सुनो सरकारी पैसों पर पलने वाले सरकार के नौकर यदि शरीर में रीढ़ की हड्डी हो और तुममें थोड़ी भी मर्दानगी हो तो जरा बाबरी विध्वंस के बाद भाजपा और संघ के बड़े नेताओं के बयान भी दिखाओ जो कन्नी काटने लगे थे.
सरकार किसी की भी हो उसका काम लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने का होता है लेकिन तुम क्या ही समझोगे, तुमसे तो पत्रकारिता भी नहीं होती.
@Radhika_Khera@narendramodi ये देश ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत के लिए डंका बजाया था क्या राधिका ??
वैसे पेट्रोल और LPG का दाम कितना कम होगा डंकापति के इस नए आवर्ड से?
@Radhika_Khera@AMISHDEVGAN चलो राहुल गांधी तो कम से कम माफी मांग लेता है अपनी गलतियों पर लेकिन इन लोगों का क्या जो देश की संसद से, भारतीय लोकतंत्र के मंदिर से देश को गुमराह कर रहे हैं?
राजनाथ सिंह और मोदी सरकार इस झूठ के लिए कब माफी मांगेंगे ?
ये कितने झूठे लोग हैं। संसद में पूरे देश के सामने झूठ बोला कि ऑपरेशन सिंदूर में एक भी जवान हताहत नहीं हुआ। अब तेरह महीने बाद बताया जा रहा है कि छह जवान शहीद हुए।
विपक्ष को अगले सत्र में राजनाथ सिंह के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का प्रस्ताव लाना चाहिए।
"सावरकर ने अंग्रेजों के सामने 10 दया याचिकाएं दायर की थीं, जबकि भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने समझौता करने से इनकार कर दिया था"
◆ पुणे कोर्ट में जिरह के दौरान सावरकर के प्रपौत्र सत्यकी सावरकर ने कहा
◆ राहुल गांधी के ख़िलाफ़ दायर आपराधिक मानहानि के मामले में सत्यकी सावरकर ने बयान दिया कि, "दया याचिकाओं का रिकॉर्ड सरकार के पास मौजूद है"
#Savarkar | #SatyakiSavarkar | #RahulGandhi | #PuneCourt
दोनों फैसलों में अंतर बताइये।
दोनों मामलों में आपत्ति एक ही थी कि फॉर्म 26 में पूरा एफिडेविट नहीं भरा गया है।
मध्य प्रदेश
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द करते हुए रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने कहा है:
प्रत्याशी ने फॉर्म 26 में अधूरा एफिडेविट भरा है। RO का कहना है कि ये यह मतदाताओं से उम्मीदवार के बारे में पूरी जानकारी छिपाने के समान है, और यह स्थापित हो चुका है कि पूर्ण जानकारी का खुलासा करने के बजाय अधूरी जानकारी प्रस्तुत की गई थी।
(नामांकन रद्द कर दिया गया)
झारखंड
बीजेपी समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी का नामांकन फॉर्म स्वीकार करते हुए RO ने कहा है:
फॉर्म 26 में दी गई जानकारी सही, या सिद्ध या पर्याप्त है, इसे धारा 35 के तहत तय नहीं किया जा सकता है। ये स्क्रूटिनी की सीमित जांच के दायरे से बाहर है। इस जांच में सिर्फ यह तय होना है कि एफिडेविट जमा किया गया है या नहीं।
परिमल नथवानी द्वारा एफिडेविट दाखिल किया जा चुका है। जानकारी सही है या पर्याप्त, इसकी जांच बाद में उपयुक्त कानूनी कार्यवाही में ही की जा सकती है। ये मुद्दे इस चरण में नामांकन पत्र को खारिज करने का आधार प्रदान नहीं करते। (नामांकन स्वीकार किया गया)
इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने से सच्चाई नहीं बदलती।
भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले भी वही थे। श्रीमती इंदिरा गांधी दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाली प्रधानमंत्री रहीं। अब भाजपा को यह साबित करने के लिए नया और हास्यास्पद वर्ग बनाना पड़ रहा है कि “स्वतंत्र भारत के आम चुनावों के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री” कौन है!
ज़रा देश को यह भी याद दिलाइए —
सरदार वल्लभभाई पटेल किसके मंत्रिमंडल में उपप्रधानमंत्री थे?
बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर किसके मंत्रिमंडल में कानून मंत्री थे?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तक किसके मंत्रिमंडल में मंत्री रहे थे?
12 वर्षों में मोदी सरकार ने केवल नारेबाज़ी के अलावा कुछ नहीं किया, और देश की जनता को महँगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के जाल में फँसा के रखा।
₹15 लाख, 2 करोड़ नौकरियाँ हर साल, किसानों की आय दोगुनी, 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, बुलेट ट्रेन 2023 तक, स्मार्ट सिटी, हर घर जल, नमामि गंगे, स्वच्छ भारत, पीएम किसान, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, मुद्रा लोन, आसान व्यापार, विदेशी निवेश, GST, नोटबंदी, अग्निपथ, आवास योजना, शिक्षा नीति, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, महंगाई नियंत्रण, बेरोज़गारी कम करना, MSME सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, कोविड प्रबंधन, प्रवासी मज़दूर संकट, सामाजिक सौहार्द, संघीय ढांचा, संस्थाओं की विश्वसनीयता, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और अवैध घुसपैठ — हर मोर्चे पर केवल प्रचार, विफलता और जनता के साथ विश्वासघात।
अब “उपलब्धियों” के नाम पर सिर्फ़ Event Management और Manufactured Narrative ही इस सरकार के पास बचा है।
वाय ही इज माई फेवरिट!!
तमाम चुनावी हार और सांगठनिक समस्याओं के बावजूद यह शख्स मेरा फेवरिट पोलटिशियन है।
लोग कहते है कि तुम्हे इसमे दिखता क्या है??
ओके, तो आज बताता हूँ, कि मुझे राहुल में क्या नजर आता है।
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गिनीज बुक वाले अगर चेक करें, तो पाएंगे, कि मानव इतिहास के 5000 साल मे, किसी का सबसे ज्यादा अपमान, लानत- मलामत की गई, तो वह शख्स राहुल है।
जबकि वे कोई हिटलर, चंगेज या ईदी अमीन नही। उसने कोई अमानवीय, अकरणीय काम नही किया।
कमी यही कि एक खास खानदान में जन्मे है। उन्हें हटाने, हिलाने, गिराने के लिए, एक वेल फंडेड, वेल कोर्डिंनेटेड, ऑर्गनाइज्ड कैम्पेन- बरसों बरस से जारी है। और भीतर की मजबूती देखिए..
बंदा हिलता नही।
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दुनिया मे कौन है जिसके पिता, माता, बहन, के साथ दादा, दादी, परनाना और लकड़नाना तक जाकर गालियां दी गयी।
पुरखो की गंदी कहानियां बनाई। और जवाब छठी पीढ़ी के बालक से मांगा???
अनप्रिसिडेंट इन ह्यूमन हिस्ट्री!!!
लेकिन यह शख्स हंसता रहता है। पलटकर जवाब नही दिया, तल्खी नही दिखाई। किसी के लिए मुंह से एब्यूज न निकाला, बदला नही चुकाया।
मोहब्बत की दुकान की बात करता है। गाली देने वालो को गले लगाता है। धोखा देने वालो को भी शुभकामनाएं देता है। ऐसे व्यक्ति से कोई नफरत कैसे कर सकता है?
मैं तो नही।
लेकिन कारण और भी है।
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आप इमरजेंसी को क्यो याद करते हैं, क्यो??
इसलिए कि राहुल डेमोक्रेटिक है।
अपनी मर्जी पर भी दूसरों की इच्छा चलने देते हैं। मित्रों की सुनते मानते हैं। सामने वाले की तानाशाही को जस्टिफाई करने के लिए यह कहना सम्भव नही कि- अरे, तुम खुद भी तो तानाशाह हो।
क्या करें? तो याद दिलाओ, इमरजेंसी..
"कि अरे, तुम नही तो क्या, तुम्हारी दादी तानाशाह थी"
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नेहरू की औरतों के साथ तस्वीरे लगाते हैं, क्यो?
क्योकि स्नूपिंग करने वाले, अपनी बीवी को छोड़, दूजी महिलाओं को गंदी निगाह से ताड़ने वाले नेता के बचाव में, आप ये नही कह सकते- कि राहुल, तुम भी तो चरित्रहीन हो!!
