मैं विकेश नेगी को निजी तौर पर नहीं जानता.
देहरादून की पुलिस ने उन्हें छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया. पुलिस के अनुसार वो आदतन अपराधियों और शातिर किस्म के अपराधियों को जिला बदर करती है.
लेकिन सार्वजनिक रूप से विकेश नेगी के बारे में जो जानकारी उपलब्ध है, उसके अनुसार वो एडवोकेट हैं.
बीते कुछ अरसे से वे देहरादून में सरकारी जमीनें खुर्द-बुर्द किये जाने का खुलासा सूचना अधिकार कानून के जरिये कर रहे थे.
देहरादून के निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति के मामले का आरटीआई के जरिये खुलासा करने का दावा विकेश नेगी ने किया.
सैन्य धाम के निर्माण में घोटाले का खुलासा भी आरटीआई के जरिये विकेश नेगी ने किया.
इसलिए संदेह पैदा होता है कि विकेश नेगी पर कार्यवाही का आधार उन पर दर्ज मुकदमे हैं या कार्यवाही इसलिए की गयी है क्योंकि सूचना अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के जरिये वे उच्च पदों पर बैठे लोगों और जमीन के धंधेबाजों के लिए परेशानी पैदा कर रहे थे? लगता तो यही है कि यदि वे सूचना अधिकार के जरिये सरकार सत्ता में बैठे लोगों को असहज न करते तो मुमकिन था कि उन पर दर्ज मुकदमें, उन्हें जिले से बाहर नहीं निकलवा पाते !
शासन- प्रशासन और कानून के पहरुओं को कम से कम बदले की भावना से तो कार्यवाही नहीं करनी चाहिए.
इनका निशाना मुसलमान मात्र ही नहीं है, जाति भी है। इनकी शुचिता दलितों, पिछड़ो, आदिवासियों से भी ख़तरे में रहती है। अखिलेश यादव के जाने के बाद मंदिर धुलवाने वाले कौन थे?
04, जुलाई, 2024 गुरुवार को कुंड बैराज से प्रातः 10:00 बजे से लेकर दोपहर 02:00 बजे तक सिल्ट फ्लैशिंग हेतु सभी गेटों से पानी छोड़ा जाएगा। जिस वजह से मंदाकिनी नदी का जल स्तर एवं जल प्रवाह और अधिक बढ़ेगा l नदी के आसपास रह रहे लोग स्वयं एवं मवेशियों को नदी की ओर न जाने दें
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राजकीय इण्टर कॉलेज कण्डारा, रुद्रप्रयाग की शिक्षिका एवं ईएलसी समन्वयक कुसुम भट्ट ने स्वरचित चुनाव जागरूकता गीत पर उत्तराखंड के पारंपरिक नृत्य झुमेलो के माध्यम से आदर्श नगर कण्डारा की मातृशक्ति के साथ मिलकर मतदान की अपील की।
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