राजस्थान के जैसलमेर में एक राजा से प्रताड़ित होकर 84 गांव के लोगों ने रातों रात गांव खाली कर दिए थे ..कितना दर्दनाक हुआ होगा वो पलायन वहीं दूसरी तरफ फलोदी जिले का बावड़ी गांव है जहां गांव के लोगों ने पल���यन किया पूरे गांव की ही तस्वीर बदल गई .
@8PMnoCM
https://t.co/B2wRK6bt8I
#BigBreaking 🚨
#AirIndia के विमान में हाइड्रोलिक खराबी आई तो पायलट विमान में 140 यात्रियों को लेकर त्रिचि शहर के ऊपर घुमा।
पायलेट की सूझ बूझ से प्लेन को #Trichy एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंड करा दिया।
पायलेट की जाबांजी से 140 जानें बची सेल्यूट है ऐसे सिपाही को और उसकी हिम्मत को।
एयर इंडिया | #AXB613 | #AirIndiaExpress #RatanTata #Airport
सुनील ग्रोवर के बिना कपिल का शो कुछ नहीं, लेकिन सुनील अपना शो नहीं चला सकते। जानते हैं क्यों?
कल बड़े टाइम बाद कपिल का शो देखा। थोड़ा बोरिंग लगा जब तक सुनील ग���रोवर नहीं आये। बल्कि कहूँ तो सुनील ग्रोवर के आने का इंतजार कर रहा था। इस शो में सुनील राजामौली बन कर आए थे और क्या बेहतरीन काम किया। कपिल के शो में अगर कुछ बेहतर है तो वह सुनील ग्रोवर है। उसके बिना कपिल फीके हैं।
ये मजेदार है कि सुनील ने अपना अलग शो किया लेकिन फ्लॉप हो गये। कपिल का शो भले ही किकू शारदा और अन्य के साथ चलता रहा हो पर सुनील की कमी लगातार खलती रही। कपिल भी अगर अकेले शो करने लगें तो क���छ समय में वह भी फ्लॉप हो जाएंगे। यह टीम एफर्ट है।
सुनील इस शो में अपनी 'वैल्यू' जानते थे और इसलिये उन्होंने खुद को स्वतंत्र रूप से प्रस्तुत किया लेकिन उनकी असफलता ने उन्हें सिखाया कि वह एक टीम का बेहतर हिस्सा हो सकते हैं लेकिन शो-रनर नहीं। जब सुनील अलग हुये तब संभवतः कपिल भी गुरूर से भरे थे और उन्होंने भी सुनील को जाने दिया। अहसास कपिल को भी हुआ कि वह शो का चेहरा तो हो सकते हैं लेकिन बिना टीम के नहीं ��ल सकते।
हम सब अलग-अलग खूबियों से भरे लोग हैं। यही खूबियाँ हमारी तरक्की का रास्ता खोलती हैं लेकिन क्या यह एक खूबी काफी है हमारे लीडर बनने के लिये? हम सब को स्वयं को पहचानना जरूरी है कि हम क्या कर सकते हैं और क्या नहीं? कौन सी चीजें हैं जो सीख कर बेहतर कर सकते हैं और कौन सी हमारी नैसर्गिक प्रतिभा या कमी है।
मुझे यह अहसास मेरे एमबीए के तीसरे सेमेस्टर में हो गया और इसलिये मैं��े सेल्स नहीं चुना। मैं कान्सेप्ट समझा सकता हूँ, बना सकता हूँ लेकिन क्लाइंट से पैसा नहीं निकाल सकता। इसीलिए मैंने सेल्स की जगह मार्केटिंग चुना। अपने हुनर के आधार पर मैं यह भी जानता हूँ कि मैं सीईओ मटीरीअल नहीं हूँ लेकिन सीएमओ हो सकता हूँ। मैंने वही राह पकड़े रखी और परिणाम आप जानते हैं।
हम सब के आसपास तमाम ऐसे उदाहरण हैं जो बताते हैं कि जिन्होंने खुद को पहचाना वह बेहतर कर पाये।
अगर आप युवा हैं, खुद को खोज रहे हैं, करियर में बेहतर करना चाहते हैं तो मेरी नवंबर अंत में आने वाली किताब इसी विषय पर आधारित है
जिसमें व्यावहारिक पक्ष और हमारे आपके आसपास के लोगों की कहानियाँ हैं। यह किताब आपके और आपके प्रिय लोगों के करियर में आगे बढ़ने के लिये निर्णय लेने में सहायक होगी।
किताब का नाम है - 'खुद से बेहतर'
दिल्ली विश्वविद्यालय की समस्त छात्र शक्ति से अपील है DUSU चुनाव में एनएसयूआई पैनल 5-5-3-4 को अपना मत एवं समर्थन देकर विजयी बनाएं।
आपका हर वोट छात्र शक्ति को मजबूती प्रदान करेगा क्योंकि एनएसयूआई आपके अधिकारों की सच्ची आवाज है। आइए, एनएसयूआई को जिताएं और सुनहरे भविष्य की नींव रखें। National Students' Union of India (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया)
दिल्ली विश्वविद्यालय की समस्त छात्र शक्ति से अपील करता हुँ कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई पैनल को भारी मतों से विजयी बनाएं। एनएसयूआई ही एकमात्र वह संगठन है जो छात्रों की समस्याओं को समझता है और उन्हें सशक्त करने के लिए संघर्ष करता है और 365 दिन कैंपस में रहकर छात्र-छात्राओं के हितों की लड़ाई लड़ता है ।@RahulGandhi@Allavaru @Uday_Bhanu9 @varunchoudhary2@nsui@kanhaiyakumar