जनता ~ आपसे निवेदन है कि इस बार समय से पहले ये रोड बन जाए, नहीं तो फिर इस बार हम लोगों में से कोई भी आपको वोट नहीं डालेगा।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ~ ये भाषा मेरे सामने कभी प्रयोग ना करना।
क्युकी हम भारतीय सिहासत के महाराज है
भोपाल आईजी कार्यालय का घेराव: राजगढ़ में हो रहे पुलिसिया दमन को लेकर भाई दीपक मालवीय और मृतक राहुल अहिरवार सहित बुधनी स्कूल छात्रा ने आत्महत्या के मामले को लेकर न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया। कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संघर्ष किया।
@SunilAstay
गृह मंत्री अमित शाह का बयान परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के ऐतिहासिक योगदान और सामाजिक न्याय के लिए उनके संघर्ष का अपमान है।
परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी नाम लेना कोई "फ़ैशन" नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक परिवर्तन की उस क्रांति का प्रतीक है, जिसने करोड़ों दबे-कुचले लोगों को न्याय और अधिकार दिलाए। अंबेडकर को भगवान के नाम से तुलना करना उनकी विचारधारा की गहराई और संविधान निर्माण में उनके योगदान को कमतर आंकने का प्रयास है। यह न केवल असंवेदनशीलता, बल्कि सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अनादर का परिचायक है।
ये अक्षम्य है, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को मानने वाले इस अपमान का बदला जरूर लेंगे मेरी बात को याद रखना।
देश की सबसे बड़ी पंचायत ससंद में जो दलित नेता आज तक नहीं बोल पाए वो @BhimArmyChief चीफ Aazad Samaj Party - Kanshi Ram के राष्ट्रीय अध्यक्ष वर्तमान नगीना सासंद चन्द्र शेखर आजाद ने बोल दी दलितों के साथ हो रहे उत्पीड़न पर अपनी बात दमदारी से रखी
@Highlight_xyz@VinayRatanSingh
माननीय कलेक्टर महोदय मंदसौर निवेदन है कि 3 फरवरी2024 को संभल कार्ड बनाने हेतु पंकज पिता फूलचंद का ऑनलाइन आवेदन हुआ था जिसे ग्राम प. फुलखेडा ज.प.गरोट द्वारा अभी तक जांच में लंबित लिया गया है पंकज पिता फूलचंद की 5जुलाई 2024को दुर्घटना में मृत्यु हो गई @CMandsaur@CMMadhyaPradesh
कल घात लगाकर मेरे ऊपर किए गए जानलेवा हमले की निंदा करने और मेरे प्रति संवेदना प्रकट करने वाले मित्रों, नेताओं व शुभचिंतकों का दिल से आभार प्रकट करता हूं।
कल की तरह की घटना आज भले हीं मेरे साथ घटी है लेकिन आगे किसी भी समय ऐसी घटनाएं किसी भी दूसरी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों और उनके समर्थकों के साथ घट सकती है। इसकी दो वजहें हैं। पहला ये कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है और दूसरा ये कि सरकार अपराधियों को जाति और धर्म के आधार पर प्रश्रय देकर उसे संरक्षण प्रदान कर रही है जिससे सरकार समर्थित अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनको आज न तो कानून का भय है और न हीं पुलिस का।
आज भारत के लोकतान्त्रिक मूल्य और बाबा साहेब का संविधान दोनों हीं खतरे में हैं। जब सरकार समर्थित बेखौफ घूमते अपराधी मेरे जैसे राजनेतों की आवाजों को खामोश करने के लिए हमले कर सकते हैं, खुलेआम कई राऊंड गोलियां चला सकते हैं तो इस प्रदेश की बहु- बेटियां, दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के ऊपर कितना जुल्म और अत्याचार किया जा रहा है इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। सत्ता के नशे में लोग इतने पागल हो गए हैं कि ये अपने विरुद्ध उठने वाली आवाजों को मिटा देने पर तुले हैं। पहले ये लोग इसके लिए ED,CBI और इनकम टैक्स अधिकारियों का दुरुपयोग किया करते थे, फिर फेक पुलिस इनकाउंटर करवाने लगे और अब तो विपक्षी नेताओं को खत्म करने के लिए सरकार समर्थित अपराधी सीधे बंदूक-गोलियों से हमले करने लगे हैं।वो भूल रहे हैं कि भारतवर्ष का इतिहास हमारे पूर्वजों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है। वो भूल रहे हैं कि आज भी हमारा बहुजन समाज बिना डरें सीमाओं पर अपनी जान देकर इस देश की रक्षा में जुटा है। मैं भी उसी समाज का एक हिस्सा हूं। इसलिए आप चंद्रशेखर को गोली और बंदूकों से न तो झुका सकते हैं न डरा सकते हैं और न ही डिगा सकते हैं। मेरा 56 इंच का सीना असली है नकली नहीं।
मेरे ऊपर हुआ जानलेवा हमला सरकार की विफलता है क्योंकि प्रदेश के जनता की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है और मैं भी प्रदेश का एक जिम्मेदार नागरिक हूं। बीजेपी राज्य में बेखौफ अपराधियों को संरक्षण देने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री जी को तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
#SC_ST_विरोधी_भाजपा
राष्ट्रपति जी से संसद भवन का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना - यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।
@BhimArmyChief