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पुणे में शहीद कैप्टन विनायक गोरे की मां। उनका 3 मिनट का भाषण न सिर्फ सुनने लायक है, बल्कि फैलाने लायक भी हैं।ये संवाद कितनी भी बार सुनना चाहिए।👏🇮🇳🪷 (Mrs Anuradha Gore 🫡🫡🙏🙏)
ये हैं मिरियम…
कोलंबिया की रहने वाली 67 वर्षीय महिला, जिन्होंने चुगली को ही कमाई का जरिया बना लिया है। 😂
बताया जाता है कि मिरियम मोहल्ले की महिलाओं की बातें ध्यान से सुनती हैं और सारी बातें अपनी डायरी में लिख लेती हैं।
फिर जिस महिला की चुगली होती है, उसके पास जाकर वही राज बताने के बदले ₹1,000 से ₹2,000 तक चार्ज करती हैं।
एक बार तो एक महिला ने अपनी चुगली गुप्त रखने के लिए मिरियम को ₹15,000 दिए थे, लेकिन दूसरी तरफ से ₹25,000 मिलने पर उन्होंने कथित तौर पर पूरा राज खोल दिया।
दावा है कि मिरियम ने इसी अनोखे कारोबार से दो घर तक खरीद लिए।
अब सोचिए, अगर हमारे मोहल्लों में भी चुगली का ऐसा कारोबार शुरू हो गया तो कमाई होगी या फिर रोज़ किसी न किसी के घर में पंचायत बैठेगी?
🎉 Happy Birthday To You Vaanya ji 🥳
🎉फूलों ने अमृत का जाम भेजा है
सूरज ने गगन से सलाम भेजा है
मुबारक हो आपको आपका जन्मदिन
तहे-दिल से हमने ये पैगाम भेजा है 🥳
🎊
ख्वाहिश के समंदर के सब मोती नसीब हों
तेरे चाहने वाले सब तेरे हरदम करीब हों
कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम कि तेरी हर दुआ हर ख्वाहिश कबूल हो 🫡
🎉 जन्मदिन की लाख-लाख बधाई Vaanya ji 🥳
क्या रील बनाने के लिए किसी को भी बदनाम करना जरूरी है।
क्या बगैर मोबाइल के rapido बुक हो सकती है?
इस वायरल वीडियो में लड़की कहती है के वह स्कूल से पिकनिक के लिए आई हुईं थी।
स्टूडेंट की संख्या 300 थी और पिकनिक स्पॉट से स्कूल जाते समय स्कूल वाले उसे छोड़ गए।
वह लड़की rapido बुक करती और rapido वाले से मोबाइल मांगती है कि उसे अपनी टीचर को कॉल करना है।
अगर लड़की के पास rapido बुक करने के लिए मोबाइल था तो उस ने उसी मोबाइल से अपनी टीचर को कॉल क्यों नहीं की।
आखिर कार लड़की क्या करना चाहती थी कमेंट में ज़रूर बताईए।
नेपाल की इस लड़की की आंखों में आंसू हैं और हाथ जुड़े हुए हैं… वजह सिर्फ एक सरदार जी हैं।
कैमरे के सामने रोते हुए नेपाली लड़की ने कहा इन भैया ने नेपाल के लिए जो किया, उसके लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं।
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद कई परिवार खाने-पीने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान थे। बताया जाता है कि ये सरदार जी भारत से राशन और जरूरी सामान लेकर नेपाल पहुंचे, लेकिन बॉर्डर पर उन्हें भारत से लाया गया सामान आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिली।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उन्होंने नेपाल से ही जरूरी राशन, पानी और अन्य सामान खरीदा और फिर उन जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया, जो मुश्किल हालात में मदद का इंतजार कर रहे थे।
ना कोई धर्म देखा, ना कोई देश…
बस इंसान को इंसान समझकर मदद की।
यही असली इंसानियत है।
सरदार जी को दिल से सलाम।
क्यां विज्ञापनों के लिये सेंसर बोर्ड जैसी कोई अधिकृत संस्था नहीं है जिसकें माध्यम सें ऐसी अभद्र विज्ञापनों पर कठोर अंकुश लगे जो हमारी संस्कृति को नष्ट करने निकली हुई है
जागरूक जनता ने JIVA ज्वेलर्स ब्रांड को एवं अभिनेत्री कृति सेनन के दिमाग को ठिकाने तो लगा ही दिया है