"DM अंकल मेरा पैर खराब है, साइकिल दिलवा दीजिए, मैं स्कूल जाऊंगी"
◆ यूपी के बलिया में कक्षा 1 की छात्रा रागिनी ने DM से गुहार लगाते हुए कहा
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बलिया
➡️कक्षा 1 की छात्रा रागिनी ने DM से लगाई गुहार
➡️DM अंकल, मुझे साइकिल दिलवा दीजिए- छात्रा
➡️मैं रोज स्कूल पढ़ने आऊंगी- रागिनी
➡️हादसे में छात्रा का एक पैर हुआ क्षतिग्रस्त
➡️दिव्यांग होने के बावजूद पढ़ाई का जुनून
➡️एक पैर से कूद-कूदकर स्कूल जाती है रागिनी
➡️मनियर के प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में पढ़ती है
➡️रागिनी की मार्मिक अपील सोशल मीडिया पर वायरल
#Ballia #Education #UttarPradesh @dmballia@dayashankar4bjp
टीकमगढ़: कलेक्टर के सामने CHO नहीं ले पाईं मरीज का BP
◆ कलेक्टर ने खुद हस्तक्षेप करते हुए उन्हें BP जांचने की प्रक्रिया समझाई और उन्हें ब्लड प्रेशर लेना सिखाया
#MadhyaPradesh | Madhya Pradesh CHO
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चाय की दुकान पर दलितों को कागज के कप में चाय दी जाती है.
इस बात को सुनकर बहुत से ज्ञानी लोग मजाक बनाने लगे.
असल में इनको ग्रामीण भारत में दलितों के साथ हो रहे भेदभाव की समझ ही नहीं है. ये वीडियो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का है.
देखिए👇
'चाय की दुकान पर कहा जाता है - तुम लोग डोम जाति से हो, तुम्हें ग्लास में चाय नहीं देंगे'
- दलित महिला
चाय की दुकान पर दलितों के साथ भेदभाव नहीं होता. ऐसा कहने वाले इस महिला को भी झुठला देंगे.
लोगों को लगता है उनके साथ भेदभाव नहीं हो रहा तो समाज में भेदभाव है ही नहीं.
MP : रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल से चीखती हुई बाहर निकली प्रेग्नेंट महिला
◆ कुछ देर बाद ही महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई
◆ परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही बरतने और समय पर इलाज नहीं किए जाने के आरोप लगाए
◆ परिजनों के हंगामे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने दो नर्स को सस्पेंड कर दिया है
#MadhyaPradesh | Madhya Pradesh | #Rewa | Rewa
@Ashok_Kashmir इसकी पार्टी के बड़े बड़े वरिष्ठ नेता गण भी इसके फिल्मी भाषणों पर खूब हंसते हैं तो आम जनता क्या करे और ये रोज आ जाता है इनको हंसाने शायद इसलिए इसको मौका भी दिया गया है
यूपी के जौनपुर जिले में तैनात कांस्टेबल संदीप यादव को सुनिये -
जमीनी विवाद अथवा मेढ़ काटने की शिकायत पर मौके पर पहुंचे हैं और दोनों पक्षों को बेहद सरलता..सौम्यता और सभ्यता से समझा रहे हैं !
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा आपराधिक घटनाएं जमीनी विवाद को लेकर ही होती है...इंच - इंच भर जमीन के लिए लाठी डंडा कट्टा चलना आम
बात है..!
ऐसी स्थिति में कड़ी और कठोर होकर कार्यवाही करने के साथ उन्हें जागरूक करना बेहद आवश्यक हो
जाता है....!
संदीप वही प्रयास कर रहे हैं -
मेरा मानना है प्रदेश के हर थाने में संदीप जैसी सोच और विचारधारा वाले लोगों की जरूरत है..!
