ये वो समय है जिसे लाने के लिये सदियों से प्रयास जारी थे, ये वो समय है जिसके लिये करोड़ों आंखों ने सपने देखे थे, ये वो समय है समय एक नहीं बल्कि समय बहुत बलवान है
बाल गंगाधर तिलक जी और दुष्ट-दलन को संकल्पित अपनी पवित्र पिस्तौल द्वारा ग़ुलामी की बेड़ियों के बज��ए मृत्यु का विकल्प चुनने वाले शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी के जन्मदिवस पर दोनों नर-सिंहों को सादर प्रणाम। 🙏🏻
'भार�� की फ़ज़ाओं को सदा याद रहूँगा
आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा"
@Ramkumarsen20@CollectorDamoh@PROJSDamoh इस तरह की बातें सुनकर तो मुझे बहुत ही शर्म और सबसे ज्यादा बत्तर दिन के आने की संभावना लगती है मैं भी प्राथना करता हूं प्रभु से