X यानी Twitter की हकीकत 😳
यहां सब अपने आप में मस्त है, और अच्छा कमा रहे हैं। लेकिन परेशानी तो छोटे X Creators की है, बड़े अकाउंट पर बार बार जाने के बाद भी छोटे (हम जैसे लोगों को) नजरंदाज किया जाता है।
अगर छोटे अकाउंट एक दूसरे का साथ दे और बड़े क्रिएटर की तरफ देखना बंद कर दे तो, बड़े लोगों के लेने के देने पड़ जायेंगे...
अगर आप भी आगे बढ़ना चाहते हो, तो 5 दिन छोटे अकाउंट का साथ (मतलब एक दूसरे का) 5 दिन बाद वही बड़े बाबू भैया तुम्हारी id पर दिखेंगे।
अगर आप मेरी बात से सहमत हो तो, जरूर बताए... आपके पास कोई सुझाव है तो वो भी बताए...
नोट; एक दूसरे का साथ दो और आगे बढ़ो...
X यानी Twitter की हकीकत 😳
यहां सब अपने आप में मस्त है, और अच्छा कमा रहे हैं। लेकिन परेशानी तो छोटे X Creators की है, बड़े अकाउंट पर बार बार जाने के बाद भी छोटे (हम जैसे लोगों को) नजरंदाज किया जाता है।
अगर छोटे अकाउंट एक दूसरे का साथ दे और बड़े क्रिएटर की तरफ देखना बंद कर दे तो, बड़े लोगों के लेने के देने पड़ जायेंगे...
अगर आप भी आगे बढ़ना चाहते हो, तो 5 दिन छोटे अकाउंट का साथ (मतलब एक दूसरे का) 5 दिन बाद वही बड़े बाबू भैया तुम्हारी id पर दिखेंगे।
अगर आप मेरी बात से सहमत हो तो, जरूर बताए... आपके पास कोई सुझाव है तो वो भी बताए...
नोट; एक दूसरे का साथ दो और आगे बढ़ो...
एक हिंदू, एक मुस्लिम और एक बौद्ध के बीच धर्म को लेकर ऐसी बहस हुई कि आखिर में चायवाले की एक बात ने तीनों को सोचने पर मजबूर कर दिया...! 😳
एक दिन तीनों दोस्त चाय की दुकान पर बैठे थे।
हिंदू:- हमारे धर्म में पूजा-पाठ, मंदिर जाना और भगवान की आराधना करना बहुत महत्वपूर्ण है।
मुस्लिम:- हमारे यहाँ नमाज पढ़ना, रोजा रखना और अल्लाह की इबादत करना सबसे जरूरी है।
बौद्ध:- अच्छी बात है, लेकिन एक सवाल पूछूँ?
हिंदू:- हाँ, पूछो।
बौद्ध:- अगर कोई मंदिर जाता है, लेकिन घर लौटकर गरीबों का अपमान करता है, तो क्या उसकी पूजा सफल मानी जाएगी?
हिंदू:- नहीं, इंसान का व्यवहार भी अच्छा होना चाहिए।
बौद्ध:- और अगर कोई रोज नमाज पढ़ता है, लेकिन किसी भूखे इंसान को खाना देने से मना कर दे, तो उसकी इबादत का क्या अर्थ रह जाएगा?
मुस्लिम:- नहीं, जरूरतमंदों की मदद करना भी हमारे धर्म की सीख है।
Part 1/3