishnaw टिकट लेने वाला तो अनपढ़ नासमझ हो सकता है लेकिन काउंटर पर बैठने वाला कर्मचारी बाबू बुद्धिमान होना चाहिए,लेकिन सब साले मूर्खता मे कंपटीशन करके शायद आरक्षण मे नौकरी प्राप्त करके काउंटर पर बैठ जाते है😂जब एक्सप्रेस ट्रेन नही है तो टिकट देने के पहले बताना चाहिए इस तरह की समस्या न हो🤫
बरेली रेलवे स्टेशन जंक्शन पर महिला आरक्षित टिकट खिड़की पर तैनात महिला कर्मी द्वारा यात्रियों के साथ अत्यधिक अभद्रता, गाली-गलौज और टिकट वापस करने जैसी शर्मनाक हरकत की गई है। यात्रियों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
रेलवे प्रशासन (@AshwiniVaishnaw@RailwaySeva@drmmb) से अनुरोध है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषी महिला कर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
@SonOfBharat7 इस धरने में ऐसे गंदे संस्कार वाले लोग इकट्ठा हुए , जंतर मंतर पे।
मेरी नजर में ये सब छात्र नहीं हो सकते।
भारत देश के सबसे प्रतिष्ठित पदपर सुशोभित माननीय प्रधानमंत्री जी को अभद्र, अपशब्द कहे हैं।
@Cyberdost@DelhiPolice@CMODelhi
इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए