@bstvlive@noidapolice@Uppolice@dmgbnagar नोएडा में गुंडे फिर से सिर उठा रहें हैं।ब्लैक फ़िल्म वाली गाड़ियां, बिना नंबर प्लेट के मोटरसाइकिल, कार एक्सप्रेस वे में देखी जा सकतीं हैं।
@singh31919 बर्बाद कर दिया सऊदी को ,कोई भी राजकुमार अभी तक दुनिया के किसी कोने को अपनी मेहनत और अनुभव के दम पर अपने देश को शान्ति सम्रद्धि नहीं दे पाया
@AK1179150452485@ChandanSharmaG मंदिरों में लूटपाट चोरी डकैती सदियों से चल रहीं है इसमें अब कुछ नया नहीं हुआ।बस अब बदनाम करने के लिये कुछ गांडू हिन्दू जरूर पैदा हो गये।
@Sheetal2242 बीमा कंपनियों और अस्पतालों का मिलजुलकर खेल खेला जाता है बीमा कंपनियां भी इन अस्पतालों को क्लेम का पैसा काट पीटकर देंते है और बीमा करवाने वाले से प्रीमियम फुल लेतें हैं।
प्रेम यादव ने दलित बच्ची से दुष्कर्म किया, उसकी माँ ने प्रेम यादव को निर्वस्त्र पकड़ा;
पर कोतवाली में यादव दरोगा ने भगा दिया, कहा तुम्हारा कुछ नहीं सुनेंगे, प्रेम यादव करोडपती हैं,
पीड़िता ने CM योगी जी UP पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है,
तत्काल निरस्त किया जाए ऐसे दरोगा को.!!
गोडसे के बयान को सुनकर कोर्ट में क्यों रोने लगे थे लोग?... गोडसे को फांसी की सज़ा सुनाने वाले जज ने क्यों कहा कि "फैसला अगर कोर्ट में मौजूद जनता के हाथ में होता, तो वो गोडसे को बाइज्जत बरी कर देती"...
लेखक - प्रखर श्रीवास्तव
पुस्तक - हे राम
प्रकाशक (हिंदी) - जनसभा
प्रकाशक (इंग्लिश) - रूपा पब्लिकेशन
@MrigendraSpeaks जिस आदमी ने अपने परिवार के किसी सदस्य का मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहते हुये कोई निजी काम नहीं किया उससे इन टीचर को भी उनके पास जाकर उनको शर्मिंदा नहीं करना चाहिए था।
मेडिकल सामान की कीमतों में लागत और MRP के बीच भारी अंतर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। महाराष्ट्र FDA के आयुक्त एवं IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे ने इस विषय को उठाते हुए आम आदमी और गरीब मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
महाराष्ट्र FDA के एक सर्वे में ₹6.75 की सिरिंज की MRP ₹57.20 और ₹11.05 के IV सेट की MRP ₹325 दर्ज की गई। कीमतों में इतना बड़ा अंतर कई गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर मेडिकल उपकरणों की कीमतें किस आधार पर तय होती हैं और मरीजों से वसूली जाने वाली कीमतों में कितनी पारदर्शिता है?
इलाज पहले ही आम परिवारों के लिए महंगा है। ऐसे में मेडिकल सामान की कीमतों में पारदर्शिता, उचित मूल्य निर्धारण और प्रभावी निगरानी जरूरी है, ताकि किसी मरीज की बीमारी उसके परिवार के लिए अनावश्यक आर्थिक संकट न बन जाए।
@Akhileshve11512@Shahnawazreport दो की जगह तीन बैठे थे बिना हेलमेट के थे मोटरसाइकिल वाले को रोड पर चलने का कोई अनुभव नहीं लग रहा ऐसे में गाड़ी वाले की कोई गलती नहीं थीं।लेकिन उसको टक्कर मारने के बाद रुकना चाहिए था पर उस जगह के हालातों को देखते हुये गाड़ी वाला नहीं रुका अच्छा किया।