उसके दो दशक के राजनीतिक कॅरियर में चरित्रहीनता का लेशमात्र भी आरोप नही। अब अगर तुम चरित्रहीन नही- तो तुम्हारा परनाना तो था।
ये देख फेक फ़ोटो।
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1947 से लेकर बोफोर्स तक घोटालों की लम्बी सूची दिखाते है। क्यो??
इसलिए कि 2004 से लेकर केंद्र और राज्यो की तमाम सरकारों को एक फोन लगाकर, बड़े से बड़ा काम करवाने की हैसियत राहुल की थी-
एंड डोंट माइंड- 2014 के बाद भी है।
लेकिन ठेका, रुपया, कमीशन, आय से अधिक सम्पत्ति भ्रष्टाचार का चिन्दी भर भी आरोप राहुल पर नही। तब आप 1957 और 1987 के आरोप दोहराते हो- तू नही..
तेरा बाप तो करप्ट था।
अब अलग बात की वे केस भी हवाई निकले थे।
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आप 84 के दंगे याद करते हो-क्यो?
क्योकि UPA से लेकर अब तक MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, हिमाचल जैसी सरकारे दंगामुक्त रही। झारखंड महाराष्ट्र में उसकी समर्थंक सरकारों पर भी दाग नही।
याने दंगाई संस्कृति के लोग, राहुल की सरकारों पर दंगापरस्त होने का आरोप नही लगा सकते।
तो जा- तेरा बाप तो दंगापरस्त था।
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जो अवगुण राहुल में नही, वो पुरखो में खोजे जाते हैं। और पुरखो पर इतने सारे अवगुण थोपे गए है, शायद कोई अपकर्म शायद बचा न होगा।
रिट्रोस्पेक्ट मे आप मान लें, की हर वो मानवीय, या राजनीतिक अवगुण, जिस जिसकी कोई कल्पना कर सकता है- एक भी राहुल में नही मिला।।
इनफैक्ट, बार बार नेहरू, इंदिरा, राजीव, औरंगजेब, गजनवी, गौरी, पृथ्वीराज चौहान के गीत गाने का मतलब ही यही है..
कि सामने खड़े राहुल में कोई कमी, तो उनके चैलेंजर्स भी नही खोज पा रहे।
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वो भी तब, जबकि ये लोग 12 साल से दिन रात राहुल के इर्द गिर्द आईबी, रॉ और फूल छाप कांग्रेसी घुसाकर निगरानी रखते है। पेगागस लगाकर उसके फोन तक में घुसे रहते है-
उन्हें अगर 12 साल के बाद भी कोई चारित्रिक, भ्रष्टाचार, पैसे के लेनदेन या और कोई भी लूज पॉइंट नही मिल सका। तो मान लीजिये कि ऐसे शख्स के जोड़ का मनुष्य ..
इस धरती पर तो मौजूद नही।
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ऐसे में भारतीय राजनीति के राक्षसी जंगल मे..
गन्दे दांतो, लम्बी दाढ़ी, और टकले सर वाले तमाम रक्तपिपासु दैत्यों के बीच, यदि कोई एक श्वेतवर्णी मुनि दिखाई देता है-
तो वह राहुल है। एंड दैट इज वाय
ही इज माई फेवरिट!!
❤️
@BJP4CGState गजब अनपढ़ लोगों को बिठा रखा है भाई @BJP4CGState 😂😂
अरे गधों वो तो खुद कह ही रहे हैं कि वो श्रेय की राजनीति नहीं करते, तुम लोगों की आदत है न ये सब तो तुम लोग बोलो.
गजब विडंबना है! मानहानि का केस करने चले थे और खुद ही अदालत में सारे सच उगल दिए!
जब सावरकर के परिवार ने ही मान लिया कि 5 बार माफी मांगी गई थी और अंग्रेजों की मदद की गई थी, तो अब प्रोपेगेंडा मशीनरी क्या जवाब देगी?
@RahulGandhi जी की सत्य की राह ने आज BJP के झूठ के किले को ढहा दिया है!
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में सभी सुरक्षा कर्मी नंगे पैर चल रहे हैं लेकिन कलयुग के देवता जूते पहनकर घूम रहे हैं!
फिर प्रभु गंगाजी के घाट की तरफ गए और पता नहीं उन्हें क्या सूझा कि वो खाली पड़े घाट के पानी में शायद प्रतिबिम्ब को देखकर हाथ हिलाते हुए अभिवादन करने लगे🤔🙏