ABHIJEET CHOOSES SUPPORT OVER SPOTLIGHT IN JHARKHAND 🚨
ABHIJEET 🔥: Jharkhand looked like Jantar Mantar again. Tear gas, lathis and the same question: why does the state find force only when students protest?
REPORTER: What did Devendra Mahato tell you?
ABHIJEET 💔: Nine days on hunger strike, then lathis, hospital and a worrying condition. These students are fighting for their future, not for any vote bank.
REPORTER: When will you go to Jharkhand?
ABHIJEET 🙌: Our team is already there. Devendra Mahato is the face of this fight. We are there to strengthen him, not steal his spotlight.
मोदी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं।
रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट?
लल्लनटॉप के रिपोर्टर और कैमरामैन पर पुलिस का ज़ोर?
भाजपा बार-बार यह साबित कर रही है कि वह छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के खिलाफ खड़ी ह��।
पत्रकारों पर बेबुनियाद FIR और इस तरह का ब�� प्रयोग साफ दिखाता है कि वे पत्रकारिता के बारे में क्या सोचते हैं।
अभी हाल ही में अनुराग ठाकुर हनुमान जी को पहला अंतरिक्ष यात्री बता रहे थे।
हमारे बच्चों की शिक्षा... उनके मुद्दों को लेकर इतनी शत्रुता?
आख़िर क्यों?
#ssc_protest
मोदी सरकार ने रात में पुलिस भेजकर SSC छात्रों के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की है.
ये सरासर गलत है, इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है.
छात्र पिछले कई महीनों से SSC में सुधार की मांग कर रहे हैं. जब उनकी नहीं सुनी गई तो मजबूरन वो दिल्ली में धरना देने आए.
मोदी सरकार से ये बर्दाश���त न हुआ और पुलिस भेजकर छात्र और छात्राओं को बुरी तरह पिटवा दिया.
सरकार को छात्रों की बात सुननी ही होगी. SSC से जुड़ी उनकी मांग जायज है.
SSC में धाँधली के ख़िलाफ़ हज़ारों अभ्यर्थी और शिक्षक पर दिल्ली पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया है।
वोट चोरी से बनी सरकार नौकरी माँगने पर लाठी चलाती है।
यह बेहद श��्मनाक और निंदनीय है,
लड़ेंगे जीतेंगे। इंक़लाब जिंदाबाद ✊🏻
#sscprotest2025
SSC में ध��ँधली के ख़िलाफ़ हज़ारों अभ्यर्थी और शिक्षक रामलीला मैदान में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर दिल्ली पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया है।
वोट चोरी से बनी सरकार नौकरी माँगने पर लाठी चलाती है।
यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है, हम लोकतंत्र को लाठीतंत्र बनाने वालों के ख़िलाफ़ पूरी ताक़त से लड़ेंगें।
#sscprotest2025
रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे SSC अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज - शर्मनाक ही नहीं, एक डरपोक सरकार की पहचान है।
युवाओं ने सिर्फ़ अपना हक़ मांगा था - रोज़गार और न्याय। मिली क्या? लाठियां।
साफ़ है - मोदी सरकार को न देश के युवाओं की चिंता है, न उनके भविष्य की। क्यों हो? ये सरकार जनता के वोटों से नहीं, वोट चुराकर सत्ता में आई है।
पहले वोट चुराएंगे
फिर परीक्षा चुराए���गे
फिर नौकरियां चुराएंगे
फिर आपका हक़ और आवाज़ - दोनों कुचल देंगे!
युवाओं, किसानों, गरीबों, बहुजनों और अल्पसंख्यकों - आपका वोट इन्हें चाहिए नहीं, इसलिए आपकी मांगे कभी इनकी प्राथमिकता नहीं होंगी।
अब वक्त है - डरने का नहीं, डटकर मुकाबला करने का।
#ssc_protest
#VoteChorGaddiChhod
SSC students deserve transparency, not harassment.
👉 Delayed exams, wrong questions, server failures – why should aspirants suffer every time?
#ssc_job_chor
आप acting करती हो या विवेक शुन्य हो गया है या आपका दिमाग़ सत्ता कि गुलामी मै डूबा है?
