“ढूंढ़ लेते हैं अंधेरों में मंजिल अपनी
क्योंकि जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते !”
बिन संसाधन मेहनत, लग्न से मेरठ से कीर्तिमान रचने वाली बेटी #वंशिका_उपाध्याय को जिस समय #आदरणीय_श्री_अखिलेश_यादव_जी ने सम्मानित किया, उस पल बहुत गर्व और ख़ुशी की अनुभूति हुई, यह बच्ची आज मिले #लैपटॉप का प्रयोग कर आगे बढ़ेगी और हमारा यह प्रयास और बच्चो को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा !
@yadavakhilesh जिन्दाबाद
अब भाजपा सरकार बताए कि पीडीए समाज के एक चायवाले को पलायन पर मजबूर करने के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
एक आम चायवाले पर अत्याचार करके लखनऊ की सरकार कहीं सांकेतिक रूप से किसी और को तो चुनौती नहीं दे रही है।
आर्यन को अपने जीवन और जीवनयापन के लिए चिंता करने या डरने की ज़रूरत नहीं है, हम सब करोड़ों पीडीए लोग उसके साथ हैं, उसकी ढाल हैं।
आशा है माननीय मुख्यमंत्री जी इस तुच्छता पूर्ण व्यवहार का संज्ञान लेते हुए, इस मामले से जुड़े हुए अराजक तत्वों और अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे और अपने राज्य पर लगनेवाले पलायन के दाग़ से बचेंगे, नहीं तो लोग कहेंगे जो मुख्यमंत्री जी एक आम चायवाले की रक्षा अपने दल के अवांछनीय तत्वों से नहीं कर सकते हैं वो पूरा प्रदेश क्या चलाएंगे। अगर मुख्यमंत्री जी को अपने दल के उस असामाजिक तत्व का नाम नहीं पता हो तो हम बता देंगे। अगर फिर भी कुछ नहीं हुआ तो हम आर्यन के रोज़गार के लिए पुख़्ता व्यवस्था करेंगे क्योंकि हमें उसके हाथ की बनी और प्रेम से भरी चाय बहुत अच्छी लगी थी।
वाह, दिल जीत लिए आप लोग।जो काम सरकार को करना था वो आज बिहार के युवा कर रहे है। हर जिले में ऐसा होने लगे तो जल्दी एक सफ़ाई क्रांति आ सकती है बिहार में ।
कभी भी मौक़ा लगेगा तो हम ख़ुद आना चाहेंगे आपके साथ ग्राउंड जीरो पर।
" यादव जी की लव स्टोरी " वाले मामले में अब जाकर कोई मुद्दे की बात किया है।
क्योंकि अब दुनियां को बांसुरी वाले श्रीकृष्ण नहीं पसंद हैं, सुदर्शनधारी की जरूरत है।
यादव समाज बहुत देर से निवेदन कर रहा मगर अब समय की मांग कुछ और है।
अब तो डायरेक्टर का पता बताने पर 25 हजार की इनाम राशि भी घोषित हो चुकी है तो जहां तक संभव हो इन भाई साहब से जरूर संपर्क करिए।
चुनाव तो पवन सिंह और खेसारी लाल दोनों लड़ते हैं, लेकिन गरीबों की सेवा और मदद के मामले में खेसारी लाल यादव का कोई मुकाबला नहीं है। उनका सेवा भाव उन्हें सबसे अलग बनाता है।