"यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी का नहीं है, यह मुद्दा युवाओं छात्र और नौजवानों का है। क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? युवाओं के लिए सदन में क्यों नहीं बोल सकते हैं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
सरकार ने समय रहते युवाओं के feedback को गंभीर नहीं माना । हर चेतावनी को नज़रअंदाज़ करने की भी एक कीमत होती है। और वो है कि आपको अपने घमंड से उठकर एक मंत्री को हटाना पड़ेगा ही ।।
आख़िर धर्मेंद्र प्रधान में ऐसा क्या है कि उनका इस्तीफ़ा नहीं हो सकता?
जब देशभर से आवाज़ उठ रही है कि अब पेपर लीक पर माफ़ी नहीं, जवाबदेही चाहिए और इस्तीफ़ा चाहिए, तब भी सरकार सुनने को तैयार क्यों नहीं है ?
झुकते तो वो है जिनमे जान होती है - अकड़ तो मुर्दे की पहचान है ॥
कल छात्रों के साथ जो हुआ...
उस पर चुप रहना मुश्किल है।
आज कुछ सवाल हैं...
और ये सवाल सिर्फ छात्रों के नहीं, हर उस माँ-बाप के हैं जिनके बच्चे मेहनत करके अपना भविष्य बना रहे हैं।
मेरी पूरी बात एक बार ज़रूर सुनियेगा। 🙏
साहब, आप कठोर निकले, इतनी चुप्पी क्यों?... इतना कठोर मन कैसे?देश को मज़बूत नेता चाहिए था... पत्थरदिल नहीं।आपसे उम्मीदें थीं... मगर अब सिर्फ़ सवाल हैं।ताक़तवर होंगे आप... संवेदना नहीं है आप में।
@narendramodi
साहब, आप कठोर निकले, इतनी चुप्पी क्यों?... इतना कठोर मन कैसे?देश को मज़बूत नेता चाहिए था... पत्थरदिल नहीं।आपसे उम्मीदें थीं... मगर अब सिर्फ़ सवाल हैं।ताक़तवर होंगे आप... संवेदना नहीं है आप में।
@narendramodi
हम लोकतंत्र के सबसे बुरे दौर से गुज़र रहे हैं एक नाकाम नेता (#narendra_modi )को महान दिखाने के लिए चाहे कितनी भी फिल्में, मनगढ़ंत कहानियां क्यों न बन जाएं, सच्चाई नहीं बदलती।
#SonamWangcguk