शिशु मंदिर के छात्र छात्राओं को जन्माष्टमी के दिन का बेहद बेसब्री से इंतज़ार रहता था यही वह दिन रहता था जिसमे सभी विद्यार्थी राधा- कृष्ण,ग्वाल- बाल बनते थे,नगर में झांकियां निकलती थी मटकियां फोड़ी जाती थी और इसी दरमियान शुरू होता था प्रश्नमंच बौद्धिक प्रतियोगिता की तैयारियां...