सुबह के 9 बजे से रात के 1 बजे तक 16 घंटे से मुझे बैठाकर रखा गया है। मैं शुगर का मरीज हूं, पांव की पूर्व में सर्जरी हुई थी। एक माह पहले गॉल ब्लैडर की सर्जरी हुई है। मुझे पूरा आराम करने डॉक्टरी सलाह दी गयी थी। मेरे सारे सहयोगी एक दाना-पानी नहीं पिये हैं।
आखिर मेरा क्या जुर्म है?
मैं कोविड निगेटिव हूं तो फिर मुझे क्वारन्टीन सेंटर वीरपुर क्यों भेजा गया है? क्या मुझे कोरोना पॉजिटिव कर मेरे सेहत से खिलवाड़ करना है?
जब सुप्रीम कोर्ट का गाइडलाइन है कि बहुत आपात स्थिति न हो तो किसी को गिरफ्तार न किया जाय।किसी को जेल न भेजा जाय, तो फिर मुझ पर यह जुल्म क्यों?