“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
Nothing is more painful than seeing a parent grieve their child.
Behind every young life lost is a family carrying pain that will never leave them - and serious questions about a broken education system.
Leaked papers. Cancelled exams. Years of preparation destroyed overnight. Our students are told to work honestly in a system that is not honest with them.
And the Prime Minister has the audacity to speak of “forgiving” students.
He has not met a single grieving parent. He has not sat with a single student whose future was stolen by a leaked paper.
India’s students do not need his forgiveness. They are owed his apology.
दो ही ऑप्शन हो सकते हैं 👇
1. गृह मंत्री ने छात्रों को मारने का ऑर्डर दिया
2. गृह मंत्री को मालूम नहीं था कि छात्रों पर फायरिंग होगी
पहले केस में गृह मंत्री 'दोषी' हैं, दूसरे केस में वो 'अयोग्य' हैं।
अगर गृह मंत्री ने कुछ नहीं किया, तो वे संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं?
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया - गृह मंत्री अमित शाह।
मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया।
आज शाम 6 बजे - प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।
माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.
@AmitShah ji, I have two questions:
1. Did you approve the use of lethal force, including pellet guns, against students? If not, who did?
2. Were the men in plain clothes beating students with lathis police personnel or volunteers? Who authorised their deployment?
Desh jawab maang raha hai.
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
ये हमारे छात्रों की जीत है, जो हिंदुस्तान के भविष्य हैं।
देश की शिक्षा व्यवस्था की कभी दुनिया में तारीफ होती थी, लेकिन पिछले कुछ साल से इसपर कब्ज़ा किया जा रहा है। RSS ने दीमक बनकर एजुकेशन सिस्टम को खोखला कर दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार, अयोग्यता और शिक्षा व्यवस्था की तबाही का symbol थे और अच्छा हुआ कि ये symbol हट गया।
मगर अब शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।
छात्रों की दो और मांगे हैं, जिन्हें हमें नहीं भूलना नहीं है 👇
• छात्रों से बर्बरता करने वालों पर कड़ा एक्शन हो
• नरेंद्र मोदी देश के सभी छात्रों से माफी मांगे
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
इस प्यार का कर्ज कैसे चुकाएंगे? Jantar Mantar जश्न में Abhinav Pandey से लिपट कर रो पड़े बच्चे...
Full Video:
https://t.co/Crqj3ZzpK0
@Abhinav_Pan | CJP | CJP Protests | Gen Z Protests
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
सरकार! हमारे देश के बच्चे सड़क पर सो रहे हैं 💔
कहाँ से ये बच्चे चाइना और पाकिस्तान के लग रहे हैं?
कहाँ से लग रहा है कि इन बच्चों की फंडिंग हो रही है?
कहाँ से ये आपको एंटीनेशनल रहे हैं?
Where do these children look Chinese or Pakistani?
What makes it seem like they are being funded?
What makes you think they are anti-national?
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
देश के बच्चे Jantar Mantar के फुटपाथ पर सो रहे हैं, और TV Media PM Modi की Reel पर जश्न मना रहा है
अगर आपके सीने में इंसान का दिल है तो पिघल जाएगा,पत्थर हो चुके हैं तो मत देखिए