₹1 लाख करोड़ का जुमला - सीज़न 2!
11 साल बाद भी मोदी जी के वही पुराने जुमले, वही रटे-रटाए आंकड़े।
पिछले साल ₹1 लाख करोड़ से 1 करोड़ इंटर्नशिप का वादा - इस साल फिर ₹1 लाख करोड़ की नौकरी योजना!
सच क्या है? संसद में मेरे सवाल पर सरकार ने माना - 10 हज़ार से भी कम इंटर्नशिप। स्टाइपेंड इतना कम कि 90% युवाओं ने मना कर दिया।
मोदी जी के पास अब कोई नया आइडिया नहीं बचा। इस सरकार से युवाओं को रोज़गार नहीं, बस जुमले मिलेंगे।
जिस अधिकार पर देश का लोकतंत्र टिका है,
उसे बचाने की सबसे बड़ी लड़ाई बिहार से शुरू हो रही है! #StopVoteChori
17 अगस्त से नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी की "वोटर अधिकार यात्रा"⚡
#VoteChori के ख़िलाफ़ इस मुहिम से जुड़ने के लिए 👇
📞965-000-3420 पर मिस्ड कॉल दें या जाएं https://t.co/t6YFzSnNfj…
#VoterAdhikarYatra
हमने कर्नाटक की एक विधानसभा महादेवापुरा क्षेत्र की जांच की और पाया कि यहां 1,00,250 वोटों की चोरी की गई। पांच तरीकों से ये फर्जी वोट लिस्ट में जोड़े गए।
▪️11,965 डुप्लीकेट वोटर बनाए गए
▪️40,009 फर्जी पतों का इस्तेमाल हुआ
▪️10,452 वोटर बड़ी संख्या में एक ही पते पर रजिस्टर किए गए
▪️4,132 वोटर बिना फोटो या अवैध फोटो के साथ जोड़े गए
▪️33,692 नए वोटर फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल कर जोड़े गए
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने पुख्ता सबूतों के साथ ये सच देश के सामने रख दिया है कि कैसे चुनावों में धांधली करके लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है।
“Make in India” promised a factory boom. So why is manufacturing at record lows, youth unemployment at record highs, and why have imports from China more than doubled?
Modi ji has mastered the art of slogans, not solutions. Since 2014, manufacturing has fallen to 14% of our economy.
In Nehru Place, New Delhi, I met Shivam and Saif - bright, skilled, full of promise - yet denied the opportunity to fulfil it.
The truth is stark: we assemble, we import, but we don’t build. China profits.
With no new ideas, Modi ji has surrendered. Even the much-hyped PLI scheme is now being quietly rolled back.
India needs a fundamental shift - one that empowers lakhs of producers through honest reforms and financial support.
We must stop being a market for others. If we don’t build here, we’ll keep buying from those who do. The clock is ticking.