@DrLaxman_Yadav ये बस जाति के आधार पर किसी व्यक्ति की योग्यता का अनुमान लगा रही ये महिला घृणित मानसिकता से ग्रस्त है, इसको ये भी नहीं जान ना कि कौन कहां कितना पढ़ा लिखा बस जाति से श्रेष्ठ घोषित कर देने की प्राचीन परम्परा को आगे बढ़ाने की असफल कोशिश कर रही हैं बुढा
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
यूपी में एक साल में 75 टन नया आलू खाद्य विभाग ने पकड़ा। यह आलू जमीन में नहीं, केमिकल से तैयार किया था। यानी आलू तो पुराना था, लेकिन उसे इस तरह प्रोसेस किया कि वह बिल्कुल नए की तरह दिखने लगे।
सीजन की शुरुआत में बाजार में नए आलू का भाव चार गुना ज्यादा होता है। यानी पुराना आलू 20 रुपए किलो है तो नया 80 रुपए किलो। बस इसी मुनाफे के लिए पश्चिमी यूपी में बड़ा गिरोह खड़ा हो गया। यह आलू सेहत के लिए खतरनाक है।
दैनिक भास्कर की टीम ने इस गिरोह को एक्सपोज करने के लिए इन्वेस्टिगेशन किया। पूरी रिपोर्ट भास्कर पर देखिए: https://t.co/oOoGzqQLbh
सुभाष चंद्रा का 22 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ 6.5 करोड़ में निपटा दिया गया. सुभाष चंद्रा भाजपा के समर्थन से सांसद बने थे.
सुभाष चंद्रा की जगह कोई गरीब किसान होता तो 2-4 लाख रूपयों के लिए उसे फाँसी लगानी पड़ जाती.
ZEE टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा में 'सुरख़ाब के पर' लगे हैं क्या भाई?
कर्ज था 22006 करोड़ का , चुकाया 6.5 करोड़ और कर्जमुक्त मुक्त हो गए ?
यानि कुल कर्ज का सिर्फ 0.03 फ़ीसदी चुकाकर फ्री हो गए ?
इसी देश में लाख - दो लाख के बकाये पर बैंक वाले रिकवरी एजेंट भेज देते हैं . कुर्की का ऑर्डर ले आते हैं और लाला जी पर ऐसी मेहरबानी?
NCLT में बैठे लोगों ने किसके कहने पर ये किया ?
नई दिल्ली | हैरान करने वाला मामला। 22 हजार करोड़ का लोन। सेटलमेंट सिर्फ़ 6.5 करोड़ में। ₹22,006 करोड़ का दावा... भुगतान सिर्फ ₹6.5 करोड़! सुभाष चंद्रा के मामले में 99.97% का ‘हेयरकट’। देश की insolvency व्यवस्था से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Zee Group के संस्थापक सुभाष चंद्रा के खिलाफ लेनदारों के करीब ₹22,006.57 करोड़ के admitted claims हैं, लेकिन मंजूर repayment plan में कुल भुगतान महज ₹6.5 करोड़ का है।
यानी लेनदारों की रिकवरी करीब 0.03% और कथित तौर पर 99.97% का haircut।
NCLT के Judicial Member नीलेश शर्मा ने IBC की धारा 114 के तहत repayment plan को मंजूरी दी। प्रस्ताव में ₹6.25 करोड़ creditors के लिए और ₹25 लाख process cost के लिए रखे गए हैं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा LIC Housing Finance के आंकड़े से लगाया जा सकता है। उसका admitted claim करीब ₹1,322.39 करोड़ है, जबकि repayment plan में उसे लगभग ₹38.09 लाख मिलने की बात है। यानी करीब 0.028% की recovery।
कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस repayment plan का विरोध किया था। लेकिन योजना को creditors के 80.81% voting share का समर्थन मिला। NCLT ने कहा कि वह creditors की commercial wisdom की जगह अपना फैसला नहीं रख सकता।
₹22,006 करोड़ → ₹6.5 करोड़
यही इस पूरी कहानी का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि ₹22 हजार करोड़ से अधिक के admitted claims वाले मामले में सिर्फ ₹6.5 करोड़ की repayment तक स्थिति आखिर पहुंची कैसे? और 99.97% haircut का वास्तविक आर्थिक बोझ कौन उठाएगा।
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