Journlaism का काम सवाल करना नाकि सत्ता का गुणगान
लीडर coach बने ये emperor, पत्रकार का धर्म जनता के मुद्दे उठाना है नाकि मंच से ताली बजाना
देश को आत्मनिर्भर बनाने कि लिए पहले मीडिया और आप जैसे लोगो कि सोच को स्वंत्रत होना पड़ेगा!
खुद को to आज़ाद करिये मोहतरमा
@RubikaLiyaquat
कुछ दिमाग़ खुल पाए तो जवाब रखना
पहले कोरोना को भगाने के लिए थाली बजाई गई थी,
अब एसएससी की एग्जाम में गड़बड़ियों पर सरकार को जगाने के लिए देश के युवाओं ने थाली बजाई।
#SSC_System_Sudharo#sscprotest
Security guard एक हाथ में cigarette, दूसरे में admit card चेक कर रहा! 😡
ये है SSC का security level?
Chairman साहब, जो सफाई दे रहे थे, ये video देखें! Blacklisted company, faulty papers, no labs, no amenities
lakhon students का भविष्य दांव पर, और आप “improving” ब���ल रहे?
#sscReforms2025
#SSCVendorFailure
#SSCMisManagement
अपने अनुभव का इस्तेमाल देशभर में बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए करें। आइए, छात्रों क�� हक़ की इस लड़ाई में हमारे साथ खड़े हों। आपकी मौजूदगी बच्चों का हौसला बढ़ाएगी।
"रोज़गार के सपनों को कुचलती डंडों की मार,
नौकरी मांगने पर क्यों होता युवाओं पर वार?
दंगाइयों पर फूल, छात्रों पर बर्बरता,
ये कैसा अन्याय, ये कैसा व्यवहार?"
SSC-CGL जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा रद्द, भ्रष्टाचार और तकनीकी गड़बड़ियों से युवा परेशान हैं। 31 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके अपनी आवाज बुलंद कर रहे छात्रों व शिक्षकों पर लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक है।
@AzadSamajParty देशभर के लाखों अभ्यर्थी और शिक्षकों के साथ इ��� मुद्दे पर ��ूरी ताकत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
आज का युवा रोजगार और न्याय की उम्मीद लेकर सड़क पर है। सरकार को चाहिए कि वह इस दमन को बंद करे, छात्रों की मांगें पूरी करे और SSC भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाए।"
मैं प्रधानमंत्री @narendramodi और @DoPTGoI मंत्री @DrJitendraSingh से मांग करता हूं कि–
1. सरकार EDUQUITY जैसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी की भूमिका की जांच कराके उसे तत्काल बैन करे।
2. SSC परीक्षा कैलेंडर और रिजल्ट की तिथियां UPSC की तरह निश्चित करने का कदम उठाए।
3. छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच कराकर शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार के दोषियों पर कार्रवाई की जाए?
4. SSC की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाई जाए ताकि युवाओं का भरोसा बहाल हो?
मैं देश भर के छात्रों और शिक्षकों को भरोसा दिलाता हूं, आप इस अन्याय की लड़ाई में संगठित रहें हम संसद के माध्यम से और जरूरत पड़ी तो आपके साथ ��ड़क पर उतरकर इस संघर्ष को मजबूती से उठाते रहेंगे।
#SSCVendorFailure
#SSCMisManagement
#SSC_System_Sudharo
#SSC_VENDOR_FAILURE
#sscReforms2025
Earlier, TCS conducted the SSC-CGL exam. This time, the contract went to a previously blacklisted Ediquity for nearly half the cost, and they conducted it like an L1 vendor: cheapest, not necessarily workable.
Computers froze, keyboards failed, systems crashed, login errors, no rough sheets or pens, poor invigilators, misallocated centres, some in remote villages without signage. Some centres were abruptly cancelled mid-shift, triggering chaos.
These are genuine points raised by the students who took the exam. They’re protesting now. Heard the police even resorted to lathicharge today.
What’s this, @dpradhanbjp? What stops you from promptly responding and addressing concerns, especially when such a large number of students are on the streets? Talk to them, listen, order an inquiry. Or will you only wake up when the issue snowballs beyond control?