पत्रकार:- सच्चा संत कौन है...
आसाराम, राम-रहीम, रामपाल 😳
धीरेन्द्र शास्त्री:- भैया हम ही मिले थे फसाने को🤪
आपको लगता है ये तीनो सच्चे संत है
ऑडियंस:- नही
धीरेन्द्र शास्त्री:- तो फिर काहे जवाब ले रहे
ऐ भैया आगे बढाओ नही कुछ न कुछ निकल जाएगा 🤣
पत्रकार:- बेहतर विचार क्या...
महात्मा गाँधी, नाथूराम गोडसे
धीरेन्द्र शास्त्री:- महात्मा गाँधी 😳
अब आज इसे देखकर कुछ लोग कहेंगे हमारी विचारधारा अलग है तो हम गाँधी जी को मानते है बस
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बीते दोनो संत समाज से आने वाले दो गुरूओ/बाबाओ के विचार एकाएक मीडिया के सामने बदले नजर आए
पबले बाबा रामदेव ने सरकार और सिस्टम के खिलाफ बयानो से लोगो का ध्यान खींचा और अब धीरेन्द्र शास्त्री ने भी !!
सुना है युवाओं के आंदोलन पर भाजपा सरकार ने आनन-फ़ानन में अभी-अभी अचानक कोई ‘प्रेस कांफ्रेंस’ की है।
विभाग किस और मंत्री का, और जवाब किसी और मंत्री का। ये ही तथ्य बताता है कि भाजपा इस मसले को सुलझाने के लिए किस हद तक अगंभीर है और एक तरह से युवाओं का मज़ाक उड़ा रही है।
युवाओं ने इस तत्वहीन प्रेस कांफ्रेंस को ज़ीरो नंबर देकर फ़ेल करार दिया है।
आज फिर एक ऐसा ख्वाब आया
भरके गिलास में वो शराब लाया
मैं जो पूरा नशे में बहकने लगा जब
तब जाकर वो हाथों में वो खंजर लाया
नशा, महबूब ओर मौत सब थे
एक ही रात में वो सब मंजर लाया
जिस दिन उसने खेल शुरू किया उस दिन से तुम्हारा अंत शुरू हो जाएगा। समंदर की अपनी ताकत है जिसको कोई आंक नहीं सकता , वो जब चाहे शहर में अपना रास्ता बना सकता है। खुद में समंदर का डर रखना जरूरी है।
कभी कभी वैसा होता नहीं जैसा हम चाहते है
ये सोच कर समंदर में कूदे कि लहरें बहा ले जाएगी
और ये कहानी यही खत्म हो जाएगी। तुम तैरने कोशिश नहीं करते हो, किसी को कोई आवाज नहीं लगाते है।
मगर ये समंदर है सब जानता है वो तब तक तुमको खुद में नहीं समाएगा।
जब तक तुम बचने की कोशिश नहीं करोगे, हर बात उसकी लहरें तुम किनारे पर लाकर छोड़ देगी। जिस दिन तुमने बचने की कोशिश शुरू कर उस दिन तुम उसकी गहराई में डूब जाओगे । फिर कोई लहर नहीं आएगी तुमको जो तुमको किनारा दिखा दे। उसकी ताकत के साथ कभी खेल मत खेलो
पत्रकार: पवन सिंह कह रहे हैं वो सस्ता नसा करता है।
खेसारीलाल यादव : मै गरीब हु न यार मैं बीड़ी पीके जीवन चलाता हू 🤣 लेकिन लोगो का खून तो नहीं चूसता हु न 😂
लगता है सच में चारों को पागल बना के ही छोड़ेगा खेसारी😂
था जो दिल वो भी दे दिया उसको
अब मेरा कोई हथियार नहीं है
पहले था जिसमें सिक्के भी ठहर जाते थे
अब मेरे म्यान में कोई जुराब नहीं है
सोचता हु जाना ही तो है चले जाएंगे
अब मेरा कोई ख्वाब नहीं है
किसी दिन बेचा था मैने खुद को यहां
अब मेरा कोई बाजार नहीं है
अब मेरा कोई किरदार नहीं है
अब मेरा कोई हिस्सेदार नहीं है
अब अकेला ही निकलता हु घर से
अब मेरा कोई हमसफर नहीं है
अब वीरान है घर की चार दिवारी
अब मेरा कोई किरायेदार नहीं है
किसी दिन बेचा था मैने खुद को यहां
अब मेरा कोई बाजार नहीं है
A young couple from Solapur, Maharashtra, Akash Narayankar and Anjali Bhai Shinde, captured hearts with their adorable reels. But life took a tragic turn after marriage when Anjali met with an accident, which revealed a long hidden brain tumour. Though surgery saved her, she was left paralysed on the right side. Standing by her with unwavering love, Akash continues to make reels, keeping her passion alive and inspiring millions.
Deeply moved by their emotional journey, filmmaker Kumaar, known for Chemistry of Kariyappa and Critical Keertanegalu, brings their real life story to the screen with #LoveUMuddu, releasing on November 7th.