पहली बार ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि एक आदमी के चलते पूरी शिक्षा व्यवस्था खोखली होती दिख रही है।
Education system से लेकर Exam System तक, सब तमाम सवालों के घेरे में हैं। Special Protest सिर्फ एक आदमी के इस्तीफे को लेकर हो रहे हैं।
मगर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया जा सकता, चाहे देश का भविष्य दांव पर हो ,युवाओं के भविष्य के चलते!
ये बात एकदम समझ से परे है। हर अति का अंत है और जल्दी ही सरकार को इन्हे हटाना होगा। कोई शिक्षित आदमी ही अब देश की शिक्षा की जिम्मेदारी लेगा।
अगला नंबर रेल मंत्री और वित्तमंत्री का आना है |
विकसित भारत क़ि दिशा देश का युवा तय करेगा |
मालवीय नगर होटल में लगी आग की वजह से जान बचाने को इस तरह से छत पर बचाव का इंतजार करते रहे।
दुःख इस बात का है कि हम अक्सर तब जागते हैं, जब कोई बड़ी दुर्घटना हो चुकी होती है। दिल्ली के होटलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कितनी गंभीर खामियां हैं, यह आज सामने दिख रहा है।
यही स्थिति सड़कों पर दौड़ रही कई पुरानी बसों और अन्य व्यवस्थाओं की भी है, जहां सुरक्षा मानकों से समझौता किया जाता है।
ज़रूरत इस बात की है कि समय रहते सुधार किए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना में किसी को अपने प्रियजन को न खोना पड़े।
खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर बेखौफ अपराधियों ने गोलीबारी की। इस घटना में कोचिंग सेंटर का एक सुरक्षा गार्ड गोली लगने से घायल हो गया और गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया।
श्री डी. के. शिवकुमार जी को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई!
आपका सत्य के लिए संघर्षमय जीवन, राजनीतिक अनुभव, संविधान के प्रति संकल्प और हर समाज से आत्मिक जुड़ाव राज्य को और भी अधिक समृद्धि और सद्भाव की ओर ले जाए और आप जनहित में सदैव सक्रिय रहें, यही शुभकामनाएँ।
Heartiest congratulations to Shri D. K. Shivakumar ji on taking oath as the Chief Minister of Karnataka!
May your lifelong struggle for truth, vast political experience, unwavering commitment to the Constitution, and heartfelt bond with all communities take the state to new heights of prosperity and harmony. Wishing you continued dedication to public welfare.
@DKShivakumar
"दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची" : NEET परीक्षार्थी आकांक्षा ने आत्महत्या कर ली
एक और छात्र का सपना टूट गया।
Akanksha did not commit suicide.
It wasn't a Suicide.
It was a MURDER by our Education System & Dharmendra Pradhan.
अगर परीक्षा प्रणाली में अव्यवस्था, अनिश्चितता और अविश्वास का माहौल बनता है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केवल बयान देकर नहीं, बल्कि जवाबदेही स्वीकार करके इस्तीफ़ा देना चाहिए था
शायद बच्चों को फिर से कोई उम्मीद नजर आती नये शिक्षा मंत्री को देखकर सुसाइड नहीं करते
बच्चे रोज़ अपनी जान दे रहे है लेकिन मोदी जी फिर भी शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं ले रहे है?
बेटी की मौत से पूरा परिवार टूट गया हैं
लेकिन बीजेपी वालो तुम ये नहीं समझोगे यहाँ कमेंट में आकर गालिया गी दोगे
क्योंकि तुम मुर्दा हो, जमीर मार चुका है तुम्हारा
समाजवादी पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं के द्वारा भाजपा सरकार की नीतियों का जमकर विरोध किया जा रहा है।
संविधान विरोधी भाजपा नहीं चलेगी।
आरक्षण विरोधी भाजपा नहीं चलेगी।
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
@rajacademypra सर जी विनम्र निवेदन है अंजना ओम कश्यप के बयान की वजह से पेपर लीक वाले मुद्दे को नहीं भूल जाना क्योंकि ये हमेशा ऐसा ही करते है मैंन मुद्दे से भटकाने के लिय एक नया मुद्दा खड़ा कर देते है🙏
ओह्ह भाई 🤔🤬 क्या तानाशाही है 👇
मतलब कोई पेपर लीक पर चर्चा भी नहीं कर सकता 🫢
देखिए किस तरह AAP सांसद को बंद कमरे में चर्चा से रोका जा रहा है ❓
ये तो बिल्कुल गलत है 🤯 मतलब प्रदेश में क्या कानून चल रहा है भाऊ
#पेपर_लीक
लड़ने के मामले में सांसद संजय सिंह का जवाब नहीं है।
आज पेपर लीक और धांधली के शिकार प्रतियोगी छात्रों के लिए लड़ रहे हैं, पूरे सिस्टम से भिड़ रहे हैं।
कभी अयोध्या में धर्म के नाम पर ज़मीनों के हैरान कर देने वाले कारोबार के खिलाफ लड़े थे।
तो कभी 3 साल तक जेल में ठूँस दी गई 3 दिन की ब्याहता खुशी दुबे को इंसाफ़ दिलाने के लिए लड़े।
बहुत कम लोगों को पता होगा कि संजय सिंह ने उस निरीह लड़की की सुप्रीम कोर्ट तक मदद की और उसे सलाख़ों के बाहर लेकर आए।
संजय सिंह से आप लाख असहमत हों,
फिर भी उनकी हक की खातिर लड़ने की इस अद्भुत इच्छाशक्ति के मुरीद हुए बगैर नहीं रह सकते।
ये इस दौर में दुर्लभ है।
इस दुनिया में कोई भी पूर्ण नहीं है,
मगर अपनी-अपनी अपूर्णताओं में भी जो पूरी हिम्मत और ईमानदारी से अपने हिस्से की लड़ाई लड़ते हैं,
वे पूर्णता के किसी भी स्वप्न से अधिक पूर्ण होते हैं।
संजय सिंह की इस हिम्मत की जमकर तारीफ़ की जानी चाहिए।
कुँवर नारायण लिख गए हैं-
"कोई दुःख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं,
वही हारा जो लड़ा नहीं।"
पिछली सरकार में जब गलती से भी कोई पेपर लीक हो जाता था तो मोदी जी हाहाकार मचा देते थे
और आज जब देश में इनकी सरकार है और एक पे एक पेपर लीक हो रहा है तो PM साहब चुप है
Modi जी छात्रो के लिए एक शब्द नहीं बोला, क्या इस सरकार को देश के युवाओ की फ़िक्र नहीं है?
क्या मोदी जी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफ़ा लेकर बच्चों को न्याय दिलाने की हिम्मत करेंगे?
प्रयागराज की ये कोचिंग रवि P तिवारी @RaviPTiwari2 sir की है जिसे कल सील कर दिया गया है ,
इन सब में मै एक चीज कॉमन देखा हु ये अध्यापक परसो 29 मई को छात्र आंदोलन में शामिल होकर छात्रों की आवाज उठा रहे थे
व्यवस्था की खामियों को ठीक करने के बजाय, उन पर सवाल उठाने वाली आवाज़ों को ही सील करने का प्रयास हो रहा है।
अब आप सब बताइए इन कोचिंग को बंद करके सील करके परीक्षाओं में व्याप्त धांधली खत्म हो जाएगी. ?,
आप ही बताइए
#NEET #CBSE #sscgd2026
#lekhpalधांधली
"परमिशन पब्लिक प्लेक की होती है ADM साहब, नियम दिखाए कि आपको कॉन्फ्रेंस हाल में बातचीत जरने की परमिशन चाहिए"
प्रयागराज के सर्किट हाउस में संजय सिंह पेपर लीक पर छात्रों संग चर्चा कर रहे थे. इतने में पुलिस आई और चर्चा रोकने को कहा. जिसपर संजय सिंह ने नियम समझा दिया